UPSC 2023 Prelims-GS-I — विगत वर्ष प्रश्न उत्तर सहित
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या सहित 100 प्रश्न।
- प्रश्न 1
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। झेलम नदी जम्मू-कश्मीर स्थित वुलर झील से होकर बहती है, जो एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है। कथन 2 गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश की कोल्लेरू झील में कृष्णा नदी सीधे जल नहीं डालती; इसमें मुख्यतः बुदामेरू और तम्मीलेरू नदियाँ गिरती हैं, यद्यपि यह कृष्णा एवं गोदावरी डेल्टाओं के मध्य स्थित है। कथन 3 भी गलत है क्योंकि बिहार की कँवर ताल झील गंडक नदी की सहायक धाराओं विशेषतः बूढ़ी गंडक के विसर्पण से बनी मानी जाती है, अतः परंपरागत उत्तर-कुंजी इसे असंगत मानती है।
- प्रश्न 2
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
दो युग्म सही सुमेलित हैं। कामराजर बंदरगाह (पूर्व नाम एन्नोर) कंपनी अधिनियम के अंतर्गत सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत होने वाला भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह है, अतः युग्म 1 सही है। मुंद्रा बंदरगाह, जिसका संचालन अदाणी पोर्ट्स करता है, भारत का सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला वाणिज्यिक बंदरगाह है, अतः युग्म 2 भी सही है। युग्म 3 गलत है क्योंकि विशाखापत्तनम सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह नहीं है; न्हावा शेवा स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट देश में सर्वाधिक कंटेनर यातायात संभालता है।
- प्रश्न 3
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
सूचीबद्ध तीनों वृक्ष पर्णपाती श्रेणी में आते हैं। कटहल अपनी पत्तियाँ ऋतु अनुसार गिराता है और इसे उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वृक्ष के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। महुआ मध्य भारत के वनों का प्रसिद्ध पर्णपाती वृक्ष है, जिसके पुष्प और बीज ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सागौन प्रायद्वीपीय भारत के आर्द्र एवं शुष्क पर्णपाती वनों का प्रमुख वृक्ष है तथा शुष्क ऋतु में अपनी पत्तियाँ पूरी तरह गिरा देता है। अतः तीनों ही पर्णपाती वृक्षों की कसौटी पर खरे उतरते हैं और सही उत्तर सभी तीन है।
- प्रश्न 4
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। भारत का कृषियोग्य क्षेत्र चीन की तुलना में अधिक है; भारत में लगभग पंद्रह करोड़ साठ लाख हेक्टेयर कृषियोग्य भूमि है जबकि चीन में लगभग ग्यारह करोड़ नब्बे लाख हेक्टेयर। कथन 2 गलत है क्योंकि भारत में सिंचित क्षेत्र का अनुपात चीन के समान या उससे थोड़ा कम है, अधिक नहीं। कथन 3 भी गलत है, क्योंकि चावल और गेहूँ जैसी प्रमुख फसलों में चीन की प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता भारत से कहीं अधिक है। अतः केवल पहला कथन ही तथ्यतः सही ठहरता है।
- प्रश्न 5
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कच्छ का रन समुद्र तल में बारंबार गिरावट से बनी विशाल वर्तमान दलदली भूमि का सर्वोत्तम उदाहरण है। भूगर्भीय दृष्टि से रन कभी अरब सागर की उथली खाड़ी था, परंतु क्रमिक सामुद्रिक प्रत्यावर्तन तथा विवर्तनिक उत्थान ने इसे विशाल लवणीय दलदल में बदल दिया, जो मानसून में जलमग्न होकर ग्रीष्म में लवण मरुस्थल में परिवर्तित हो जाता है। भीतरकनिका मैंग्रोव डेल्टा है, मारक्कणम के नमक क्षेत्र मानवनिर्मित हैं तथा नौपाडा अन्य प्रक्रियाओं से बना तटीय दलदल है, अतः कोई भी इस वर्णन से मेल नहीं खाता।
- प्रश्न 6
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
इल्मेनाइट और रूटाइल दोनों ही टाइटेनियम के महत्वपूर्ण अयस्क हैं। ये भारत में केरल के चावरा, तमिलनाडु के मनवलकुरिची तथा ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों की अपोढ़ बालुओं में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इन खनिजों से प्राप्त टाइटेनियम का उपयोग वायुयान निर्माण की मिश्र धातुओं, चिकित्सा प्रत्यारोपणों, रंजकों जैसे टाइटेनियम डाइऑक्साइड (पेंट तथा कागज में प्रयुक्त) और उच्च शक्ति इंजीनियरिंग उत्पादों में होता है। एल्युमिनियम बॉक्साइट से, ताँबा चाल्कोपाइराइट से तथा लोहा हेमेटाइट या मैग्नेटाइट से प्राप्त होता है, अतः सही उत्तर टाइटेनियम है।
- प्रश्न 7
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
विश्व का लगभग तीन-चौथाई कोबाल्ट कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में उत्पादित होता है। इस देश के कटांगा एवं लुआलाबा प्रांत विश्व की सबसे समृद्ध ताँबा-कोबाल्ट पट्टी का हिस्सा हैं, जहाँ कोबाल्ट प्रायः ताँबा खनन के सहोत्पाद के रूप में निकाला जाता है। कोबाल्ट विद्युत वाहनों में प्रयुक्त लिथियम-आयन बैटरियों के कैथोड हेतु अनिवार्य कच्चा माल है, और कांगो की निकट-एकाधिकार स्थिति आपूर्ति शृंखला तथा नैतिक चिंताओं को जन्म देती है। अर्जेंटीना, बोत्सवाना तथा कज़ाख़िस्तान इस पैमाने पर कोबाल्ट उत्पादक नहीं हैं।
- प्रश्न 8
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
कैमरून कांगो बेसिन का अंग है। कांगो बेसिन छह देशों में विस्तारित है—कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, कांगो गणराज्य, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, कैमरून, इक्वेटोरियल गिनी तथा गैबॉन। नाइजीरिया का जल नाइजर नदी प्रणाली के माध्यम से बहता है, दक्षिण सूडान नील बेसिन में आता है तथा युगांडा का जल विक्टोरिया झील के द्वारा नील में मिलता है। अतः चारों विकल्पों में से केवल कैमरून ही कांगो बेसिन के जलनिकास और वर्षावन क्षेत्र में योगदान देता है, इसलिए सही उत्तर यही है।
- प्रश्न 9
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कोई भी कथन सही नहीं है। अमरकंटक की पहाड़ियाँ विंध्य, सतपुड़ा तथा मैकल श्रृंखलाओं के संगम पर स्थित हैं, न कि विंध्य और सह्याद्रि के, अतः कथन 1 गलत है। कर्नाटक स्थित बिलिगिरिरंगन पहाड़ियाँ पश्चिमी और पूर्वी घाटों के बीच एक सेतु बनाती हैं; ये सतपुड़ा शृंखला का पूर्वतम भाग नहीं हैं, अतः कथन 2 भी गलत है। आंध्र प्रदेश की शेषाचलम पहाड़ियाँ पूर्वी घाटों का भाग हैं, पश्चिमी घाटों का सबसे दक्षिणी भाग नहीं, अतः कथन 3 भी असंगत है।
- प्रश्न 10 · Indian Economy
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
स्वर्णिम चतुर्भुज (5,846 किमी, NHDP चरण I) दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता जोड़ता है। 2001 में PM वाजपेयी के तहत शुरू। NS-EW कॉरिडोर श्रीनगर-कन्याकुमारी और सिलचर-पोरबंदर (7,142 किमी)।
- प्रश्न 11
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है क्योंकि भारत के पास यूरेनियम भंडार होने के बावजूद देश की लगभग सत्तर से पचहत्तर प्रतिशत बिजली कोयले से उत्पन्न होती है, जबकि परमाणु ऊर्जा का योगदान केवल लगभग तीन प्रतिशत है। कथन-II गलत है क्योंकि वाणिज्यिक विद्युत-रिएक्टरों में सामान्यतः तीन से पाँच प्रतिशत तक संवर्धित निम्न-संवर्धित यूरेनियम का उपयोग होता है; साठ प्रतिशत या उससे अधिक संवर्धन शस्त्र-स्तरीय या शोध-रिएक्टर ईंधन से जुड़ा होता है, बिजली उत्पादन से नहीं। अतः कथन-I सही परंतु कथन-II तथ्यतः अशुद्ध है।
- प्रश्न 12
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है: कंगारू, कोआला तथा वोम्बैट जैसे मार्सूपियल भारत में स्वाभाविक रूप से नहीं पाए जाते; इनका प्राकृतिक क्षेत्र ऑस्ट्रेलिया, न्यू गिनी तथा अमेरिकी महाद्वीप है। कथन-II गलत है क्योंकि मार्सूपियल मरुस्थल, वर्षावन, घास के मैदान तथा वनभूमि सहित विविध पारितंत्रों में निवास करते हैं और परभक्षियों के साथ सहअस्तित्व बनाए रखते हैं; वे केवल परभक्षीविहीन पर्वतीय घास के मैदानों तक सीमित नहीं हैं। अतः केवल कथन-I सत्य है जबकि कथन-II एक मनगढ़ंत पारिस्थितिकीय सामान्यीकरण है।
- प्रश्न 13
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
वैश्विक आक्रामक प्रजाति डेटाबेस का विकास करने वाला 'इन्वैसिव स्पीशीज स्पेशलिस्ट ग्रुप' (आईएसएसजी) IUCN की प्रजाति उत्तरजीविता आयोग का हिस्सा है। आईएसएसजी जैव विविधता पर आक्रामक विदेशी प्रजातियों से उत्पन्न खतरों पर विशेषज्ञ सलाह देता है तथा जैविक विविधता अभिसमय के अनुच्छेद 8(ज) के क्रियान्वयन में सहयोग करता है। UNEP, विश्व पर्यावरण और विकास आयोग तथा WWF इस विशेषज्ञ समूह की मेज़बानी नहीं करते। अतः सही उत्तर अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ है, जो जैव विविधता संरक्षण की वैश्विक प्राधिकारी संस्था मानी जाती है।
- प्रश्न 14
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
सूचीबद्ध प्रजातियों में केवल एक ही सामान्यतः रात्रिचर मानी जाती है। सिंह-पुच्छी मकाक पूर्णतः दिनचर है तथा वर्षावन की चोटी पर दिन में भोजन ढूँढ़ता है। मलाबार सिवेट मुख्यतः रात्रिचर है और सूर्यास्त के बाद शिकार करता है, अतः वही इस वर्णन के अनुरूप एकमात्र प्रजाति है। साम्भर हिरण मुख्यतः गोधूलि-सक्रिय है, जो सायं और प्रातः सक्रिय रहता है, परंतु इसे कठोर अर्थ में रात्रिचर नहीं माना जाता; आधिकारिक कुंजी भी केवल मलाबार सिवेट को रात्रिचर मानती है, अतः उत्तर एक है।
- प्रश्न 15
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
मधुमक्खियाँ प्रसिद्ध 'वैगल नृत्य' करती हैं, जिसका अर्थ-निर्धारण नोबेल पुरस्कार विजेता कार्ल फॉन फ्रिश ने किया था; इसके माध्यम से वे छत्ते की अन्य कर्मी मधुमक्खियों को भोजन-स्रोत की दिशा और दूरी की सूचना देती हैं। नृत्य की धुरी का ऊर्ध्वाधर छत्ते से बना कोण सूर्य के सापेक्ष दिशा बताता है, और उसकी अवधि दूरी सूचित करती है। तितलियाँ, व्याध-पतंग तथा बर्र इस प्रकार का प्रतीकात्मक संप्रेषण नहीं करतीं; यह नृत्य सामाजिक एपिस मधुमक्खियों, विशेषतः यूरोपीय मधुमक्खी एपिस मेलिफेरा, का अनूठा गुण है।
- प्रश्न 16
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
चारों कथन सही हैं। अनेक कुकुरमुत्तों में औषधीय गुण प्रलेखित हैं; गैनोडर्मा ल्यूसिडम तथा लेन्टिनुला एडोडेस जैसी प्रजातियाँ पारम्परिक एवं आधुनिक चिकित्सा में प्रयुक्त होती हैं। सायलोसाइब वंश की कुछ प्रजातियाँ मन-मस्तिष्क पर प्रभाव डालने वाले क्षाराभ रखती हैं। कुछ कवक कीटनाशी उपापचयज उत्पन्न करते हैं तथा ब्यूवेरिया जैसी प्रजातियाँ जैव-कीटनाशक के रूप में उपयोग होती हैं। माईसीना क्लोरोफॉस एवं ओम्फेलोटस जैसी अनेक कवक प्रजातियों में जैव-संदीप्ति का गुण भी पाया जाता है, जिससे वे अंधेरे में चमकती हैं। अतः चारों तथ्य पुष्ट हैं।
- प्रश्न 17
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
केवल कथन 3 सही है। भारतीय गिलहरियाँ, विशेषकर सामान्य ताड़-गिलहरी फ़्यूनाम्बुलस पाल्मारम तथा बड़ी भारतीय विशाल गिलहरी, अपना घोंसला वृक्षों की कोटरों एवं डालों पर बनाती हैं, ज़मीन में बिल नहीं बनातीं; अतः कथन 1 ग़लत है। ये भोजन प्रायः वृक्ष के खोखलों, छाल की दरारों एवं कोटरों में संचित करती हैं, मिट्टी में नहीं; अतः कथन 2 भी ग़लत है। ये नट, फल, बीज, कीट, अंडे एवं छोटे कशेरुकी जीव खाती हैं, जिससे वे सर्वाहारी श्रेणी में आती हैं; इसलिए कथन 3 सत्य है।
- प्रश्न 18
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
तीनों कथन सही हैं। पाइरोलोबस फ्यूमारी जैसे अति-तापरागी सूक्ष्मजीव गहरे समुद्री ऊष्मीय छिद्रों के निकट 100 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान पर भी पनपते हैं, अतः कथन 1 सत्य है। अंटार्कटिक के कुछ शीत-रागी जीवाणु शून्य से नीचे तापमान वाले लवणीय जल एवं बर्फ़ में जीवित रहते हैं, अतः कथन 2 सत्य है। अम्ल-रागी पिक्रोफ़िलस प्रजातियाँ अम्लीय खान-स्रावों एवं ज्वालामुखीय झरनों जैसे स्थानों पर pH एक से भी कम मान पर बढ़ती हैं, अतः कथन 3 सत्य है। सूक्ष्मजीवीय जीवन भौतिक-रासायनिक चरम सीमाओं की विशाल परिधि में फैला है।
- प्रश्न 19
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
ओरंग-उटान के विषय में अच्छी तरह प्रलेखित है कि वे लकड़ियों को औज़ार में ढालकर वृक्षों एवं तने के छिद्रों से कीट, शहद अथवा बीज निकालते हैं। सुमात्रा एवं बोर्नियो में किए गए क्षेत्र अध्ययनों में देखा गया है कि ये टहनियों से पत्तियाँ हटाकर बनाई गई छड़ों से दीमक, चींटियाँ तथा फँसे बीज प्राप्त करते हैं। मछली पकड़ने वाली बिल्ली पानी से मछली निकालती है, ऊदबिलाव इस प्रकार औज़ार नहीं बनाते, और स्लॉथ भालू कीटों के बिल तोड़ने हेतु लम्बी थूथन एवं पंजों का उपयोग करता है। अतः सही उत्तर ओरंग-उटान है।
- प्रश्न 20
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
हाइड्रोफ्लोरोकार्बन का प्रयोग चार में से तीन सूचीबद्ध अनुप्रयोगों में होता है। ये एयरोसोल में प्रणोदक के रूप में, फ़ोम बनाने में फुलाव-कारक के रूप में तथा अग्नि-शामकों में हैलोन के स्थानापन्न के रूप में उपयोग होते हैं; अतः विकल्प 1, 2 एवं 3 सही हैं। स्नेहक प्रायः खनिज अथवा संश्लेषित तेलों पर आधारित होते हैं और उनमें HFC का सामान्यतया प्रयोग नहीं होता, अतः विकल्प 4 ग़लत है। हाइड्रोफ्लोरोकार्बन प्रबल हरितगृह गैसें हैं और मॉन्ट्रियल सन्धि के किगाली संशोधन के अंतर्गत इनके चरणबद्ध उन्मूलन का प्रावधान किया गया है।
- प्रश्न 21
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कथन-I ग़लत है। InvIT में इकाई-धारकों को वितरित ब्याज आय सामान्यतः उनकी आय में करयोग्य होती है, जबकि लाभांश यदि InvIT ने रियायती कर व्यवस्था नहीं अपनाई हो तो छूट प्राप्त हो सकता है; अतः कथन वास्तविक कर-व्यवहार को उलट कर प्रस्तुत करता है। कथन-II सही है क्योंकि InvIT को SARFAESI अधिनियम, 2002 के अंतर्गत ऋणी की परिभाषा में सम्मिलित किया गया है, जिससे प्रतिभूत लेनदार उनके विरुद्ध प्रतिभूति-हित प्रवर्तित कर सकते हैं। इस प्रकार कथन-I ग़लत किन्तु कथन-II सही है।
- प्रश्न 22
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं, परन्तु कथन-II कथन-I की पूर्ण व्याख्या नहीं है। कोविड-19 महामारी के पश्चात् अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व, यूरोपीय केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड तथा भारतीय रिज़र्व बैंक सहित अनेक केंद्रीय बैंकों ने मुद्रास्फीति से लड़ने हेतु नीतिगत दरें आक्रामक रूप से बढ़ाईं, जिससे कथन-I पुष्ट होता है। कथन-II इस सामान्य सिद्धांत को व्यक्त करता है कि मौद्रिक प्राधिकारियों के अनुसार ब्याज दर के उपकरण उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति पर अंकुश लगा सकते हैं। यह सिद्धान्त-कथन महामारी-पश्चात् वृद्धि के समय अथवा परिमाण की व्याख्या स्वयं नहीं करता।
- प्रश्न 23
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है क्योंकि कार्बन बाज़ार, चाहे यूरोपीय संघ की उत्सर्जन व्यापार प्रणाली जैसे अनुपालन-आधारित हों या स्वैच्छिक, उत्सर्जन पर मूल्य लगाकर जलवायु परिवर्तन शमन हेतु सर्वाधिक व्यापक बाज़ार-आधारित उपकरणों में गिने जाते हैं। कथन-II ग़लत है, क्योंकि कार्बन बाज़ार सामान्यतः निजी सहभागियों के बीच अर्थात् उत्सर्जकों से शमनकर्ताओं को तथा विकसित अर्थव्यवस्थाओं के क्रेताओं से विकासशील देशों के परियोजना मेज़बानों को संसाधन हस्तांतरित करते हैं; ये मूलतः निजी क्षेत्र से राज्य को संसाधन-अंतरण नहीं हैं। अतः केवल कथन-I सत्य है।
- प्रश्न 24
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
निर्जलीकरण अर्थात् स्टरलाइज़ेशन से तात्पर्य उन कार्यों से है जिनके द्वारा केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा हस्तक्षेपों या पूँजी प्रवाहों के घरेलू मुद्रा-आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को निरस्त करता है। प्रमुख उपकरण खुले बाज़ार परिचालन हैं, जिनमें भारतीय रिज़र्व बैंक विदेशी मुद्रा खरीदने पर सृजित रुपया तरलता को सोखने हेतु सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है, अथवा विदेशी मुद्रा बेचने पर तरलता प्रवाहित करने हेतु प्रतिभूतियाँ ख़रीदता है। भुगतान प्रणालियों की निगरानी, सरकारों के लिए ऋण एवं नकदी प्रबंधन तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं का विनियमन केंद्रीय बैंक के पृथक कार्य हैं और निर्जलीकरण का अंग नहीं हैं।
- प्रश्न 25
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
पूँजी बाज़ार दीर्घकालीन निधियों से सम्बंधित होते हैं, सामान्यतः एक वर्ष से अधिक परिपक्वता वाले उपकरणों में लेनदेन करते हैं। सूचीबद्ध चार में से सरकारी बॉण्ड बाज़ार तथा शेयर बाज़ार निःसन्देह पूँजी बाज़ार हैं, क्योंकि वे दीर्घावधि प्रतिभूतियों एवं इक्विटी शेयरों का व्यवहार करते हैं। कॉल मनी बाज़ार रात्रिकालीन से पाक्षिक तक के अंतर-बैंक उधार से जुड़ा है तथा ट्रेज़री बिल बाज़ार 364 दिन तक की संप्रभु प्रतिभूतियों से सम्बद्ध है; ये दोनों मुद्रा बाज़ार के अंग हैं, पूँजी बाज़ार के नहीं। अतः केवल दो ही पूँजी बाज़ार माने जाएँगे।
- प्रश्न 26
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
लघु किसान विशाल खेत संकल्पना, जिसे ICRISAT तथा NITI आयोग ने राज्य सरकारों के सहयोग से प्रवर्तित किया, में किसी सटे हुए क्षेत्र के अनेक सीमांत किसान समूह बनाकर बुआई, सिंचाई, फसल-संरक्षण एवं कटाई जैसी चयनित कृषि-क्रियाओं को समकालिक एवं सामंजस्यपूर्ण ढंग से करते हैं। एक विशाल खेत की भाँति कार्य करते हुए वे भूमि स्वामित्व त्यागे बिना पैमाने की मितव्ययिता एवं उत्तम मोल-तोल शक्ति प्राप्त करते हैं। यह विशेषता इसे संविदा खेती, कॉर्पोरेट के समक्ष भूमि-त्याग अथवा शरणार्थी पुनर्वास योजनाओं से अलग करती है, जो शेष विकल्पों में वर्णित हैं।
- प्रश्न 27
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
तीनों कथन सही हैं। भारत सरकार रामतिल बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले नौ तिलहनों में सम्मिलित करते हुए घोषित करती है, जिससे कथन 1 पुष्ट होता है। रामतिल की बुआई दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ होती है तथा कटाई शीत ऋतु में होती है, अतः इसे खरीफ़ फसल के रूप में उगाया जाता है, जिससे कथन 2 पुष्ट होता है। रामतिल बीज के तेल का परम्परागत निष्कर्षण एवं भोजन में प्रयोग ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र की जनजातीय जनसमुदायों द्वारा होता आया है।
- प्रश्न 28
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
चार में से तीन परिसम्पत्तियाँ अमूर्त हैं। ब्रांड पहचान भौतिक वस्तु न होकर सद्भाव का प्रतिनिधित्व करती है, अतः अमूर्त परिसम्पत्ति है। पेटेंट एवं ट्रेडमार्क जैसे बौद्धिक सम्पदा अधिकार पारम्परिक अमूर्त परिसम्पत्तियाँ हैं। ग्राहकों की डाक-सूची लेखांकन मानकों के अंतर्गत अमूर्त परिसम्पत्ति मानी जाती है क्योंकि उसका मूल्य भौतिक स्वरूप से नहीं अपितु सूचना से प्राप्त होता है। इसके विपरीत, माल-सूची विक्रय अथवा उत्पादन हेतु रखी भौतिक वस्तुओं से बनी होती है तथा एक मूर्त चालू परिसम्पत्ति मानी जाती है, अतः अमूर्तों की संख्या तीन है।
- प्रश्न 29
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
पंद्रहवें वित्त आयोग ने क्षैतिज विभाजन हेतु छह मानदण्डों का प्रयोग किया: जनसंख्या, क्षेत्रफल, आय-दूरी, जनसांख्यिकीय निष्पादन, वन एवं पारिस्थितिकी, तथा कर एवं राजकोषीय प्रयास। प्रश्न में अपवर्जित तीन (जनसंख्या, क्षेत्रफल एवं आय-दूरी) के अतिरिक्त, आयोग द्वारा अपनाए गए शेष मानदण्ड जनसांख्यिकीय निष्पादन, वन एवं पारिस्थितिकी, तथा कर एवं राजकोषीय प्रयास हैं। शासन सुधार एवं स्थिर सरकार आयोग के औपचारिक मानदण्डों में सम्मिलित नहीं थे। अतः सूचीबद्ध पाँच में से चार वस्तुएँ, अर्थात् विकल्प 1, 2, 3 एवं 5, प्रयुक्त हुए थे।
- प्रश्न 30
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
UNOPS की धारणीय अवसंरचना एवं नवाचार निवेश पहल अपने निवेशों को तीन प्राथमिकता क्षेत्रों पर केंद्रित करती है: किफ़ायती आवास, नवीकरणीय ऊर्जा तथा स्वास्थ्य अवसंरचना। यह अपने प्रकाशित अधिदेश में सामूहिक तीव्र परिवहन को प्रमुख क्षेत्र के रूप में सूचीबद्ध नहीं करती। इस प्रकार सूचीबद्ध चार में से तीन क्षेत्र अर्थात् किफ़ायती आवास, स्वास्थ्य देखभाल तथा नवीकरणीय ऊर्जा सही हैं, जबकि सामूहिक तीव्र परिवहन इस पहल के घोषित निवेश-दायरे से बाहर है, जिससे उत्तर तीन प्राप्त होता है।
- प्रश्न 31
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
विधि की उचित प्रक्रिया का सार है विधि का न्यायसंगत अनुप्रयोग। इसके अनुसार किसी व्यक्ति को जीवन, स्वतंत्रता या संपत्ति से वंचित करने वाली कोई भी विधि अपनी विषय-वस्तु तथा प्रक्रिया दोनों दृष्टियों से न्यायसंगत, उचित एवं तर्कपूर्ण होनी चाहिए। यह भारतीय 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' की संकीर्ण अवधारणा से व्यापक है। प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत और विधि के समक्ष समानता संबद्ध परंतु भिन्न संकल्पनाएं हैं, जबकि विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया अनुच्छेद 21 का शाब्दिक मानक है। मेनका गांधी वाद के पश्चात भारतीय न्यायशास्त्र में अंगीकृत इस अमेरिकी अवधारणा का अर्थ विधि का न्यायसंगत अनुप्रयोग ही है।
- प्रश्न 32
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
दोनों कथन तथ्यतः सही हैं। भारत में जेलों का प्रशासन राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है तथा प्रत्येक राज्य के अपने जेल नियमावली एवं नियम हैं, क्योंकि जेल विषय राज्य सूची के अंतर्गत आता है, जिससे कथन-I सत्यापित होता है। जेल अधिनियम 1894, जो आज भी मूल वैधानिक ढांचा प्रदान करता है, औपनिवेशिक काल में पारित हुआ था और इसने जेल प्रशासन को स्पष्ट रूप से प्रांतीय सरकारों के हाथों में सौंपा, जिससे कथन-II पुष्ट होता है। तथापि कथन-II औपनिवेशिक वैधानिक पृष्ठभूमि का वर्णन करता है और वर्तमान संघीय व्यवस्था का प्रत्यक्ष कारण नहीं है, अतः सही होते हुए भी कथन-I का स्पष्टीकरण नहीं है।
- प्रश्न 33
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
किसी संविधान का प्रमुख प्रयोजन शासन की शक्तियों को परिभाषित करना तथा सीमित करना है। यद्यपि संविधान राजनीतिक पदों का सृजन भी करते हैं, विधायन के लक्ष्य निर्धारित करते हैं तथा सामाजिक न्याय की आकांक्षा रखते हैं, परंतु संवैधानिक सिद्धांत में इनका मूल कार्य राज्य का गठन करना, उसके अंगों के बीच शक्तियों का बंटवारा करना तथा मौलिक अधिकारों, शक्ति-पृथक्करण, न्यायिक पुनरावलोकन एवं विधि के शासन के माध्यम से उन शक्तियों पर प्रवर्तनीय सीमाएं लगाना है। शेष विकल्प आनुषंगिक प्रयोजनों का वर्णन करते हैं, परंतु राज्य-शक्ति को संगठित और संयमित करने का यह प्रमुख प्रयोजन नहीं हैं।
- प्रश्न 34
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
1951 के प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम को मौलिक अधिकारों संबंधी न्यायिक व्याख्याओं, विशेषतः भूमि सुधार और आरक्षण पर पटना तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालयों के निर्णयों, की काट के लिए अधिनियमित माना जाता है। इसने अनुच्छेद 31क और 31ख तथा नवीं अनुसूची को संविधान में जोड़ा ताकि कृषि सुधार विधियों को न्यायिक चुनौती से बचाया जा सके, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर युक्तियुक्त निर्बंधन लगाए, और सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए विशेष उपबंध करने की राज्य की शक्ति को स्पष्ट किया। इस प्रकार यह संशोधन उन प्रारंभिक न्यायिक निर्णयों का प्रत्युत्तर था जो इन शक्तियों को सीमित कर रहे थे।
- प्रश्न 35
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
उल्लिखित चार में से केवल एक निकाय संवैधानिक है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को 102वें संविधान संशोधन अधिनियम 2018 के द्वारा अनुच्छेद 338ख जोड़कर संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया, अतः सूची में यही एकमात्र संवैधानिक निकाय है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अधीन एक सांविधिक निकाय है; राष्ट्रीय विधि आयोग सरकारी आदेश से गठित कार्यपालक निकाय है; तथा राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सांविधिक निकाय है। अतः इन चारों में से केवल एक संवैधानिक निकाय की श्रेणी में आता है।
- प्रश्न 36
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
तीनों कथन गलत हैं। अनुच्छेद 71(2) उपबंधित करता है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा चुनाव अमान्य घोषित किए जाने की तिथि से पूर्व राष्ट्रपति द्वारा किए गए कार्य विधिमान्य बने रहते हैं, अतः कथन 1 गलत है। अनुच्छेद 62 के अनुसार राष्ट्रपति पद की रिक्ति भरने का चुनाव कुछ राज्य विधानसभाओं के विघटित होने मात्र के कारण स्थगित नहीं किया जा सकता, अतः कथन 2 गलत है। अनुच्छेद 111 राष्ट्रपति को किसी विधेयक पर अनुमति देने हेतु कोई विशिष्ट समय-सीमा निर्धारित नहीं करता, अतः कथन 3 भी गलत है। इसलिए कोई भी कथन सही नहीं है।
- प्रश्न 37
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। ऐसा वित्त विधेयक जो धन विधेयक नहीं है, सामान्य विधायी प्रक्रिया का अनुसरण करता है, अतः राज्य सभा उसमें संशोधन कर सकती है अथवा उसे अस्वीकार कर सकती है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 109 के अंतर्गत राज्य सभा धन विधेयक को अस्वीकार ही नहीं कर सकती; वह केवल चौदह दिन के भीतर सिफारिशों के साथ उसे लौटा सकती है। कथन 3 भी गलत है क्योंकि अनुच्छेद 108 स्पष्ट रूप से धन विधेयकों को संयुक्त बैठकों से अपवर्जित करता है, और सामान्य विधेयकों तथा वित्त विधेयकों हेतु संयुक्त बैठक संभव तो है, परंतु अनिवार्य नहीं बनाई गई है।
- प्रश्न 38
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
व्याख्या जल्द उपलब्ध होगी।
- प्रश्न 39 · Geography of India
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
राजस्थान (3,42,239 वर्ग किमी) क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा राज्य है, उसके बाद मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र। गोवा सबसे छोटा राज्य है।
- प्रश्न 40
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है। उच्चतम न्यायालय ने इंदिरा साहनी तथा एम. नागराज जैसे वादों में अभिनिर्धारित किया कि अनुच्छेद 16(4) के अंतर्गत आरक्षणों को अनुच्छेद 335 में उल्लिखित प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने की अपेक्षा के साथ संतुलित किया जाना चाहिए। कथन-II गलत है क्योंकि अनुच्छेद 335 'प्रशासन की दक्षता' पद को परिभाषित नहीं करता; वह केवल राज्य को निदेश देता है कि वह अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के दावों पर दक्षता बनाए रखने के अनुरूप विचार करे, परंतु इस पद को अपरिभाषित ही छोड़ देता है। अतः कथन-I सही है किंतु कथन-II गलत है।
- प्रश्न 41
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
धान्यकटक, अर्थात् वर्तमान अमरावती के निकट कृष्णा नदी के निचले प्रवाह पर स्थित धरणीकोट, आंध्र क्षेत्र में स्थित था और महासांघिक तथा बाद में चैत्यक संप्रदायों के अधीन एक प्रमुख बौद्ध केंद्र के रूप में फला-फूला। यहाँ अमरावती का महान स्तूप तथा संबद्ध विहार सातवाहन एवं इक्ष्वाकु राजाओं के संरक्षण में विकसित हुए। गांधार उत्तर-पश्चिम में था, कलिंग तटवर्ती ओडिशा में स्थित था, और मगध दक्षिणी बिहार में था; इनमें से किसी ने भी धान्यकटक को नहीं समाहित किया। अतः सही क्षेत्र आंध्र है।
- प्रश्न 42
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
दो कथन सही हैं। स्तूप सामान्यतः बुद्ध अथवा महत्त्वपूर्ण भिक्षुओं के अवशेषों के निक्षेप-स्थल के रूप में निर्मित किए जाते थे, जिससे कथन 2 पुष्ट होता है, और बौद्ध परंपरा में वे मनौती तथा स्मारक संरचनाओं के रूप में कार्य करते थे, जिससे कथन 3 पुष्ट होता है। कथन 1 गलत है क्योंकि समाधि-टीले की अवधारणा बौद्ध धर्म से पूर्व की है तथा यह वैदिक एवं अन्य पूर्वकालीन भारतीय अंत्येष्टि प्रथाओं में विद्यमान थी; स्वयं बुद्ध ने अपने अवशेषों के विषय में निर्देश देते समय विद्यमान स्तूप परंपराओं का उल्लेख किया था। अतः तीन में से दो कथन सही हैं।
- प्रश्न 43
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
कोरकई, पुहार (कावेरीपट्टनम) तथा मुचिरि (मुजिरिस) संगम युग में दक्षिण भारत के प्रसिद्ध प्राचीन बंदरगाह थे। ताम्रपर्णी मुहाने पर स्थित कोरकई पाण्ड्यों का प्रमुख मोती-संग्रहण बंदरगाह था; कावेरी मुहाने पर स्थित पुहार चोलों का बंदरगाह था जो रोम तथा दक्षिण-पूर्व एशिया से व्यापार में रत था; तथा केरल में पेरियार नदी पर स्थित मुचिरि चेरों का महान वाणिज्य-केंद्र था जहाँ रोमन जलयान काली मिर्च के बदले स्वर्ण उतारते थे। ये राजधानियाँ, लौह-इस्पात केंद्र अथवा जैन तीर्थ नहीं थे, अपितु प्रमुख समुद्री व्यापारिक बंदरगाह थे।
- प्रश्न 44
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
संगम काव्यों में उल्लिखित 'वट्टकिरुतल' उस प्रथा को निर्दिष्ट करता है जिसमें युद्ध में पराजित राजा उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठकर अनशन द्वारा आत्मत्याग करता था। इसे राजा की गरिमा बनाए रखने वाला सम्मानजनक अंत माना जाता था और संगम कवियों ने इसकी प्रशंसा की है। शेष विकल्प असंबद्ध रीतियों का वर्णन करते हैं: स्त्री अंगरक्षिकाएँ, राजसभा की दार्शनिक सभाएँ तथा युवतियों द्वारा खेतों की रखवाली ये सब तमिल प्रथाएँ अवश्य थीं, परंतु इनमें से किसी को भी 'वट्टकिरुतल' पद से अभिहित नहीं किया जाता था।
- प्रश्न 45
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
उल्लिखित चारों राजवंशों में से कोई भी आठवीं शताब्दी ईस्वी के प्रारंभ में स्थापित नहीं हुआ था। होयसल कर्नाटक में दसवीं-ग्यारहवीं शताब्दी के अंत में उभरे; कन्नौज के गहड़वाल ग्यारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में सामने आए; वारंगल के काकतीयों ने बारहवीं शताब्दी में अपनी शक्ति सुदृढ़ करना आरम्भ किया; और देवगिरि के यादवों ने बारहवीं शताब्दी के अंत में अपना स्वतंत्र राज्य स्थापित किया। ये चारों उत्तर-पूर्वमध्यकालीन काल के राज्य हैं, अतः आठवीं शताब्दी के प्रारंभ में स्थापित होने वाले राजवंशों की सही संख्या शून्य है।
- प्रश्न 46
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
दो युग्म सही सुमेलित हैं। हम्मीर-महाकाव्य की रचना नयचंद्र सूरी ने रणथंभौर के चौहान शासक हम्मीरदेव के जीवन पर की थी, अतः युग्म 2 सही है। नीतिवाक्यामृत जैन विद्वान सोमदेव सूरी की राजनीति विषयक कृति है, जिससे युग्म 4 सही ठहरता है। युग्म 1 गलत है क्योंकि देवीचंद्रगुप्त नाटक की रचना विशाखदत्त ने की थी, बिल्हण ने नहीं; बिल्हण ने विक्रमांकदेवचरित लिखा। युग्म 3 भी गलत है क्योंकि मिलिंदपन्ह यवन राजा मिनेंडर तथा बौद्ध भिक्षु नागसेन के पाली संवादों की कृति है, इसके रचयिता नागार्जुन नहीं हैं।
- प्रश्न 47
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
जैन धर्म की मान्यता है कि आत्मा अर्थात जीव केवल पशु-पक्षियों एवं वनस्पतियों में ही नहीं, बल्कि जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी तथा शिलाओं और धूलकणों जैसे सूक्ष्म पदार्थों में भी विद्यमान है। इसी सिद्धांत के कारण जैन परंपरा में समस्त जीवों के प्रति अहिंसा का कठोर पालन अनिवार्य माना गया है। बौद्ध धर्म स्थायी आत्मा को नकारता है और चेतना केवल प्राणियों तक सीमित मानता है। शैव तथा वैष्णव मत आस्तिक हिंदू परंपराएँ हैं और निर्जीव तत्वों में आत्मा का विस्तार इस रूप में नहीं करतीं। अतः कथन जैन तत्वमीमांसा से निकटतम मेल खाता है।
- प्रश्न 48
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
विजयनगर के संगम वंश के शासक देवराय प्रथम ने तुंगभद्रा नदी पर एक विशाल बाँध तथा अनेक किलोमीटर लंबी नहर-सह-जलसेतु का निर्माण कराया, जिससे राजधानी विजयनगर अर्थात आज के हम्पी तक जल पहुँचाया जा सका। पंद्रहवीं सदी के आरंभ में बने इन जल-संरचनाओं ने नगर की कृषि एवं पेयजल आपूर्ति को अत्यधिक सुदृढ़ किया। मल्लिकार्जुन, वीर विजय तथा विरूपाक्ष परवर्ती अथवा अपेक्षाकृत कमजोर शासक थे और इस स्तर की सिंचाई परियोजनाओं से उनका कोई संबंध दर्ज नहीं है, अतः सही उत्तर देवराय प्रथम हैं।
- प्रश्न 49
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने 1535 ईस्वी में बेसिन की संधि के अंतर्गत दीव पुर्तगालियों को सौंप दिया था। मुगल सम्राट हुमायूँ के विरुद्ध सहायता पाने के बदले में पुर्तगालियों को दीव में किला बनाने की अनुमति दी गई और बदले में उन्होंने नौसैनिक सहयोग का वचन दिया। अहमद शाह तथा महमूद बेगड़ा पूर्वकालीन गुजरात सुल्तान थे जिन्होंने पुर्तगालियों से युद्ध किया था, उन्होंने दीव नहीं सौंपा। मुहम्मद शाह का दीव अधिग्रहण से कोई संबंध नहीं है। अतः सही उत्तर बहादुर शाह ही हैं, जिन्होंने राजनीतिक विवशता में यह कदम उठाया।
- प्रश्न 50
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
1833 के चार्टर अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल घोषित किया गया, जिससे लॉर्ड विलियम बेंटिक को यह नया पद प्राप्त हुआ और विधायी शक्तियाँ भारत सरकार में केंद्रित हो गईं। 1773 के रेगुलेटिंग अधिनियम ने केवल बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद सृजित किया था, 1784 के पिट्स इंडिया अधिनियम ने कंपनी के शासन का पुनर्गठन किया तथा 1793 के चार्टर अधिनियम ने कंपनी के अधिकारपत्र का नवीनीकरण किया, परंतु इनमें से किसी ने भी गवर्नर-जनरल को अखिल भारतीय स्तर तक नहीं उठाया। यह परिवर्तन 1833 के अधिनियम ने ही किया।
- प्रश्न 51
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
दो कथन सही हैं। जननी सुरक्षा योजना का लक्ष्य गरीब गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव को नकद सहायता के माध्यम से प्रोत्साहित कर मातृ एवं नवजात मृत्यु दर कम करना है, अतः कथन 2 तथा 3 सही हैं। कथन 1 गलत है क्योंकि यह केवल राज्य सरकारों की पहल नहीं, बल्कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित योजना है जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित है। कथन 4 भी गलत है क्योंकि एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं की देखभाल जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आती है, जननी सुरक्षा योजना के नहीं। अतः कुल दो कथन सही हैं।
- प्रश्न 52
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
दो कथन सही हैं। एनीमिया मुक्त भारत रणनीति में बच्चों एवं किशोरों के लिए आवधिक कृमिनाशन का प्रावधान है तथा स्थानिक क्षेत्रों में मलेरिया, हीमोग्लोबिन विकार और फ्लोरोसिस जैसे एनीमिया के गैर-पोषण कारणों को भी संबोधित किया जाता है, इससे कथन 3 तथा 4 सही ठहरते हैं। कथन 1 गलत है क्योंकि सूचीबद्ध समूहों को रोगनिरोधी रूप में आयरन-फॉलिक एसिड पूरक दिया जाता है, कैल्शियम नहीं। कथन 2 भी गलत है क्योंकि नवजात शिशु देखभाल के अंतर्गत विलंबित गर्भनाल कटाई एक चिकित्सीय अभ्यास है, परंतु यह एनीमिया मुक्त भारत द्वारा स्वतंत्र अभियान के रूप में नहीं चलाया जाता।
- प्रश्न 53
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। कार्बन फाइबर अपने उच्च शक्ति-से-भार अनुपात के कारण ऑटोमोबाइल, विमान, पवन टरबाइन के ब्लेड तथा खेलकूद के सामान बनाने में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं, अतः इनका उपयोग वाहनों एवं विमानों के पुर्जों में निर्विवाद रूप से होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि कार्बन फाइबर मिश्र पदार्थों को सॉल्वोलिसिस, पायरोलिसिस तथा यांत्रिक पीसन जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा पुनर्चक्रित किया जा सकता है और रेशे पुनः उपयोग में लाए जा सकते हैं, यद्यपि यह धातुओं की अपेक्षा अधिक कठिन है। अतः पुनर्चक्रण असंभव होने का दावा तथ्यतः अनुचित है।
- प्रश्न 54
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
त्वरणमापी एक या अधिक अक्षों पर त्वरण को मापते हैं और तीनों उल्लिखित क्रियाओं में इनकी भूमिका केंद्रीय है। वाहनों में टक्कर सेंसर तीव्र मंदन का पता लगाकर एयरबैग खोलने का संकेत देते हैं, लैपटॉप की हार्ड-ड्राइव सुरक्षा प्रणाली लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग के मुक्त-पतन त्वरण को पहचानकर पठन-लेखन सिर को सुरक्षित स्थान पर पार्क कर देती है, तथा स्मार्टफोन त्वरणमापी के आँकड़ों से उपकरण के झुकाव को भाँपकर लंबवत और क्षैतिज प्रदर्शन के बीच स्वचालित रूप से बदल जाता है। अतः तीनों परिदृश्यों में त्वरणमापी का कार्य अनिवार्य है।
- प्रश्न 55
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल कथन 2 सही है। पुनर्चक्रण मत्स्यपालन प्रणालियों में जैव-निस्यंदक उन नाइट्रीकारी जीवाणुओं को आश्रय देते हैं जो मछलियों द्वारा उत्सर्जित विषैले अमोनिया को नाइट्रीकरण प्रक्रिया के माध्यम से कम विषैले नाइट्रेट में बदल देते हैं, अतः कथन 2 सत्य है। कथन 1 गलत है क्योंकि बिना खाए रह गए चारे को मुख्यतः यांत्रिक छन्ने और ठोस पदार्थ हटाने वाले उपकरण निकालते हैं, जैव-निस्यंदक नहीं। कथन 3 भी गलत है क्योंकि जैव-निस्यंदक मछलियों के लिए फॉस्फोरस की उपलब्धता नहीं बढ़ाते; उल्टे फॉस्फोरस का संचय जल-गुणवत्ता संबंधी चिंता बन जाती है जिसे संचालक सीमित रखने का प्रयास करते हैं।
- प्रश्न 56
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल एक युग्म सही सुमेलित है। पल्सर वस्तुतः न्यूट्रॉन तारे होते हैं जो भारी तारों के जीवन-अंत में हुए संकुचन से बनते हैं और किरणपुंज के रूप में विकिरण उत्सर्जित करते हैं, अतः युग्म 3 सही है। युग्म 1 गलत है क्योंकि सेफीड स्पंदित परिवर्ती तारे हैं जो आवधिक रूप से चमकते और मद्धिम पड़ते हैं, न कि धूल और गैस के विशाल बादल। युग्म 2 भी गलत है क्योंकि निहारिकाएँ अंतरिक्ष में धूल एवं गैस के विशाल बादल हैं, न कि आवधिक रूप से चमकने वाले तारे; प्रश्न में दिए गए विवरण आपस में बदल दिए गए हैं। अतः केवल युग्म 3 सही है।
- प्रश्न 57
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
सूचीबद्ध देशों में केवल जापान अपनी स्वयं की उपग्रह नौवहन प्रणाली संचालित करता है। जापान की क्वासी-ज़ेनिथ सैटेलाइट सिस्टम, जिसे मिचिबिकी कहा जाता है, एशिया-ओशिनिया क्षेत्र में GPS को संवर्धित और पूरक रूप से सहायता पहुँचाती है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा तथा इज़राइल अपनी स्वतंत्र तारामंडल प्रणाली नहीं रखते और GPS जैसी विदेशी प्रणालियों पर निर्भर हैं। अन्य प्रमुख स्वतंत्र नौवहन प्रणालियाँ संयुक्त राज्य अमेरिका की GPS, रूस की GLONASS, यूरोपीय संघ की गैलीलियो, चीन की बेइदोऊ तथा भारत की NavIC हैं, परंतु दिए गए विकल्पों में जापान ही सही उत्तर है।
- प्रश्न 58
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
दोनों कथन गलत हैं। बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र प्रारंभिक चरण में रॉकेट से प्रेरित होकर उड़ान भरते हैं और उसके बाद गुरुत्व के अधीन बैलिस्टिक प्रक्षेप पथ पर चलते हैं, जबकि क्रूज प्रक्षेपास्त्र अपनी अधिकांश उड़ान के दौरान जेट इंजन से चलते हैं और प्रायः अवध्वनिक या परा-ध्वनिक गति बनाए रखते हैं, अतः कथन 1 दोनों तकनीकों का वर्णन उलट देता है। कथन 2 भी गलत है क्योंकि अग्नि-V एक लंबी दूरी का ठोस ईंधन वाला बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र है, क्रूज प्रक्षेपास्त्र नहीं, और ब्रह्मोस एक परा-ध्वनिक क्रूज प्रक्षेपास्त्र है, ठोस ईंधन वाला अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र नहीं। अतः दोनों कथन तथ्यतः अशुद्ध हैं।
- प्रश्न 59
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
तीनों कथन सही हैं। शिल्प तथा छोटे पैमाने का स्वर्ण खनन अमलगमेशन के लिए तत्व पारे का उपयोग करता है और यह विश्व में मानवजनित पारा उत्सर्जन का सबसे बड़ा एकल स्रोत है, अतः कथन 1 सत्य है। कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र दहन के समय कोयले में मौजूद पारे को मुक्त करते हैं, जिससे वे एक और प्रमुख उत्सर्जन स्रोत बन जाते हैं, अतः कथन 2 सत्य है। WHO तथा अन्य अभिकरण मानते हैं कि पारे की प्रबल तंत्रिका विषाक्तता और खाद्य शृंखला में जैव-संचय को देखते हुए इसके संपर्क का कोई ज्ञात सुरक्षित स्तर नहीं है, अतः कथन 3 भी सत्य है।
- प्रश्न 60
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
हरित हाइड्रोजन के विषय में तीनों कथन सही हैं। इसे संशोधित आंतरिक दहन इंजनों में सीधे ईंधन के रूप में जलाया जा सकता है, अतः कथन 1 सही है। इसे पाइपलाइनों में प्राकृतिक गैस के साथ मिलाकर ऊष्मा अथवा विद्युत उत्पादन हेतु जलाया जा सकता है और कई देशों में इस तरह के मिश्रण के पायलट प्रयोग पहले से चल रहे हैं, अतः कथन 2 सही है। हाइड्रोजन ईंधन सेल में ऑक्सीजन के साथ विद्युतरासायनिक अभिक्रिया द्वारा विद्युत उत्पन्न कर इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने में इसका उपयोग किया जा सकता है, अतः कथन 3 भी सही है। इसलिए तीनों उपयोग सही ढंग से पहचाने गए हैं।
- प्रश्न 61
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
सूची में दिए देशों में से केवल दो देश यूक्रेन के साथ स्थलीय सीमा साझा करते हैं — हंगरी और रोमानिया। यूक्रेन के स्थलीय पड़ोसी रूस, बेलारूस, पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी, रोमानिया और मोल्दोवा हैं। बुल्गारिया यूक्रेन से नहीं लगता; उनके बीच रोमानिया और काला सागर पड़ता है। चेक गणराज्य की सीमा स्लोवाकिया, पोलैंड और जर्मनी से लगती है, यूक्रेन से नहीं। लातविया और लिथुआनिया बाल्टिक राज्य हैं जो यूक्रेन को नहीं छूते; लिथुआनिया की सीमा बेलारूस और पोलैंड से लगती है। अतः सूची में से केवल हंगरी और रोमानिया ही यूक्रेन के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।
- प्रश्न 62
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
पृथ्वी से उत्सर्जित तथा सौर विकिरण में मौजूद अवरक्त तरंगों का अधिकांश भाग जलवाष्प द्वारा अवशोषित होता है, जो मुख्यतः निम्न क्षोभमंडल में संकेंद्रित रहती है; यही अवशोषण प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव का आधार है। विकल्प (क) गलत है क्योंकि भूमध्य रेखा को ध्रुवों की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक सूर्यातप मिलता है, दस गुना नहीं। विकल्प (ख) गलत है क्योंकि अवरक्त लगभग आधा भाग बनाती है, दो-तिहाई नहीं। विकल्प (घ) गलत है क्योंकि अवरक्त दृश्य वर्णक्रम के परे होती है, उसके भीतर नहीं।
- प्रश्न 63
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कथन-I गलत है। उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की मिट्टी आमतौर पर पोषक तत्वों में निर्धन होती है; पोषक तत्व खड़े जैव-भार में संचित रहते हैं तथा शीघ्र पुनःचक्रित होते हैं, जबकि भारी वर्षा मिट्टी से पोषकों का निक्षालन कर देती है। कथन-II सही है क्योंकि वर्षावनों की उच्च तापमान और आर्द्रता के कारण वन-तल पर पड़ा कार्बनिक पदार्थ बहुत तीव्रता से अपघटित होता है, अतः पोषक तत्व मिट्टी में संचित होने के बजाय तत्काल पौधों द्वारा पुनः अवशोषित कर लिए जाते हैं। अतः कथन-I गलत और कथन-II सही है।
- प्रश्न 64
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं और कथन-II कथन-I की उचित व्याख्या करता है। स्थल की सतहें महासागरों की तुलना में शीघ्रता से गर्म और ठंडी होती हैं क्योंकि जल की विशिष्ट ऊष्मा भूमि से कहीं अधिक है, इसलिए महासागर ऊष्मा को धीरे-धीरे अवशोषित और मुक्त करते हैं। परिणामस्वरूप महाद्वीपों और महासागरों के बीच तापमान का अंतर ग्रीष्मकाल में अधिकतम होता है, जब महाद्वीप तीव्रता से तप जाते हैं किंतु महासागर अपेक्षाकृत ठंडे रहते हैं, और शीतकाल में यह अंतर घट जाता है। अतः कथन-II कथन-I की सही व्याख्या है।
- प्रश्न 65
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं। P तरंगें प्राथमिक भूकंपीय तरंगें होती हैं जो S तरंगों की तुलना में अधिक तीव्रता से चलती हैं और भूकंपलेखी पर सबसे पहले अंकित होती हैं, अतः कथन 1 सही है। P तरंगें अनुदैर्ध्य संपीडनात्मक तरंगें हैं जिनमें कण संचरण की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें हैं जिनमें कण संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, अतः कथन 2 भी सही है। इस प्रकार दोनों विवरण भूकंप के समय अभिलिखित होने वाली कायिक तरंगों के व्यवहार का सटीक प्रतिनिधित्व करते हैं।
- प्रश्न 66
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कोई भी कथन सही नहीं है। तटीय क्षेत्रों में स्थित कई भारतीय कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्र शीतलन हेतु समुद्री जल का उपयोग करते हैं, जिनमें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात की इकाइयाँ शामिल हैं, अतः कथन 1 गलत है। मध्य और पश्चिमी भारत के अनेक जल-तनावग्रस्त जिलों में भी तापीय संयंत्र स्थित हैं, जहाँ कृषि और शहरी आपूर्ति से प्रतिस्पर्धा तीव्र है, अतः कथन 2 गलत है। अदाणी पावर, टाटा पावर, रिलायंस और JSW जैसी प्रमुख निजी कंपनियाँ कोयला-आधारित तापीय संयंत्र संचालित करती हैं, अतः कथन 3 भी गलत है।
- प्रश्न 67
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
वोल्बाकिया विधि मच्छरों द्वारा फैलने वाले डेंगू, ज़ीका, चिकनगुनिया और पीत ज्वर जैसे विषाणुजनित रोगों के नियंत्रण की एक तकनीक है। मच्छरों, विशेषकर एडीज एजिप्टाई, को वोल्बाकिया जीवाणु से संक्रमित किया जाता है, जो उनकी इन विषाणुओं को संचारित करने की क्षमता में बाधा डालता है। इंडोनेशिया, ब्राज़ील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में वर्ल्ड मॉस्किटो प्रोग्राम के कार्यक्रमों ने वोल्बाकिया-युक्त मच्छरों के निर्मोचन के बाद डेंगू के मामलों में बड़ी कमी दिखाई है। यह विधि फसल अवशेषों से पैकेजिंग, जैव-निम्नीकरणीय प्लास्टिक या जैव-कोयला उत्पादन से संबंधित नहीं है।
- प्रश्न 68
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
तीनों गतिविधियाँ कार्बन कैप्चर एवं पृथक्करण के अंतर्गत चर्चित हैं। कृषि भूमि पर बारीक पिसा हुआ बेसाल्ट फैलाना उन्नत शैल अपक्षय का एक रूप है जिसमें सिलिकेट खनिज कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया कर उसे अवशोषित कर लेते हैं, अतः गतिविधि 1 सही है। चूना मिलाकर महासागरीय क्षारीयता बढ़ाना समुद्र की CO2 ग्रहण क्षमता बढ़ाने हेतु प्रस्तावित समुद्री कार्बन-निष्कासन तकनीक है, अतः गतिविधि 2 सही है। औद्योगिक CO2 को कार्बोनेटेड जल के रूप में परित्यक्त खानों जैसी भूगर्भीय संरचनाओं में अंतःक्षेपित करना भूगर्भीय CO2 भंडारण का अंग है, अतः गतिविधि 3 भी सही है।
- प्रश्न 69
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
वायवीय मेटाजीनोमिक्स से अभिप्राय किसी विशेष आवास की वायु से पर्यावरणीय DNA नमूने एकत्र करने और उनका अनुक्रमण करके यह पहचानने से है कि उस वायु में किन-किन जीवों की आनुवंशिक सामग्री विद्यमान है। हाल के अध्ययनों में चिड़ियाघरों और जंगलों में वायु छन्नकों का उपयोग कर स्तनधारियों से लेकर कीटों तक की प्रजातियों को वायुजनित DNA से पहचाना गया है। अन्य विकल्प पक्षी-आनुवंशिकी, ड्रोन से पशुओं का रक्त-संग्रहण और दुर्गम क्षेत्रों से दूरस्थ नमूना संग्रह की बात करते हैं, जिनमें से कोई भी वायु-DNA नमूनाकरण की केंद्रीय अवधारणा को नहीं समेटता।
- प्रश्न 70
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
माइक्रोसैटेलाइट DNA, जिसे लघु अनुक्रमित पुनरावृत्तियाँ भी कहते हैं, में जीनोम भर बिखरे छोटे दोहराए जाने वाले अनुक्रम होते हैं और यह अत्यधिक बहुरूपी होता है। इसका व्यापक उपयोग प्रजातियों और जनसंख्याओं के बीच आनुवंशिक विविधता, जनसंख्या-संरचना और विकासात्मक संबंधों के अध्ययन में होता है क्योंकि व्यक्तियों और प्रजातियों में पुनरावृत्ति की संख्या भिन्न होती है। इसका उपयोग स्टेम-कोशिका विभेदन को निर्देशित करने, बागवानी पौधों के क्लोनिंग या क्लीनिकल परीक्षणों में औषधि-मूल्यांकन हेतु नहीं होता। अतः सबसे उपयुक्त उपयोग विभिन्न प्राणी प्रजातियों के बीच विकासात्मक संबंधों का अध्ययन है।
- प्रश्न 71
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
केवल कथन 2 सही है। MSME अधिनियम, 2006 में 2020 में संशोधन कर मध्यम उद्यमों की पुनर्परिभाषा की गई — संयंत्र और मशीनरी में निवेश पचास करोड़ रुपये तक तथा कारोबार दो सौ पचास करोड़ रुपये तक, अतः कथन 1 के आँकड़े गलत हैं। कथन 2 सही है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक के प्राथमिकता क्षेत्र उधार दिशानिर्देशों के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को दिए गए सभी बैंक ऋण ऋण के आकार पर ध्यान दिए बिना प्राथमिकता क्षेत्र अग्रिम के रूप में मान्य होते हैं।
- प्रश्न 72
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं। केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राएँ केंद्रीय बैंक द्वारा जारी डिजिटल पर्सों के बीच मूल्य के सीधे हस्तांतरण की अनुमति देती हैं, अतः सीमापारीय भुगतान अमेरिकी डॉलर या SWIFT संदेश-प्रणाली के बिना भी निपटाए जा सकते हैं, अतः कथन 1 सही है। CBDC को समाप्ति तिथि अथवा कुछ विशिष्ट वस्तुओं की खरीद पर प्रतिबंध जैसी शर्तों के साथ प्रोग्राम भी किया जा सकता है, जिससे लक्षित कल्याणकारी अंतरण और समयबद्ध प्रोत्साहन संभव होते हैं, अतः कथन 2 भी सही है। प्रोग्रामेबिलिटी और डॉलर-SWIFT तंत्र को दरकिनार करने की क्षमता CBDC की व्यापक रूप से उद्धृत विशेषताएँ हैं।
- प्रश्न 73
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
वित्त के क्षेत्र में बीटा एक संख्यात्मक मान है जो किसी शेयर के प्रतिफल की समग्र शेयर बाज़ार की चालों के प्रति संवेदनशीलता को मापता है। एक से अधिक बीटा बाज़ार से अधिक अस्थिरता दर्शाता है, एक से कम बीटा कम अस्थिरता दर्शाता है, और ऋणात्मक बीटा विपरीत दिशा में गति का सूचक होता है। अन्य विकल्प आर्बिट्राज, पोर्टफोलियो जोखिम-प्रतिफल रणनीतियों और बेसिस जोखिम जैसी अलग अवधारणाएँ हैं। बीटा कैपिटल एसेट प्राइसिंग मॉडल का केंद्रबिंदु है तथा प्रणालीगत बाज़ार जोखिम के सापेक्ष अपेक्षित प्रतिफल का अनुमान लगाने में प्रयुक्त होता है।
- प्रश्न 74
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
दो कथन सही हैं। स्वयं सहायता समूह में सभी सदस्य समूह द्वारा लिए गए ऋणों के लिए संयुक्त दायित्व प्रदान करते हैं; यदि कोई एक सदस्य चूकता है तो शेष सदस्य उत्तरदायित्व साझा करते हैं, अतः कथन 2 सही है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक दोनों NABARD की SHG-बैंक लिंकेज योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को वित्तपोषित करते हैं, अतः कथन 3 सही है। कथन 1 गलत है क्योंकि SHG-बैंक लिंकेज कार्यक्रम मूलतः 1992 में NABARD द्वारा आरंभ किया गया था, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा नहीं, यद्यपि बाद में SBI इसमें प्रमुख भागीदार बना।
- प्रश्न 75
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं, परंतु कथन-II कथन-I की व्याख्या नहीं है। भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली ऐतिहासिक रूप से अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से दी जाने वाली उपचारात्मक देखभाल पर बल देती रही है, जबकि निवारक, संवर्धक और पुनर्वासात्मक सेवाओं में निवेश तुलनात्मक रूप से सीमित रहा है, अतः कथन-I सही है। सातवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वास्थ्य राज्य का विषय है, अतः स्वास्थ्य सेवाओं के संगठन का प्राथमिक उत्तरदायित्व राज्यों पर है, अतः कथन-II भी सही है। तथापि उत्तरदायित्व का यह संघीय बँटवारा स्वयं उपचारात्मक झुकाव का कारण नहीं है, इसलिए दूसरा कथन पहले की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता।
- प्रश्न 76
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है। संयुक्त राष्ट्र विश्व जल विकास रिपोर्ट, 2022 के अनुसार भूजल का सर्वाधिक दोहन भारत में होता है, जो वैश्विक भूजल निकासी का लगभग पच्चीस प्रतिशत है। कथन-II ग़लत है क्योंकि भारत में निकाले गए भूजल का अधिकांश भाग कृषि सिंचाई में खर्च होता है, न कि पेयजल और स्वच्छता में, और इस आँकड़े का सम्बन्ध जनसंख्या के अनुपात से जोड़कर समझाना भी रिपोर्ट की व्याख्या के अनुरूप नहीं है। अतः केवल कथन-I सही ठहरता है।
- प्रश्न 77
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। अनुच्छेद 355 संघ पर यह कर्तव्य आरोपित करता है कि वह प्रत्येक राज्य की बाह्य आक्रमण और आन्तरिक अशान्ति से रक्षा करे, अतः कथन 1 ठीक है। कथन 2 ग़लत है क्योंकि अनुच्छेद 22 कुछ निवारक निरोध मामलों को छोड़कर विधिक सलाह का अधिकार देता है; संविधान सामान्यतः राज्यों को विधिक सहायता देने से छूट नहीं देता। कथन 3 भी ग़लत है क्योंकि आतंकवाद निवारण अधिनियम, 2002 के अन्तर्गत निर्धारित श्रेणी के पुलिस अधिकारी के समक्ष किया गया स्वीकारोक्ति बयान, सुरक्षोपायों के अधीन, साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य था।
- प्रश्न 78
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
सोमालिया दशकों से गृहयुद्ध, अल-शबाब आतंकवाद, बार-बार आने वाले सूखों और गम्भीर खाद्यान्न संकट से जूझ रहा है। वर्ष 2022 और 2023 में संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य मानवीय एजेंसियों ने सोमालिया में अति गम्भीर अकाल की चेतावनी जारी की थी, इसी कारण यह देश सुर्ख़ियों में रहा। अंगोला 2002 में गृहयुद्ध समाप्ति के बाद अपेक्षाकृत स्थिर रहा है, जबकि कोस्टा रिका और इक्वेडोर लातीनी अमेरिकी देश हैं जिनमें इस प्रकार का अकाल और दीर्घकालीन संघर्ष नहीं है। अतः सही उत्तर सोमालिया है।
- प्रश्न 79
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। जैव विविधता प्रबन्धन समितियाँ स्थानीय स्वशासन स्तर पर जैव विविधता अधिनियम, 2002 के अधीन गठित की जाती हैं तथा जन जैव विविधता रजिस्टर तैयार करती हैं और नागोया प्रोटोकॉल के पहुँच एवं लाभ-बँटवारे के उद्देश्यों को लागू करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कथन 2 ग़लत है क्योंकि इन समितियों को स्वतंत्र रूप से पहुँच एवं लाभ-बँटवारा निर्धारित करने या शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है; यह अधिकार राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और राज्य जैव विविधता बोर्डों के पास है, जो केवल समिति से परामर्श लेते हैं।
- प्रश्न 80
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
व्याख्या जल्द उपलब्ध होगी।
- प्रश्न 81
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
अलेक्ज़ेंडर रीआ, ए. एच. लॉन्गहर्स्ट, रॉबर्ट सीवेल, जेम्स बर्जेस और वॉल्टर इलियट उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के आरम्भ के अधिकारी और विद्वान थे, जो औपनिवेशिक भारत में, विशेषकर दक्षिण भारत में, पुरातात्त्विक उत्खनन और सर्वेक्षण से जुड़े रहे। उन्होंने भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के अधीन या उसके सहयोग से कार्य करते हुए अमरावती, हम्पी तथा विभिन्न महापाषाण व मन्दिर स्थलों के दस्तावेज़ीकरण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उनका सम्बन्ध न तो अंग्रेज़ी प्रेस से था, न रियासतों के गिरजाघरों से और न ही रेलवे निर्माण से।
- प्रश्न 82
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
तीन में से दो युग्म सही सुमेलित हैं। महाराष्ट्र का भाजा अपनी ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी की बौद्ध शैलकृत गुहा-चैत्यगृहों के लिए प्रसिद्ध है, अतः युग्म 2 सही है। तमिलनाडु का सित्तनवासल अपने जैन शैलकृत गुहा-मन्दिर तथा प्रसिद्ध भित्ति-चित्रों के लिए विख्यात है, अतः युग्म 3 भी सही है। युग्म 1 ग़लत है क्योंकि मध्य प्रदेश के विदिशा निकट बेसनगर हेलिओडोरस स्तम्भ अर्थात् वासुदेव को समर्पित गरुड़-स्तम्भ वाले वैष्णव स्थल के लिए जाना जाता है, न कि किसी शैव गुहा-मन्दिर के लिए।
- प्रश्न 83
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं और कथन-II कथन-I की उपयुक्त व्याख्या करता है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को बुनकर समुदाय के सम्मान और स्वदेशी वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। यह तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि 7 अगस्त 1905 को बंगाल विभाजन के विरुद्ध स्वदेशी आन्दोलन का शुभारम्भ हुआ था, जिसने हथकरघा और स्वदेशी उद्योगों को अभूतपूर्व बल दिया। इस ऐतिहासिक घटना और चुनी हुई तिथि का यही सम्बन्ध इसे विकल्प (क) के अनुरूप सही ठहराता है।
- प्रश्न 84
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कथन-I ग़लत है क्योंकि भारतीय ध्वज संहिता, 2002 राष्ट्रीय ध्वज के नौ मानक आकार निर्दिष्ट करती है और 600 मिमी गुणा 400 मिमी उनमें शामिल नहीं है; मानक आकार 6300 गुणा 4200 मिमी से लेकर 150 गुणा 100 मिमी तक के विशिष्ट लम्बाई-चौड़ाई संयोजनों पर आधारित हैं। कथन-II सही है क्योंकि ध्वज संहिता सभी मानक आकारों के लिए लम्बाई और ऊँचाई का अनुपात 3:2 निश्चित करती है। अतः कथन-I असत्य और कथन-II सत्य है, जो विकल्प (घ) से मेल खाता है।
- प्रश्न 85
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है। संविधान दिवस अर्थात् संविधान दिवस प्रत्येक वर्ष 26 नवम्बर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकृत किया था, और इसका उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों का प्रसार करना है। कथन-II ग़लत है क्योंकि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को गठित हुई थी, न कि 26 नवम्बर 1949 को; उस तिथि को तो संविधान सभा ने संविधान को अंगीकृत किया था। अतः कथन-I सत्य है किन्तु कथन-II असत्य है।
- प्रश्न 86
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है। स्विट्ज़रलैंड मूल्य के आधार पर सोने का अग्रणी निर्यातक है, जहाँ बड़े स्वर्ण शोधन केन्द्र हैं जो विश्व बाज़ारों के लिए सोने का परिष्करण और पुनः निर्यात करते हैं। कथन-II ग़लत है क्योंकि स्विट्ज़रलैंड के पास विश्व का दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण भण्डार नहीं है; उसके केन्द्रीय बैंक का आधिकारिक स्वर्ण भण्डार महत्त्वपूर्ण होते हुए भी शीर्ष दो में नहीं आता। सर्वाधिक आधिकारिक स्वर्ण भण्डार संयुक्त राज्य अमेरिका के पास हैं, जिसके बाद जर्मनी का स्थान है। अतः केवल कथन-I सत्य है, जो विकल्प (ग) के अनुरूप है।
- प्रश्न 87
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है। संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने 2021 में व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की स्थापना की, जो व्यापार, प्रौद्योगिकी मानकों, आपूर्ति शृंखलाओं और उभरती प्रौद्योगिकियों पर ट्रांसअटलांटिक दृष्टिकोणों के समन्वय का मंच है। कथन-II ग़लत है क्योंकि इस परिषद् का घोषित उद्देश्य साझा चुनौतियों, सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं और प्रौद्योगिकी में लोकतांत्रिक मूल्यों पर सहयोग करना है, न कि तकनीकी प्रगति और भौतिक उत्पादकता को अमेरिका तथा यूरोपीय संघ के संयुक्त नियंत्रण में लाना; यह वर्णन परिषद् के वास्तविक अधिदेश को विकृत करता है। अतः केवल कथन-I सत्य है।
- प्रश्न 88
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कथन-I ग़लत है। भारत का वैश्विक वस्तु निर्यात में हिस्सा 2 प्रतिशत से कम है, जो दिए गए 3.2 प्रतिशत के आँकड़े से बहुत कम है। कथन-II सही है क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल विनिर्माण, औषधि निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और श्वेत वस्तुओं जैसे क्षेत्रों में अनेक भारतीय और विदेशी कम्पनियों ने 2020 में आरम्भ हुई उत्पादन-संलग्न प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाया है। इस प्रकार कथन-I में दिया व्यापार-हिस्सा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है जबकि PLI पर आधारित कथन-II सटीक है, जो विकल्प (घ) के अनुरूप बैठता है।
- प्रश्न 89
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: क
व्याख्या देखें
केवल कथन 1 सही है। यूरोपीय संघ का स्थिरता एवं विकास सन्धि एक संधि-आधारित राजकोषीय ढाँचा है, जो सदस्य राज्यों के बजट घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत और सार्वजनिक ऋण को सकल घरेलू उत्पाद के 60 प्रतिशत तक सीमित रखता है, और उल्लंघन की स्थिति में सुधारात्मक प्रक्रियाएँ निर्धारित करता है। कथन 2 ग़लत है क्योंकि यह सन्धि सदस्य राज्यों से अवसंरचना सुविधाएँ साझा करने की अपेक्षा नहीं करती, और कथन 3 भी ग़लत है क्योंकि इसका सदस्यों के बीच प्रौद्योगिकी साझा करने से कोई सरोकार नहीं है। अतः केवल एक कथन सत्य है।
- प्रश्न 90
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कोई भी कथन सही नहीं है। सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन हेतु वैश्विक समझौता 2018 में अंगीकृत हुआ, परन्तु इसे संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों ने नहीं अपनाया; संयुक्त राज्य अमेरिका, हंगरी और कई अन्य देशों ने इसका समर्थन नहीं किया, अतः कथन 1 ग़लत है। यह समझौता अपने ही प्रावधानों के अनुसार ग़ैर-बाध्यकारी है और कार्यान्वयन व्यक्तिगत राज्यों पर छोड़ता है, अतः कथन 2 भी ग़लत है। यह समझौता अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन से सम्बद्ध है तथा आन्तरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों को स्पष्टतः अपवर्जित करता है, इसलिए कथन 3 भी असत्य है।
- प्रश्न 91
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
दो कथन सही हैं। होमगार्ड पुलिस के सहायक बल के रूप में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, नागरिक सुरक्षा, यातायात नियमन तथा आपदा प्रबंधन में सहायता करते हैं, अतः कथन 2 सही है। पंजाब, राजस्थान, गुजरात तथा असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में सीमा सुरक्षा बल की मदद हेतु अंतर्राष्ट्रीय सीमा एवं तटीय क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने के लिए बॉर्डर विंग होमगार्ड बटालियनें गठित की गई हैं, अतः कथन 3 भी सही है। कथन 1 गलत है क्योंकि होमगार्ड का गठन केंद्रीय अधिनियम के अंतर्गत नहीं, बल्कि संबंधित राज्य विधानों के अंतर्गत होता है।
- प्रश्न 92
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
केवल दो युग्म सही ढंग से सुमेलित हैं। पुलिस या सैन्य वर्दी का अनधिकृत उपयोग करना शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, अतः युग्म 1 सही है। समारोहों में हर्ष-फायरिंग जो अन्य लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा को संकट में डाले, उसे आयुध (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत स्पष्ट रूप से अपराध बनाया गया है, अतः युग्म 3 सही है। युग्म 2 गलत है क्योंकि कर्तव्यरत पुलिस या सैन्य अधिकारी को जान-बूझकर भ्रमित करने या बाधित करने का प्रावधान भारतीय दंड संहिता में है, न कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 में।
- प्रश्न 93
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कोई भी युग्म सही ढंग से सुमेलित नहीं है। उत्तर किवू तथा इतुरी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के प्रांत हैं जहाँ सशस्त्र समूहों की हिंसा है, न कि आर्मेनिया-अज़रबैजान युद्ध से जुड़े हैं। नागोर्नो-काराबाख आर्मेनिया एवं अज़रबैजान के बीच विवादित क्षेत्र है, मोज़ाम्बिक के विद्रोह से नहीं जुड़ा। खेरसॉन तथा ज़ापोरीज़िया यूक्रेन के क्षेत्र हैं जो रूस-यूक्रेन संघर्ष में अधिकृत हुए, इसका इज़राइल-लेबनान विवाद से कोई संबंध नहीं है। अतः तीनों युग्म असुमेलित हैं।
- प्रश्न 94
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
कथन-I सही है। इज़राइल ने कई अरब देशों के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं, जिसकी शुरुआत 1979 में मिस्र तथा 1994 में जॉर्डन से हुई, और हाल ही में 2020 के अब्राहम समझौतों के तहत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान तथा मोरक्को के साथ संबंध बने। कथन-II गलत है क्योंकि 2002 की अरब शांति पहल सऊदी अरब द्वारा प्रस्तावित और अरब लीग द्वारा अंगीकृत हुई थी, परंतु इस पर इज़राइल ने हस्ताक्षर नहीं किए; यह एक प्रस्ताव मात्र रहा जिसे इज़राइल ने औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया।
- प्रश्न 95
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
केवल दो युग्म सही ढंग से सुमेलित हैं। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार पिछले चार वर्षों के दौरान खिलाड़ी द्वारा किए गए सर्वाधिक उत्कृष्ट एवं असाधारण प्रदर्शन के लिए दिया जाता है, अतः युग्म 1 सही है। द्रोणाचार्य पुरस्कार उन प्रख्यात प्रशिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल खिलाड़ी या टीमें तैयार की हैं, अतः युग्म 3 सही है। अर्जुन पुरस्कार जीवनपर्यंत उपलब्धि के लिए नहीं बल्कि चार वर्षों के निरंतर प्रदर्शन के लिए दिया जाता है, और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार खेलों के संगठनात्मक योगदान हेतु है।
- प्रश्न 96
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ख
व्याख्या देखें
केवल दो कथन सही हैं। 2022 में महाबलीपुरम में आयोजित 44वाँ शतरंज ओलंपियाड वास्तव में भारत में आयोजित होने वाला पहला शतरंज ओलंपियाड था, अतः कथन 1 सही है। आधिकारिक शुभंकर का नाम थाम्बी रखा गया, जो पारंपरिक तमिल वेशभूषा में एक घोड़े की आकृति था, अतः कथन 2 सही है। कथन 3 गलत है क्योंकि ओपन वर्ग की विजेता टीम को हैमिल्टन-रसेल कप दिया जाता है, न कि वेरा मेंचिक कप। कथन 4 गलत है क्योंकि वेरा मेंचिक कप महिला वर्ग की विजेता टीम को मिलता है।
- प्रश्न 97
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
कोई भी युग्म सही ढंग से सुमेलित नहीं है। डोनबास सीरिया में नहीं बल्कि पूर्वी यूक्रेन का क्षेत्र है, जहाँ यूक्रेनी सेना तथा रूस-समर्थित अलगाववादियों एवं बाद में रूसी सेनाओं के बीच संघर्ष चलता रहा है। काचिन इथियोपिया में नहीं बल्कि उत्तरी म्यांमार का राज्य है, जहाँ काचिन स्वतंत्रता सेना का तत्मादाव से लंबा संघर्ष रहा है। तिग्रे उत्तरी यमन में नहीं बल्कि उत्तरी इथियोपिया का क्षेत्र है, जहाँ संघीय सरकार तथा तिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के बीच युद्ध हुआ था।
- प्रश्न 98
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: घ
व्याख्या देखें
चाड, गिनी, माली तथा सूडान चारों देशों ने हाल के वर्षों में सफल सैन्य तख्तापलटों के कारण अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया, जिनमें सेना ने नागरिक या संक्रमणकालीन सरकारों को उखाड़ फेंका। माली में 2020 तथा 2021 में तख्तापलट हुए, चाड में राष्ट्रपति इदरीस देबी की मृत्यु के बाद 2021 में सेना ने सत्ता संभाली, गिनी में सितंबर 2021 में तख्तापलट हुआ, तथा सूडान में अक्टूबर 2021 में सैन्य अधिग्रहण हुआ। दुर्लभ मृदा खनिज, चीनी सैन्य अड्डे या रेगिस्तान विस्तार का प्रसंग चारों देशों पर लागू नहीं होता।
- प्रश्न 99
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
हरित हाइड्रोजन तीनों उद्योगों के डीकार्बनीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना रखता है। उर्वरक संयंत्रों में अमोनिया संश्लेषण के लिए प्राकृतिक गैस से बनने वाली ग्रे हाइड्रोजन के स्थान पर हरित हाइड्रोजन का उपयोग किया जा सकता है। तेल शोधन इकाइयों में हाइड्रो-प्रसंस्करण और गंधक हटाने में जीवाश्म-स्रोतीय हाइड्रोजन के स्थान पर इसका उपयोग संभव है। इस्पात संयंत्रों में लौह अयस्क के सीधे अपचयन में कोकिंग कोयले का स्थान लेकर हरित हाइड्रोजन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को नाटकीय रूप से घटा सकता है। भारत का राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन इन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है।
- प्रश्न 100
इस प्रश्न का हिन्दी अनुवाद अभी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर: ग
व्याख्या देखें
दोनों कथन सही हैं। G20 की स्थापना मूलतः 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों के मंच के रूप में हुई थी, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक एवं वित्तीय स्थिरता पर चर्चा होती थी; 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद ही इसे शिखर सम्मेलन के स्तर पर उन्नत किया गया, अतः कथन 1 सही है। 2022 से 2023 तक भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जिसमें पहचान, भुगतान तथा डेटा-विनिमय जैसी प्रणालियाँ सम्मिलित हैं, एक प्रमुख प्राथमिकता बनाई गई, अतः कथन 2 सही है।
