प्रकाशित: 2 मार्च 2026समाचार स्रोतस्वास्थ्य
विश्व श्रवण दिवस 2026: WHO ने 20वीं वर्षगांठ 'समुदायों से कक्षाओं तक: सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल' विषय पर मनाई
3 मार्च 2026 को विश्व श्रवण दिवस (WHD) मनाया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नेतृत्व में इस वार्षिक वैश्विक जागरूकता आयोजन की 20वीं वर्षगांठ है। 2026 का विषय है 'समुदायों से कक्षाओं तक: सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल', जो दो प्राथमिकताओं पर केंद्रित है: बचपन में होने वाली रोकथाम योग्य श्रवण हानि की रोकथाम और श्रवण हानि वाले बच्चों की शीघ्र पहचान व उचित देखभाल सुनिश्चित करना।
WHO के अनुसार विश्व में 3.4 करोड़ से अधिक बच्चे अक्षमकारी श्रवण हानि से पीड़ित हैं, और बचपन की 60% से अधिक श्रवण हानि को समय पर टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव पद्धतियों और ओटोटॉक्सिक दवाओं से बचाव जैसे हस्तक्षेपों से रोका जा सकता है। भारत में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत बधिरता की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPPCD) कार्यरत है। नवजात शिशु श्रवण जांच और विद्यालय स्तरीय ऑडियोलॉजिकल सेवाओं से शीघ्र पहचान भारत के स्वास्थ्य ढांचे में अभी भी एक महत्वपूर्ण कमी है, विशेष रूप से ग्रामीण राजस्थान में जहां विशेषज्ञों तक पहुंच सीमित है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: विश्व श्रवण दिवस 2026 के महत्व और ग्रामीण क्षेत्रों में बाल श्रवण हानि से निपटने में भारत की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
3 मार्च 2026 को विश्व श्रवण दिवस की 20वीं वर्षगाँठ मनाई गई, जिसकी विषयवस्तु थी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल। दुनिया भर में 3.4 करोड़ से अधिक बच्चे ऐसी श्रवण हानि से ग्रस्त हैं जो अक्षमता पैदा करती है, और इनमें से 60 प्रतिशत मामले रोके जा सकते हैं। भारत का एनपीपीसीडी श्रवण विकारों से निपटता है, पर ग्रामीण राजस्थान में नवजात जाँच और श्रवण-विज्ञान संबंधी सेवाएँ अब भी अपर्याप्त हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्व श्रवण दिवस कब मनाया जाता है और 2026 का विषय क्या था?
विश्व श्रवण दिवस प्रत्येक वर्ष 3 मार्च को मनाया जाता है। 2026 का विषय 'समुदायों से कक्षाओं तक: सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल' था। यह WHO पहल की 20वीं वर्षगाँठ को रेखांकित करता है और बच्चों के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप तथा श्रवण देखभाल तक पहुँच पर केंद्रित है।
विश्व में कितने बच्चे दिव्यांगता पैदा करने वाली श्रवण हानि से पीड़ित हैं और कितने प्रतिशत मामले रोके जा सकते हैं?
विश्व श्रवण दिवस 2026 पर WHO के आंकड़ों के अनुसार विश्व में 3.4 करोड़ से अधिक बच्चे दिव्यांगता पैदा करने वाली श्रवण हानि से पीड़ित हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से 60% मामले टीकाकरण, सुरक्षित श्रवण पद्धतियों, प्रारंभिक जाँच और समय पर चिकित्सा देखभाल जैसे उपायों से रोके जा सकते हैं।
2050 तक वैश्विक श्रवण हानि के बारे में WHO का क्या अनुमान है?
WHO का अनुमान है कि 2050 तक विश्व में लगभग 2.5 अरब लोग किसी न किसी स्तर की श्रवण हानि से प्रभावित होंगे, जिससे यह एक बड़ी वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन जाएगी। यह अनुमान बताता है कि रोकथाम के उपायों, प्रारंभिक पहचान और सस्ती श्रवण देखभाल प्रणालियों को तुरंत मजबूत करना जरूरी है।
भारत का राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम (NPPCD) क्या है?
राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम और नियंत्रण कार्यक्रम (NPPCD) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत चलाया जाने वाला भारत सरकार का कार्यक्रम है, जो श्रवण स्वास्थ्य से जुड़ा है। यह श्रवण दोष की प्रारंभिक पहचान, श्रवण यंत्रों की आपूर्ति और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण पर केंद्रित है।
नवजात शिशुओं की श्रवण जाँच क्यों महत्वपूर्ण है और यह विश्व श्रवण दिवस के संदेश से कैसे जुड़ती है?
नवजात श्रवण जाँच से जन्म के समय श्रवण हानि की जल्दी पहचान हो जाती है, इसलिए समय पर हस्तक्षेप किया जा सकता है; इससे वाणी और विकास में देरी रोकी जा सकती है। WHO और विश्व श्रवण दिवस के पैरोकार इस बात पर जोर देते हैं कि जीवन के पहले कुछ महीनों में शुरुआती पहचान बच्चों के सामान्य भाषा विकास के लिए महत्वपूर्ण है; यही 2026 के विषय का केंद्र है।