भारत ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई; रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये बताए, जो साल-दर-साल 62.6 प्रतिशत की उछाल है
7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये बताया, जो वार्षिक 62.6 प्रतिशत की वृद्धि है, यह BrahMos, Akash-NG, लोइटरिंग मूनिशन्स तथा Netra AEW&C निर्यात के बल पर हुई।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ है, जो 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद 7 मई 2025 को शुरू किया गया 96 घंटे का त्रि-सेना अभियान था
- वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये पहुंचा, रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार साल-दर-साल 62.6 प्रतिशत की वृद्धि
- जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच 24,000 करोड़ रुपये के नए निर्यात ऑर्डर बुक हुए, BrahMos, Akash-NG, लोइटरिंग मूनिशन्स तथा Netra AEW&C के बल पर
- निजी क्षेत्र ने 17,352 करोड़ रुपये का योगदान दिया (कुल निर्यात का लगभग आधा) जिसमें वार्षिक 54 प्रतिशत वृद्धि
- रक्षा मंत्रालय ने पिछले वर्ष में 6.81 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी दी, जिसमें ड्रोन, एंटी-ड्रोन प्रणाली, सटीक गोला-बारूद की आपातकालीन खरीद शामिल
भारत ने 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई, जो 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को शुरू किया गया 96 घंटे का त्रि-सेना अभियान था। इस वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्रालय ने आंकड़े जारी किए जिनके अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.6 प्रतिशत की वार्षिक उछाल है। जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच 24,000 करोड़ रुपये के नए निर्यात ऑर्डर बुक किए गए, जिनमें मुख्य रूप से BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली, Akash-NG वायु रक्षा प्रणाली, स्वदेशी लोइटरिंग मूनिशन्स तथा Netra एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल मंच शामिल हैं। पहली बार निजी रक्षा क्षेत्र ने कुल निर्यात में लगभग आधा योगदान दिया जो 17,352 करोड़ रुपये रहा, इसमें वार्षिक 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों के बीच बढ़ती सहयोग की भावना प्रदर्शित की और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की भारत की खोज से राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली ताकत को रेखांकित किया। इस अभियान में सौ से अधिक आतंकवादियों का सफाया, 13 पाकिस्तानी विमानों का विनाश और ग्यारह हवाई अड्डों को क्षति पहुंचाई गई थी, तथा हवा से प्रक्षेपित BrahMos मिसाइल की उन्नत प्रतिरक्षा भेदने की क्षमता को सिद्ध किया गया। रक्षा मंत्रालय ने पिछले वर्ष में 6.81 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी दी है, जिसमें ड्रोन, एंटी-ड्रोन प्रणाली, सटीक गोला-बारूद और सुरक्षित संचार के लिए आपातकालीन खरीद शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू किया गया और इसका कारण क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को 96 घंटे के त्रि-सेना अभियान के रूप में शुरू किया गया था।
2 रक्षा मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में कुल रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो साल-दर-साल 62.6 प्रतिशत की वृद्धि है।
3 नए निर्यात ऑर्डर का बड़ा हिस्सा किन प्लेटफॉर्म से आया?
BrahMos क्रूज मिसाइल प्रणाली, Akash-NG वायु रक्षा प्रणाली, स्वदेशी लोइटरिंग मूनिशन्स और Netra AEW&C प्लेटफॉर्म ने मिलकर जुलाई 2025 से मार्च 2026 के बीच बुक किए गए 24,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर के बड़े हिस्से को संचालित किया।
4 रक्षा निर्यात में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी कितनी रही?
निजी क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में 17,352 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जो कुल निर्यात का लगभग आधा है, और इसमें साल-दर-साल 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
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