UPSC 2022 Prelims-GS-I — विगत वर्ष प्रश्न उत्तर सहित
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या सहित 100 प्रश्न।
- प्रश्न 1
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उत्तर: ख
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रैपिड फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट (RFI) तथा रैपिड क्रेडिट फैसिलिटी (RCF) IMF की आपातकालीन ऋण सुविधाएँ हैं। RFI के अंतर्गत भुगतान संतुलन की तत्काल आवश्यकता वाले सभी सदस्य देशों को त्वरित वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि RCF निम्न-आय वाले देशों को रियायती दर पर त्वरित ऋण उपलब्ध कराती है। कोविड-19 महामारी के दौरान IMF ने इन्हीं सुविधाओं के माध्यम से अनेक सदस्य देशों को आपातकालीन सहायता वितरित की थी। एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक तथा UNEP वित्त पहल इन नामों से कोई सुविधा संचालित नहीं करते। अतः सही उत्तर (ख) है।
- प्रश्न 2
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उत्तर: ग
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कथन 1 सही है: NEER विदेशी मुद्राओं की टोकरी के विरुद्ध रुपये का भारित औसत है, अतः इसमें वृद्धि रुपये की मजबूती दर्शाती है। कथन 3 सही है: जब घरेलू महँगाई व्यापारिक भागीदार देशों की तुलना में अधिक होती है, तो मूल्य-समायोजित REER, NEER से भिन्न दिशा में चलता है, जिससे दोनों के बीच अंतर बढ़ता जाता है। कथन 2 गलत है: REER बढ़ने का अर्थ है कि घरेलू वस्तुएँ अपेक्षाकृत महँगी हो गईं, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता घटती है, बढ़ती नहीं। अतः केवल 1 और 3 सही हैं।
- प्रश्न 3
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उत्तर: ख
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कथन 1 गलत है: महँगाई अधिक होने पर RBI तरलता कम करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है, खरीदता नहीं; प्रतिभूतियाँ खरीदने से तरलता बढ़ेगी और महँगाई और बिगड़ेगी। कथन 2 सही है: रुपया तेज़ी से कमज़ोर होने पर RBI मुद्रा को सहारा देने हेतु अपने भंडार से डॉलर बेचता है। कथन 3 गलत है: अमेरिका या यूरोपीय संघ में ब्याज दर गिरने पर पूँजी भारत में प्रवाहित होती है और डॉलर की आपूर्ति बढ़ती है; ऐसी स्थिति में रुपये की अत्यधिक मजबूती रोकने के लिए RBI डॉलर खरीद सकता है। आधिकारिक उत्तर कुंजी (क) को सही मानती है।
- प्रश्न 4
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उत्तर: ग
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दोनों कथन सही हैं। ऋण उपचार हेतु G20 कॉमन फ्रेमवर्क को नवंबर 2020 में G20 तथा पेरिस क्लब के लेनदार देशों ने संयुक्त रूप से समर्थन दिया था। इसका उद्देश्य उन निम्न-आय वाले देशों के ऋण पुनर्गठन का समन्वय करना था जो असहनीय ऋण भार से जूझ रहे हैं, विशेषकर वे जो पूर्ववर्ती ऋण-सेवा निलंबन पहल के लिए पात्र थे। यह ढाँचा पेरिस क्लब के पारंपरिक लेनदारों तथा चीन जैसे प्रमुख गैर-पेरिस क्लब लेनदारों को एक साथ लाकर समान शर्तों पर ऋण उपचार पर बातचीत कराता है। अतः सही उत्तर (ग) है।
- प्रश्न 5
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उत्तर: क
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कथन 1 सही है: चूँकि IIB निवेशकों को महँगाई से सुरक्षा देते हैं, अतः सरकार सामान्य बाँडों की तुलना में कम कूपन दर पर इन्हें जारी कर सकती है, क्योंकि निवेशक महँगाई जोखिम का अतिरिक्त प्रीमियम नहीं माँगते। कथन 2 सही है: इन बाँडों की मूल राशि तथा कूपन भुगतान महँगाई सूचकांक से जुड़े होते हैं, जिससे निवेशक महँगाई की अनिश्चितता से सुरक्षित रहते हैं। कथन 3 गलत है: भारत में आयकर अधिनियम के अंतर्गत IIB पर मिलने वाली ब्याज आय तथा पूँजीगत लाभ कर योग्य हैं; इन्हें कोई विशेष कर छूट प्राप्त नहीं है। अतः केवल 1 और 2 सही हैं।
- प्रश्न 6
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उत्तर: ख
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कथन 1 गलत है: ई-कॉमर्स के मार्केटप्लेस मॉडल के लिए भारत की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति के अंतर्गत विदेशी स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म अपना स्वयं का माल सीधे नहीं बेच सकते; वे केवल तृतीय-पक्ष विक्रेताओं को मंच उपलब्ध करा सकते हैं। कथन 2 सही है: नीति इन प्लेटफॉर्मों पर सूचीबद्ध विक्रेता-संस्थाओं में मार्केटप्लेस संचालक की हिस्सेदारी की सीमा तय करती है, और किसी एक विक्रेता को कुल मंच-बिक्री के 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखने की अनुमति नहीं है, जिससे बड़े विक्रेताओं पर उनका नियंत्रण सीमित रहता है। अतः सही उत्तर (ख) है।
- प्रश्न 7
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वास्तविक क्षेत्र में वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन शामिल होता है, जबकि वित्तीय क्षेत्र मौद्रिक लेनदेन से संबंधित होता है। गतिविधि 1 तथा 2 वास्तविक क्षेत्र की हैं: किसानों द्वारा फसल कटाई कृषि उत्पादन है तथा कपड़ा मिलों द्वारा कच्ची कपास से कपड़ा बनाना विनिर्माण है। गतिविधि 3 तथा 4 वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी हैं: वाणिज्यिक बैंक द्वारा व्यापारिक कंपनी को ऋण देना वित्तीय लेनदेन है, और विदेशों में रुपया-मूल्यवर्गीय बाँड जारी करना वित्तीय बाज़ार में पूँजी जुटाना है। अतः केवल 1 और 2 वास्तविक क्षेत्र की गतिविधियाँ हैं और सही उत्तर (क) है।
- प्रश्न 8
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उत्तर: घ
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अप्रत्यक्ष हस्तांतरण उस स्थिति को कहा जाता है, जब कोई विदेशी कंपनी किसी विदेशी इकाई के शेयर हस्तांतरित करती है, परंतु उन शेयरों का अधिकांश मूल्य भारत में स्थित परिसंपत्तियों से प्राप्त होता है। वोडाफोन प्रकरण के बाद भारत ने आयकर अधिनियम में ऐसे विदेशी लेनदेनों पर पूँजीगत लाभ कर लगाने हेतु अप्रत्यक्ष हस्तांतरण के प्रावधान जोड़े। विकल्प (घ) इसी स्थिति का सटीक वर्णन करता है, जिसमें शेयर हस्तांतरण विदेश में होता है, परंतु अंतर्निहित मूल्य भारतीय परिसंपत्तियों से आता है। शेष विकल्प सामान्य सीमा-पार निवेश का वर्णन करते हैं, अप्रत्यक्ष हस्तांतरण का नहीं। अतः सही उत्तर (घ) है।
- प्रश्न 9
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कथन 1 सही है: नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करने से दीर्घकालिक लाभ उत्पन्न होते हैं तथा परिसंपत्ति का सृजन होता है, अतः इसे पूँजीगत व्यय माना जाता है। कथन 2 गलत है: व्यय का पूँजीगत या राजस्व-व्यय के रूप में वर्गीकरण इस आधार पर होता है कि व्यय की प्रकृति क्या है, न कि उसका वित्तपोषण कैसे किया गया। ऋण तथा इक्विटी दोनों केवल वित्त के स्रोत हैं, व्यय की श्रेणियाँ नहीं। दोनों स्रोतों से जुटाई धनराशि का उपयोग पूँजीगत अथवा राजस्व प्रयोजनों के लिए किया जा सकता है, इसलिए ऋण को पूँजीगत और इक्विटी को राजस्व व्यय मानना सैद्धांतिक रूप से गलत है। अतः सही उत्तर (क) है।
- प्रश्न 10
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उत्तर: ग
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दोनों कथन सही हैं। कथन 1: छोटी बचत, भविष्य निधि, बीमा तथा बैंक जमा जैसे साधनों के माध्यम से प्रवाहित घरेलू वित्तीय बचतों का एक हिस्सा अंततः सरकारी उधार को वित्तपोषित करता है, क्योंकि बैंक तथा अन्य मध्यवर्ती संस्थाएँ सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करती हैं। कथन 2: RBI द्वारा बाज़ार-संबंधित दरों पर नीलामी के माध्यम से जारी की गई दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियाँ, ट्रेजरी बिल तथा विशेष प्रतिभूतियों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के आंतरिक ऋण का बड़ा भाग बनाती हैं। ये मिलकर राजकोषीय घाटे का अधिकांश भाग वित्तपोषित करती हैं। अतः सही उत्तर (ग) है।
- प्रश्न 11
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कथन 1 सही है: एच.एन. सान्याल समिति की सिफारिशों के आधार पर न्यायालय अवमान अधिनियम 1971 अधिनियमित किया गया। कथन 2 सही है: अनुच्छेद 129 तथा 215 क्रमशः उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों को अपने अवमान के लिए दंड देने की शक्ति प्रदान करते हैं। कथन 4 सही है: संघ सूची की प्रविष्टि 77 तथा समवर्ती सूची की प्रविष्टि 14 के अंतर्गत संसद को न्यायालय अवमान पर विधि बनाने की शक्ति प्राप्त है। कथन 3 गलत है: संविधान में सिविल तथा आपराधिक अवमान की परिभाषा नहीं दी गई है; ये परिभाषाएँ न्यायालय अवमान अधिनियम 1971 में निहित हैं। अतः सही उत्तर (ख) है।
- प्रश्न 12
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कथन 1 गलत है: अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अंतर्गत केवल वे ही व्यक्ति अधिवक्ता माने जाते हैं जो किसी राज्य बार काउंसिल में नामांकित हों; सरकारी विधि अधिकारी या विधि फर्म स्वतंत्र रूप से अधिवक्ता के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं हैं, तथा कॉर्पोरेट वकील या पेटेंट अटार्नी भी यदि व्यक्तिगत रूप से नामांकित हों, तो अधिवक्ता हो सकते हैं। कथन 2 सही है: अधिवक्ता अधिनियम की धारा 7 तथा 49 के अनुसार बार काउंसिल ऑफ इंडिया विधिक शिक्षा के मानक तय करती है तथा उन विश्वविद्यालयों को मान्यता देती है जिनकी विधि उपाधि अधिवक्ता के रूप में नामांकन हेतु अर्ह बनाती है। अतः सही उत्तर (ख) है।
- प्रश्न 13
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आधिकारिक कुंजी तीनों कथनों को सही मानती है। कथन 1 इस अर्थ में सही माना गया कि राज्य हितों को प्रभावित करने वाले कुछ संविधान संशोधन विधेयकों के लिए विशेष पूर्व-सिफारिश प्रक्रियाएँ अपेक्षित हैं, यद्यपि अनुच्छेद 368 सामान्य रूप से राष्ट्रपति की पूर्व-सिफारिश अनिवार्य नहीं करता। कथन 2 सही है: 24वें संविधान संशोधन के बाद संविधान संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति द्वारा अनुमति देना अनिवार्य है। कथन 3 सही है: संविधान संशोधन विधेयक को प्रत्येक सदन में अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित होना चाहिए, और अनुच्छेद 368 में संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है। अतः सही उत्तर (घ) है।
- प्रश्न 14
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कथन 1 गलत है: संविधान स्वयं मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, राज्य मंत्री तथा उप मंत्री में वर्गीकृत नहीं करता; यह चार स्तरीय विभाजन परंपरा तथा कार्यपालिका व्यवहार पर आधारित है, संवैधानिक पाठ का अंग नहीं। कथन 2 सही है: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम 2003 ने अनुच्छेद 75(1क) सम्मिलित किया, जिसके अनुसार प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के मंत्रियों की कुल संख्या लोक सभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। अतः सही उत्तर (ख) है।
- प्रश्न 15
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केवल कथन 2 लोक सभा की अनन्य शक्ति है। मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव केवल लोक सभा में लाया तथा पारित किया जा सकता है, क्योंकि अनुच्छेद 75 के अंतर्गत मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है। कथन 1 गलत है: आपातकाल की उद्घोषणा का अनुमोदन दोनों सदनों द्वारा आवश्यक है, केवल लोक सभा द्वारा नहीं। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 61 के अंतर्गत राष्ट्रपति पर महाभियोग का आरोप किसी भी सदन में लाया जा सकता है तथा दोनों सदनों द्वारा दो-तिहाई बहुमत से पारित होना आवश्यक है। अतः सही उत्तर (ख) है।
- प्रश्न 16
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कथन 1 गलत है: दसवीं अनुसूची के अंतर्गत किसी सदन के मनोनीत सदस्य को सीट ग्रहण करने के छह माह के भीतर किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की अनुमति है; यह कानून ऐसा करने पर रोक नहीं लगाता बल्कि इसकी अनुमति देता है। कथन 2 सही है: दलबदल विरोधी कानून पीठासीन अधिकारी द्वारा दलबदल याचिका पर निर्णय करने हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं करता, जिस कमी की उच्चतम न्यायालय ने केशम मेघाचंद्र सिंह वाद सहित कई निर्णयों में आलोचना की है तथा शीघ्र निर्णय की आवश्यकता पर बल दिया है।
- प्रश्न 17
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कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 88 के अंतर्गत महान्यायवादी को किसी भी सदन की कार्यवाही, संयुक्त बैठक तथा संसदीय समितियों में भाग लेने का अधिकार है, परंतु महाधिवक्ता को ऐसा कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है; मंत्री भी संसद में बोलते हैं। कथन 2 गलत है: संविधान महान्यायवादी पर नियुक्ति करने वाली सरकार के त्यागपत्र देने पर त्यागपत्र देने की अनिवार्यता नहीं डालता। महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, यद्यपि परंपरा से सरकार बदलने पर त्यागपत्र दे सकते हैं।
- प्रश्न 18
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कथन 1 सही है: परमादेश रिट किसी विशुद्ध रूप से निजी निकाय के विरुद्ध तब तक नहीं चलती जब तक उस पर कोई सार्वजनिक कर्तव्य न सौंपा गया हो। कथन 3 सही है: अधिकार-पृच्छा रिट, जो किसी सार्वजनिक पद धारक के विधिक अधिकार पर प्रश्न उठाती है, में केवल पीड़ित ही नहीं बल्कि कोई भी सार्वजनिक नागरिक न्यायालय जा सकता है। कथन 2 गलत है: यदि कोई सरकारी कंपनी सार्वजनिक कार्य करती है या वैधानिक दायित्वों का उल्लंघन करती है तो उसके विरुद्ध परमादेश जारी हो सकता है, अतः सार्वभौम प्रतिबंध सही नहीं है।
- प्रश्न 19
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केवल कथन 3 सही है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत नागरिक के स्वास्थ्य अभिलेख एक बार डिजिटल रूप में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते से जुड़ जाने पर देशभर में सहज रूप से सुलभ हो जाते हैं, जिससे पोर्टेबिलिटी प्राप्त होती है। कथन 1 गलत है: सरकारी और निजी अस्पतालों की भागीदारी अनिवार्य नहीं बल्कि स्वैच्छिक है। कथन 2 भी गलत है: प्रत्येक नागरिक का पंजीकरण भी सहमति पर आधारित स्वैच्छिक है; मिशन का उद्देश्य डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, न कि अनिवार्य पंजीकरण।
- प्रश्न 20
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कथन 1 सही है: लोकसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के अंतर्गत उपाध्यक्ष के निर्वाचन की तिथि अध्यक्ष द्वारा निर्धारित की जाती है। कथन 3 सही है: जब उपाध्यक्ष पीठासीन होते हैं, तब उन्हें अध्यक्ष के समान शक्तियाँ प्राप्त होती हैं तथा पीठासीन अधिकारी के निर्णयों के विरुद्ध अपील नहीं हो सकती। कथन 2 गलत है: ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं कि उपाध्यक्ष किसी विशेष दल का हो। कथन 4 भी गलत है: ऐसी कोई परिपाटी नहीं कि प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा रखा जाए और प्रधानमंत्री द्वारा अनुमोदित।
- प्रश्न 21
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उत्तर: ख
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सूचीबद्ध फसलों में चावल मीथेन तथा नाइट्रस ऑक्साइड दोनों का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानवजनित स्रोत है। जलप्लावित धान के खेतों में अवायवीय परिस्थितियाँ बनती हैं, जिनमें मीथेन उत्पादक जीवाणु बड़ी मात्रा में मीथेन का उत्सर्जन करते हैं जो वायुमंडल में निकल जाता है। चावल की खेती में नाइट्रोजन उर्वरकों का प्रयोग तथा बारी-बारी से गीली एवं सूखी अवस्थाओं के कारण नाइट्रीकरण व विनाइट्रीकरण से पर्याप्त नाइट्रस ऑक्साइड भी उत्पन्न होती है। कपास, गन्ना तथा गेहूँ की तुलना में चावल इन दोनों गैसों का कहीं अधिक स्रोत है।
- प्रश्न 22
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श्री पद्धति अर्थात् धान सघनीकरण प्रणाली के अंतर्गत तीनों लाभ प्राप्त होते हैं। इस पद्धति में कम आयु के पौधे चौड़े अंतराल पर अकेले-अकेले रोपे जाते हैं, जिससे परंपरागत रोपाई की तुलना में बीज की आवश्यकता तेज़ी से घट जाती है। निरंतर जलप्लावन के स्थान पर बारी-बारी से गीली एवं सूखी सिंचाई अपनाई जाती है, जिससे मिट्टी लंबे समय तक संतृप्त नहीं रहती और अवायवीय अपघटन से होने वाला मीथेन उत्सर्जन कम हो जाता है। खेत निरंतर डूबे न रहने के कारण पंपिंग की आवश्यकता घटती है तथा सिंचाई पंपों में लगने वाली बिजली की खपत भी कम होती है।
- प्रश्न 23
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फागिबीन झील उत्तरी माली के टिम्बकटू क्षेत्र में स्थित है तथा लंबे सूखे और नाइजर नदी प्रणाली के प्रवाह में परिवर्तन के कारण लगभग पूर्णतः सूख चुकी है, जिसकी तलहटी मरुस्थल जैसे परिदृश्य में बदल गई है। पूर्वी अफ्रीका की विक्टोरिया झील आज भी विश्व की सबसे बड़ी मीठे जल की झीलों में से एक है, घाना की वोल्टा झील अकोसोम्बो बाँध से बनी विशाल कृत्रिम झील है, और नाइजीरिया की ओगुटा झील छोटी होते हुए भी सक्रिय है। अतः फागिबीन झील ही सही उत्तर है।
- प्रश्न 24
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उत्तर: ग
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गंडिकोटा घाटी, जिसे प्रायः भारत का ग्रांड कैन्यन कहा जाता है, आंध्र प्रदेश के कडपा जिले में स्थित है। इसका निर्माण पेन्नार नदी द्वारा ऐतिहासिक गंडिकोटा दुर्ग के निकट एर्रामला पर्वत श्रेणी को काटकर गहरी खड्ड बनाते हुए हुआ है। कावेरी, मंजीरा तथा तुंगभद्रा नदियाँ इस घाटी से होकर नहीं बहतीं। अतः इस सुप्रसिद्ध घाटी का निर्माण करने वाली नदी पेन्नार ही है, जो दक्षिण भारत की महत्त्वपूर्ण पूर्व-वाहिनी नदियों में से एक है।
- प्रश्न 25
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केवल युग्म 2 सही सुमेलित है। नंदा देवी उत्तराखंड में कुमाऊँ हिमालय का एक प्रमुख शिखर है। युग्म 1 गलत है: नामचा बरवा गढ़वाल हिमालय में नहीं बल्कि तिब्बत में पूर्वी हिमालय में ब्रह्मपुत्र के महान मोड़ के निकट स्थित है। युग्म 3 भी गलत है: नोकरेक मेघालय की गारो पहाड़ियों का शिखर है तथा मेघालय पठार का भाग है, सिक्किम हिमालय का नहीं। अतः सही उत्तर विकल्प (ख) है, केवल 2।
- प्रश्न 26
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उत्तर: क
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लेवांत शब्द ऐतिहासिक रूप से भूमध्य सागर के पूर्वी तट के साथ-साथ स्थित क्षेत्र को संदर्भित करता है, जिसमें आधुनिक सीरिया, लेबनान, इज़राइल, फ़िलिस्तीन, जॉर्डन तथा दक्षिणी तुर्की के कुछ भाग सम्मिलित हैं। यह शब्द यूरोपीय भूगोलवेत्ताओं द्वारा उन भूमियों के लिए प्रयुक्त हुआ जहाँ सूर्य उदय होता है, अर्थात् पूर्वी भूमध्यसागरीय तट। यह संपूर्ण भूमध्यसागरीय तट, मिस्र से मोरक्को तक के उत्तरी अफ़्रीकी तट, अथवा फ़ारस की खाड़ी एवं अफ़्रीका के सींग को नहीं दर्शाता। अतः विकल्प (क) सही है।
- प्रश्न 27
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सूचीबद्ध देशों में अफ़ग़ानिस्तान केवल ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा उज़्बेकिस्तान से सीमा साझा करता है। ताजिकिस्तान के साथ इसकी लंबी उत्तरी सीमा है, तुर्कमेनिस्तान उत्तर-पश्चिम में लगता है और उज़्बेकिस्तान अमू दरिया के सहारे उत्तर में स्पर्श करता है। अज़रबैजान तथा किर्गिस्तान अफ़ग़ानिस्तान से कोई सीमा साझा नहीं करते; अज़रबैजान कैस्पियन सागर के पश्चिम में है और किर्गिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान से ताजिकिस्तान अलग करता है। अतः सही संयोजन केवल 3, 4 और 5 है।
- प्रश्न 28
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कथन 1 सही है: मोनाज़ाइट एक फॉस्फेट खनिज है तथा सीरियम और लैंथेनम जैसे दुर्लभ मृदा तत्वों का प्रमुख स्रोत है। कथन 2 सही है: मोनाज़ाइट में थोरियम पाया जाता है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए सामरिक संसाधन है। कथन 4 सही है: परमाणु ऊर्जा अधिनियम के अंतर्गत मोनाज़ाइट विहित पदार्थ है तथा केवल सरकार द्वारा अधिकृत संस्थाएँ ही इसका प्रसंस्करण या निर्यात कर सकती हैं। कथन 3 गलत है: मोनाज़ाइट मुख्यतः केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा एवं झारखंड जैसे कुछ तटों की समुद्री रेत में पाया जाता है, समस्त भारतीय तटीय रेत में नहीं।
- प्रश्न 29
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उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन ग्रीष्म अयनांत के दिन होता है, जब सूर्य की ऊर्ध्वाधर स्थिति कर्क रेखा पर होती है। यह अयनांत प्रत्येक वर्ष 21 अथवा 22 जून को पड़ता है, जो जून मास के उत्तरार्ध में आता है। जून के पूर्वार्ध, जुलाई के पूर्वार्ध अथवा जुलाई के उत्तरार्ध का इस अयनांत से कोई संबंध नहीं है। इन दिनों उत्तरी गोलार्ध में अधिकतम सूर्यप्रकाश की अवधि और दिन की लंबाई प्राप्त होती है। अतः विकल्प (ख), जून मास का उत्तरार्ध, सही उत्तर है।
- प्रश्न 30
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युग्म 2 तथा 3 सही सुमेलित हैं, जबकि युग्म 1 और 4 गलत हैं। रेणुका आर्द्रभूमि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में स्थित है तथा रुद्रसागर झील त्रिपुरा में है, और दोनों रामसर स्थल हैं। होकेरा आर्द्रभूमि जम्मू-कश्मीर में स्थित है, पंजाब में नहीं, अतः युग्म 1 गलत है। शष्ठमकोट्टा झील केरल की सबसे बड़ी मीठे जल की झील है, तमिलनाडु की नहीं, अतः युग्म 4 भी गलत है। अतः केवल दो युग्म ही सही सुमेलित हैं।
- प्रश्न 31
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ये चारों ही ओपन-सोर्स डिजिटल मंचों पर बनाए गए हैं। सरकार ने आरोग्य सेतु का सोर्स कोड ओपन-सोर्स के रूप में जारी किया था। को-विन कोविड-19 टीकाकरण मंच को भी ओपन-सोर्स बनाकर अन्य देशों को सुलभ कराया गया। डिजीलॉकर इंडिया स्टैक का हिस्सा है और दस्तावेज़ भंडारण तथा सत्यापन के लिए ओपन-सोर्स घटकों का उपयोग करता है। दीक्षा राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा मंच ओपन-सोर्स सनबर्ड मंच पर निर्मित है। इसलिए सही उत्तर विकल्प (घ) है।
- प्रश्न 32
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तीनों कथन वेब 3.0 का सही वर्णन करते हैं। वेब 3.0 ब्लॉकचेन पर आधारित विकेंद्रीकृत इंटरनेट की कल्पना करता है, जहाँ उपयोगकर्ता क्रिप्टोग्राफ़िक पहचान और स्व-संरक्षित वॉलेटों के माध्यम से अपने व्यक्तिगत आँकड़ों के स्वामी और नियंत्रक होते हैं। ब्लॉकचेन-आधारित सोशल नेटवर्क, जिनमें सामग्री और प्रतिष्ठा किसी एक कंपनी के नियंत्रण के बजाय वितरित बहीखाते पर दर्ज होती है, इस दृष्टिकोण की प्रमुख विशेषता हैं। वेब 3.0 के प्रोटोकॉल आमतौर पर किसी एक निगम के बजाय टोकनधारक उपयोगकर्ताओं द्वारा विकेंद्रीकृत स्वायत्त संगठनों के माध्यम से सामूहिक रूप से शासित होते हैं।
- प्रश्न 33
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तीनों कथन सही हैं। सेवा के रूप में सॉफ़्टवेयर अनुप्रयोग आमतौर पर ग्राहकों को अंतर्निहित कोड बदले बिना उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस अनुकूलित करने, कार्यप्रवाह विन्यस्त करने और आँकड़ा क्षेत्र जोड़ने या संशोधित करने की सुविधा देते हैं। चूँकि यह इंटरनेट के माध्यम से प्रदान की जाती है, उपयोगकर्ता किसी भी संपर्क-योग्य स्थान से वेब ब्राउज़र और मोबाइल उपकरणों के द्वारा अपने आँकड़ों तक पहुँच सकते हैं। आउटलुक ऑन द वेब, हॉटमेल और याहू मेल जैसी वेब-आधारित ईमेल सेवाएँ इसके पारंपरिक उपभोक्ता उदाहरण हैं, जिनमें अनुप्रयोग सेवा प्रदाता द्वारा संचालित होकर दूरस्थ पहुँच में रहता है।
- प्रश्न 34
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आंशिक कक्षीय बमबारी प्रणाली एक रणनीतिक हथियार अवधारणा है, जिसमें परमाणु आयुधयुक्त प्रक्षेपास्त्र को निम्न पृथ्वी-कक्षा में छोड़ा जाता है और एक पूरी परिक्रमा पूरी होने से पहले ही उसे चयनित लक्ष्य के ऊपर कक्षा-च्युत कर दिया जाता है। चूँकि आयुध दक्षिणी ध्रुव सहित अप्रत्याशित दिशाओं से भी आ सकता है, इसलिए पूर्व-चेतावनी प्रणालियों और प्रक्षेपास्त्र रक्षा द्वारा उसे रोकना कठिन हो जाता है। विकल्प (ग) इसी विचार को सटीक रूप से व्यक्त करता है। शेष विकल्प क्षुद्रग्रह बचाव, ग्रहीय अवतरण या धूमकेतु अभियानों से संबंधित हैं, जो इस प्रणाली से असंबद्ध हैं।
- प्रश्न 35
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क्यूबिट या क्वांटम बिट क्वांटम संगणन में सूचना की मूलभूत इकाई है। शास्त्रीय बिट जो केवल 0 या 1 हो सकता है, उसके विपरीत क्यूबिट दोनों अवस्थाओं के अध्यारोपण में रह सकता है तथा अन्य क्यूबिटों के साथ उलझाव में बँध सकता है, जिससे क्वांटम संगणक कुछ गणनाओं में शास्त्रीय मशीनों की तुलना में कई गुना तेज़ी से कार्य कर सकते हैं। यह शब्द विशेष रूप से क्वांटम संगणन में प्रयुक्त होता है, न कि क्लाउड सेवाओं, दृश्य प्रकाश संचार या सामान्य बेतार संचार प्रौद्योगिकियों में। अतः विकल्प (ख) सही है।
- प्रश्न 36
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बंद-परिपथ टेलीविज़न तार-आधारित संयोजनों के माध्यम से अपेक्षाकृत लंबी दूरी तक वीडियो संकेतों का प्रेषण करता है, इसलिए इसे लघु-दूरी उपकरण नहीं माना जाता। रेडियो आवृत्ति पहचान कुछ सेंटीमीटर से लेकर कई मीटर तक की दूरी पर कार्य करती है और इसे लघु-दूरी प्रौद्योगिकी की श्रेणी में रखा जाता है। वाई-फाई मानकों द्वारा परिभाषित बेतार स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क सामान्यतः घरों, कार्यालयों या भवनों के भीतर ही कार्य करते हैं और इसलिए वे भी लघु-दूरी के अंतर्गत आते हैं। अतः कथन 2 और 3 सही हैं और सही उत्तर विकल्प (ख) है।
- प्रश्न 37
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जैव-आवरणों के विषय में तीनों कथन सही हैं। जैव-आवरण सूक्ष्मजीवों के समुदाय हैं जो स्व-निर्मित आव्यूह में आबद्ध होकर सतहों से चिपके रहते हैं। ये कैथेटर, कृत्रिम जोड़ों और हृदय वाल्व जैसे चिकित्सकीय प्रत्यारोपों पर बनकर मानव ऊतकों में दीर्घकालिक संक्रमण उत्पन्न करते हैं। ये भोजन, खाद्य-संपर्क सतहों, पाइपों तथा प्रसंस्करण उपकरणों पर भी विकसित होते हैं, जिससे लोक स्वास्थ्य पर खतरा उत्पन्न होता है। जैव-आवरण के भीतर मौजूद जीवाणु मुक्त-तैरते जीवाणुओं की तुलना में प्रतिजैविक प्रतिरोध में अत्यधिक वृद्धि प्रदर्शित करते हैं, यह भी भली-भाँति प्रमाणित है।
- प्रश्न 38
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उत्तर: ग
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कथन 1 सही है: प्रोबायोटिक मुख्यतः जीवित सूक्ष्मजीवों से बने होते हैं, जिनमें लैक्टोबैसिलस और बिफ़िडोबैक्टीरियम जैसे जीवाणु तथा सैकेरोमाइसीज बौलार्डी जैसे यीस्ट सम्मिलित हैं। कथन 3 सही है: प्रोबायोटिक जीवाणु लैक्टेज जैसे एंज़ाइम बनाकर दुग्ध शर्करा, विशेषकर लैक्टोज़, के पाचन में सहायता करते हैं, जो लैक्टोज़-असहिष्णु व्यक्तियों के लिए लाभप्रद है। कथन 2 गलत है: प्रोबायोटिक में पाए जाने वाले लैक्टोबैसिलाई और बिफ़िडोबैक्टीरिया जैसे अनेक जीव मानव आँत में स्वाभाविक रूप से उपस्थित रहते हैं, अतः यह दावा कि वे आँत में स्वाभाविक रूप से नहीं पाए जाते, असत्य है।
- प्रश्न 39
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उत्तर: ख
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कथन 1 गलत है: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड ऑक्सफ़र्ड-एस्ट्राज़ेनेका के चिंपैंज़ी एडिनोवायरस वाहक मंच पर आधारित है, न कि एमआरएनए मंच पर। कथन 2 सही है: स्पूतनिक वी दो भिन्न मानव एडिनोवायरस वाहकों का उपयोग करता है, अतः यह वाहक-आधारित टीका है। कथन 3 सही है: भारत बायोटेक और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित कोवैक्सिन सार्स-कोव-2 का सम्पूर्ण-विरिऑन निष्क्रिय टीका है। अतः कथन 2 और 3 सही हैं।
- प्रश्न 40
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उत्तर: ग
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एक तीव्र सौर तूफ़ान आयनमंडल और पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र को बाधित कर सकता है। कथन 1 सही है: GPS और दिक्चालन प्रणालियों की क्षमता घट सकती है। कथन 3 सही है: प्रेरित धाराएँ ट्रांसफ़ॉर्मरों और विद्युत ग्रिडों को क्षति पहुँचा सकती हैं, जैसा 1989 के क्यूबेक ब्लैकआउट में देखा गया। कथन 4 सही है: तीव्र ध्रुवीय ज्योति ध्रुवों से दूर भी प्रकट हो सकती है। कथन 6 सही है: वायुमंडलीय कर्षण और आवेशण से उपग्रह कक्षाओं में विक्षोभ हो सकता है। कथन 7 सही है: ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर वायुयानों द्वारा प्रयुक्त लघु-तरंग रेडियो बाधित हो सकता है। सुनामी और वन अग्नि सौर तूफ़ानों से नहीं उत्पन्न होतीं।
- प्रश्न 41
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उत्तर: क
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क्लाइमेट एक्शन ट्रैकर एक स्वतंत्र वैज्ञानिक परियोजना है जो पेरिस समझौते के लक्ष्यों के सापेक्ष सरकारों की जलवायु कार्रवाई पर निगरानी रखती है। इसका संचालन दो अनुसंधान संगठनों, क्लाइमेट एनालिटिक्स और न्यूक्लाइमेट इंस्टीट्यूट, के गठबंधन द्वारा किया जाता है, जो मिलकर राष्ट्रीय जलवायु प्रतिज्ञाओं और नीतियों के आँकड़ाकोश का संकलन एवं विश्लेषण करते हैं। यह IPCC की कोई शाखा, UNFCCC की समिति या UNEP तथा विश्व बैंक द्वारा प्रोत्साहित अभिकरण नहीं है। अतः विकल्प (क), अनुसंधान संगठनों के गठबंधन द्वारा निर्मित आँकड़ाकोश, सही है।
- प्रश्न 42
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उत्तर: ख
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कथन 1, 3 और 4 सही हैं। द क्लाइमेट ग्रुप एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है जो जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने हेतु व्यवसायों और सरकारों के नेटवर्क बनाती और संचालित करती है। EP100 अग्रणी कंपनियों को एकत्र करता है जो ऊर्जा का अधिक उत्पादक उपयोग, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी तथा प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के प्रति प्रतिबद्ध हैं, और कई भारतीय कंपनियाँ इसकी सदस्य हैं। कथन 2 गलत है: EP100 का संचालन द क्लाइमेट ग्रुप करता है, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा अभिकरण के साथ मिलकर नहीं। कथन 5 गलत है: अंडर2 गठबंधन का सचिवालय भी द क्लाइमेट ग्रुप ही है।
- प्रश्न 43
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उत्तर: घ
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आर्द्रभूमियों की तुलना वृक्कों से इसलिए की जाती है क्योंकि वे प्रदूषकों को छानकर जल का शुद्धिकरण करती हैं, ठीक वैसे ही जैसे वृक्क रक्त को शुद्ध करते हैं। इस कथन को सर्वोत्तम रूप से दर्शाने वाला विकल्प (घ) है: आर्द्रभूमियों के जलीय पादप अपवाह से नाइट्रोजन और फ़ॉस्फ़ोरस जैसे अधिशेष पोषकों तथा भारी धातुओं को अधिवाहिनी नदियों एवं समुद्रों तक पहुँचने से पहले ही अवशोषित कर लेते हैं। शेष विकल्प जल चक्र, आहार जाल और अवसाद नियमन का वर्णन करते हैं, जो वृक्क-सदृश छनन और विषहरण भूमिका की बजाय अन्य पारिस्थितिक सेवाओं से संबंधित हैं।
- प्रश्न 44
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उत्तर: ख
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कथन 1 सही है: WHO के 2021 वायु गुणवत्ता दिशानिर्देश PM2.5 के लिए 24-घंटे का माध्य 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तथा वार्षिक माध्य 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित करते हैं। कथन 4 सही है: धरातलीय ओज़ोन एक प्रबल श्वसन उत्तेजक है तथा अत्यधिक संपर्क दमे के दौरों को उभार सकता है। कथन 2 गलत है: ओज़ोन प्रदूषण धूप, उष्ण और स्थिर मौसम में अधिकतम होता है, खराब मौसम में नहीं। कथन 3 गलत है: PM2.5 के सूक्ष्म कण ही फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर रक्तप्रवाह में पहुँच सकते हैं, PM10 नहीं।
- प्रश्न 45
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उत्तर: ग
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गुच्छी, जिसका वैज्ञानिक नाम मॉर्केला एस्कुलेंटा है, एक खाद्य मोरेल कुकुरमुत्ता है और इसलिए कवक है, अतः कथन 1 सही है। यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्र के कोणधारी एवं ओक वनों में जंगली रूप से उगती है, अतः कथन 2 भी सही है। कथन 3 गलत है: गुच्छी जंगलों से ही एकत्र की जाती है और इसकी सफल वाणिज्यिक खेती नहीं हो पाई है, विशेषकर पूर्वोत्तर भारत के तराई क्षेत्रों में तो बिल्कुल नहीं। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
- प्रश्न 46
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कथन 1 सही है: पीईटी रेशों को ऊन और कपास के साथ मिलाकर मजबूती, टिकाऊपन और सिलवट-रोधी गुण प्रदान किए जा सकते हैं। कथन 3 सही है: पीईटी बोतलों का व्यापक स्तर पर पुनर्चक्रण कर पॉलिएस्टर रेशे, चादरें और पैकेजिंग सामग्री बनाई जाती है। कथन 2 गलत है: पीईटी कुछ तीव्र मद्यसार के साथ अभिक्रिया करता है तथा सभी मादक पेयों के भंडारण के लिए संस्तुत नहीं है, और खाद्य-ग्रेड नियम भी इस उपयोग को सीमित करते हैं। कथन 4 गलत है: पीईटी के दहन से कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हरितगृह गैसें निकलती हैं, अतः इसे जलाकर नष्ट करना उत्सर्जन-मुक्त नहीं है।
- प्रश्न 47 · Indian Constitution & Governance
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- प्रश्न 48
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नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले पौधे मुख्यतः फलीदार पादप होते हैं, जो अपनी जड़ों की गाँठों में राइज़ोबियम जीवाणुओं को आश्रय देते हैं। दिए गए विकल्पों में अल्फाल्फा, चना और तिपतिया घास सभी फलीदार पौधे हैं और सुप्रसिद्ध नाइट्रोजन-स्थिरीकारक हैं, अतः 1, 3 और 4 सही हैं। चौलाई, कुल्फा और पालक गैर-फलीदार पत्तेदार या अनाज वाली फसलें हैं और जैविक रूप से वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण नहीं करतीं। अतः सही संयोजन केवल 1, 3 और 4 है, जो विकल्प (क) में दर्शाया गया है।
- प्रश्न 49
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बायोरॉक तकनीक, जिसे खनिज अधिवृद्धि तकनीक भी कहा जाता है, समुद्र-जल में डुबोई गई इस्पात की संरचनाओं से अल्प-वोल्टता वाली दिष्ट विद्युत धारा प्रवाहित करती है। यह धारा घुले हुए खनिजों जैसे कैल्शियम कार्बोनेट और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड को संरचना पर अवक्षेपित कर चूना-पत्थर सदृश कठोर सतह बनाती है। इन संरचनाओं पर प्रत्यारोपित प्रवाल खंड शीघ्रता से पनप कर नई भित्तियों का निर्माण करते हैं, जिससे क्षतिग्रस्त प्रवाल भित्तियों के पुनरुद्धार में यह तकनीक प्रमुख साधन बन जाती है। यह भवन निर्माण सामग्री, शैल गैस अन्वेषण या वन्यजीवों के नमक-चाटन से असंबद्ध है।
- प्रश्न 50
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मियावाकी पद्धति, जिसे जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी ने विकसित किया, छोटे भूखंडों पर देशी वृक्ष-प्रजातियों को सघनता से रोपने की विधि है, जिससे पौधे प्रकाश के लिए आपस में स्पर्धा करते हैं और कुछ ही वर्षों में सघन, बहुस्तरीय एवं स्व-संधारणीय वन में विकसित हो जाते हैं। इसका उपयोग शहरी क्षेत्रों में लघु वन और हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है, जिसमें भारत के अनेक नगर भी सम्मिलित हैं। यह शुष्क क्षेत्रीय वाणिज्यिक खेती, आनुवंशिक रूप से रूपांतरित पादपों के उद्यानों या पवन ऊर्जा संचयन से असंबद्ध है। अतः विकल्प (ग) सही है।
- प्रश्न 51
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भारत सरकार अधिनियम 1919 के अंतर्गत स्थापित द्वैध शासन प्रणाली में प्रांतीय विषयों को आरक्षित और हस्तांतरित दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था। आरक्षित विषयों का प्रशासन गवर्नर अपनी कार्यकारी परिषद के माध्यम से विधायिका के प्रति जवाबदेही के बिना करता था, और इनमें संवेदनशील एवं राजस्व-जनक क्षेत्र सम्मिलित थे: न्याय प्रशासन, भू-राजस्व तथा पुलिस। स्थानीय स्वशासन, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग हस्तांतरित विषय थे, जिनका प्रबंधन विधायिका के प्रति उत्तरदायी भारतीय मंत्री करते थे। अतः कथन 1, 3 और 4 आरक्षित विषय थे और विकल्प (ग) सही है।
- प्रश्न 52
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उत्तर: ख
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मध्यकालीन दक्षिण भारत में, विशेष रूप से चोल, विजयनगर तथा अन्य दक्कन राज्यों के काल में, फणम शब्द एक छोटे स्वर्ण या रजत सिक्के के लिए प्रयोग होता था। फणम का उपयोग दैनिक लेन-देन में किया जाता था और शिलालेखों एवं विदेशी यात्रियों के विवरणों में मुद्रा की एक इकाई के रूप में इसका उल्लेख मिलता है। यह वस्त्रों, आभूषणों या शस्त्रों से संबद्ध नहीं था। अतः विकल्प (ख), अर्थात् सिक्के, सही उत्तर है।
- प्रश्न 53
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उत्तर: घ
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दिए गए नेताओं में से केवल रास बिहारी बोस ही ग़दर पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़े थे। उन्होंने 1915 की ग़दर साजिश में भारत में सशस्त्र विद्रोह भड़काने में अग्रणी भूमिका निभाई और बाद में जापान चले गए। बारींद्र कुमार घोष अनुशीलन समिति और बंगाल के क्रांतिकारी संगठनों, विशेषतः अलीपुर बम काण्ड, से जुड़े थे। जोगेश चंद्र चटर्जी हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन तथा हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में सक्रिय थे। अतः सही उत्तर विकल्प (घ), केवल 3 है।
- प्रश्न 54
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उत्तर: ख
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कथन 1 सही है: 1942 के क्रिप्स मिशन ने प्रस्तावित किया कि युद्ध के पश्चात एक संविधान सभा गठित की जाएगी, जिसके सदस्य प्रांतीय विधानमंडलों द्वारा चुने जाएँगे और कुछ सदस्यों को रियासतों द्वारा मनोनीत किया जाएगा। कथन 2 गलत है: प्रस्तावों में किसी भी प्रांत को अपनी स्थिति के विषय में ब्रिटेन के साथ अलग समझौता करने की सामान्य अनुमति नहीं दी गई थी; बल्कि नए संविधान को स्वीकार न करने वाले प्रांत को अपनी विद्यमान संवैधानिक स्थिति बनाए रखने तथा उस सीमित प्रयोजन के लिए ब्रिटिश सरकार से पृथक समझौता करने का अधिकार दिया गया था, और यह विकल्प केवल अनिच्छुक प्रांतों के लिए था।
- प्रश्न 55
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उत्तर: ख
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ग्रंथ 2 और 4 जैन रचनाएँ हैं। परिशिष्टपर्वन की रचना बारहवीं शताब्दी में जैन मुनि हेमचंद्र ने की थी और इसमें जैन कुलपतियों का जीवनवृत्त वर्णित है। त्रिषष्टिलक्षण महापुराण, जिसे आदिपुराण भी कहा जाता है, नवीं शताब्दी में जिनसेन और गुणभद्र द्वारा रचित दिगंबर जैन परंपरा का प्रमुख ग्रंथ है। नेत्तिप्पकरण पाली भाषा का बौद्ध टीका-ग्रंथ है, जिसका रचयिता परंपरागत रूप से महाकच्चायन को माना जाता है। अवदानशतक संस्कृत में रचित बौद्ध ग्रंथ है जिसमें सौ अवदान कथाएँ संकलित हैं। अतः केवल 2 और 4 जैन ग्रंथ हैं, जिससे विकल्प (ख) सही ठहरता है।
- प्रश्न 56
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उत्तर: ग
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जोड़े 2 और 3 सही ढंग से सुमेलित हैं। दिग्नाग पाँचवीं शताब्दी के बौद्ध विद्वान थे, जो तर्कशास्त्र और प्रमाणशास्त्र पर अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध थे। नाथमुनि वैष्णव आलवार परंपरा के आरंभिक आचार्य थे, जिन्होंने नालायिर दिव्य प्रबंधम् का संकलन किया। जोड़ा 1 गलत है: आर्यदेव माध्यमिक संप्रदाय के बौद्ध विद्वान थे और नागार्जुन के शिष्य थे, जैन विद्वान नहीं। अतः दो जोड़े सही सुमेलित हैं, जिससे विकल्प (ग) सही उत्तर है।
- प्रश्न 57
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कथन 2 सही है: अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल में तरगी के नेतृत्व में मंगोल सेनाएँ 1303 में दिल्ली के निकट तक पहुँच गईं और सिरी का घेरा डाला, परंतु बाद में पीछे हट गईं। कथन 1 गलत है: भारत पर पहला मंगोल आक्रमण तेरहवीं शताब्दी के आरंभ में चंगेज़ खान के नेतृत्व में इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था, जलालुद्दीन खिलजी के शासन में नहीं। कथन 3 गलत है: मुहम्मद बिन तुग़लक का संबंध उत्तर-पश्चिमी प्रदेशों के अस्थायी मंगोल अधिकार से नहीं रहा, क्योंकि बड़े मंगोल आक्रमण उनके शासन से पूर्व ही समाप्त हो चुके थे। अतः केवल कथन 2 सही है।
- प्रश्न 58
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उत्तर: घ
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कुलाह-दारान, जिसका शाब्दिक अर्थ टोपी पहनने वाले है, दिल्ली सल्तनत काल में पैगंबर मुहम्मद के वंशजों तथा अन्य पुण्य वंशों, अर्थात् सामान्यतः सैयदों, के लिए प्रयुक्त शब्द था, जो अपनी प्रतिष्ठा के प्रतीक स्वरूप विशिष्ट टोपी धारण करते थे। उन्हें दरबार में विशेषाधिकार, वृत्तियाँ और सम्मान प्राप्त था। यह शब्द अरब व्यापारियों के लिए नहीं प्रयुक्त होता था, जिनके लिए भिन्न संबोधन थे, न ही यह कलंदरों, जो भ्रमणशील सूफ़ी फ़कीर थे, या फारसी सुलेखकों के लिए प्रयोग होता था। अतः विकल्प (घ), अर्थात् सैयद, सही है।
- प्रश्न 59
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उत्तर: ख
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कथन 2 सही है: अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने 1510 में बीजापुर सल्तनत के शासक यूसुफ आदिल शाह से गोवा पर अधिकार किया था। कथन 3 सही है: अंग्रेज़ ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1639-40 में मद्रास में अपनी कोठी विजयनगर साम्राज्य के प्रतिनिधि, दामर्ला परिवार के नायक से पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित की थी। कथन 1 गलत है: डचों ने पूर्वी तट पर अपनी आरंभिक कोठियाँ आंध्र और तमिल क्षेत्रों के शासकों से प्राप्त अनुदानों पर स्थापित की थीं, ओडिशा के गजपति शासकों से नहीं। अतः केवल 2 और 3 सही हैं।
- प्रश्न 60
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उत्तर: ग
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कथन 1 सही है: कौटिल्य का अर्थशास्त्र न्यायिक दासता को व्यक्ति के दास बनने का एक वैध मार्ग मानता है, जन्म और बंदी बनाए जाने के साथ-साथ। कथन 3 सही है: यदि स्वामी अपनी दासी से पुत्र उत्पन्न करता है, तो अर्थशास्त्र उस पुत्र को स्वामी के पुत्र की कानूनी स्थिति प्रदान करता है। कथन 2 गलत है: अर्थशास्त्र कहता है कि अपने स्वामी से पुत्र उत्पन्न करने वाली दासी को मुक्त होने का अधिकार प्राप्त होता है, परंतु यह स्वतंत्रता सशर्त है, स्वतः स्वतः नहीं, और इसे पुत्र की वैधता संबंधी उपबंध से जोड़ा गया है। आधिकारिक उत्तर-कुंजी केवल 1 और 3 को सही मानती है।
- प्रश्न 61
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उत्तर: क
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कथन 1 सही है: जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व अपनी मौद्रिक नीति को कड़ा करता है, तो अमेरिकी ब्याज दरें बढ़ जाती हैं और भारत जैसे उभरते बाज़ारों से पूँजी बाहर निकलने लगती है, जिससे पूँजी पलायन होता है। कथन 2 सही है: पूँजी पलायन से रुपये का अवमूल्यन होता है और घरेलू वित्तीय स्थितियाँ सख़्त हो जाती हैं, जिससे बाह्य वाणिज्यिक उधारियों पर अहेज की हुई भारतीय कंपनियों के लिए प्रभावी ब्याज लागत बढ़ जाती है। कथन 3 ग़लत है: घरेलू मुद्रा का अवमूल्यन मुद्रा जोखिम बढ़ाता है, घटाता नहीं, क्योंकि विदेशी मुद्रा में लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान हेतु अधिक रुपये देने पड़ते हैं।
- प्रश्न 62
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उत्तर: ग
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सूची में दिए गए सभी चार राज्य चाय उत्पादक हैं। आंध्र प्रदेश के अराकू घाटी जैसे क्षेत्रों में लघु स्तर पर चाय की खेती होती है। केरल में इडुक्की और वायनाड के ऊँचे क्षेत्रों, विशेषकर मुन्नार के आसपास, चाय का उत्पादन होता है। हिमाचल प्रदेश काँगड़ा चाय के लिए प्रसिद्ध है, जो भौगोलिक संकेतक उत्पाद है। त्रिपुरा पूर्वोत्तर के छोटे चाय उत्पादक राज्यों में गिना जाता है, जहाँ कई चाय बागान और राज्य स्वामित्व वाला चाय निगम सक्रिय है। अतः सही उत्तर विकल्प (घ) है, अर्थात चारों राज्य।
- प्रश्न 63
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उत्तर: ख
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कथन 1 ग़लत है: भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का विनियमन मुख्यतः भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड द्वारा SEBI (क्रेडिट रेटिंग एजेंसियाँ) विनियमन 1999 के अंतर्गत किया जाता है, न कि RBI द्वारा। कथन 2 सही है: ICRA लिमिटेड एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी है जो भारतीय शेयर बाज़ारों में सूचीबद्ध है और एक प्रमुख घरेलू क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। कथन 3 सही है: ब्रिकवर्क रेटिंग्स बेंगलुरु मुख्यालय वाली भारतीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है, जो SEBI के पास पंजीकृत है। अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
- प्रश्न 64
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कथन 1 ग़लत है: बैंक्स बोर्ड ब्यूरो एक स्वायत्त निकाय था जिसके अध्यक्ष कोई प्रख्यात व्यक्ति होते थे, RBI गवर्नर नहीं; गवर्नर सदस्य अवश्य थे, परंतु अध्यक्ष नहीं। कथन 2 सही है: BBB का कार्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में पूर्णकालिक निदेशकों तथा ग़ैर-कार्यकारी अध्यक्षों के पदों हेतु उम्मीदवारों की अनुशंसा करना था। कथन 3 सही है: BBB सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूँजी जुटाने तथा अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की रणनीतियाँ विकसित करने में भी सहायता करता था। अतः केवल 2 और 3 सही हैं।
- प्रश्न 65
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दोनों कथन सही हैं। परिवर्तनीय बॉण्ड धारकों को यह विकल्प देते हैं कि वे अपने ऋण को निश्चित संख्या के इक्विटी शेयरों में बदल सकें। चूँकि यह परिवर्तन अधिकार निवेशकों के लिए मूल्यवान होता है, अतः जारीकर्ता समतुल्य ग़ैर-परिवर्तनीय बॉण्डों की तुलना में कम कूपन दर की पेशकश कर सकते हैं। यह परिवर्तन अधिकार धारकों को इक्विटी मूल्यों में होने वाली भावी वृद्धि में भागीदारी का अवसर देता है, जो प्रायः कॉर्पोरेट लाभ और मुद्रास्फीति के साथ बढ़ते हैं, और इस प्रकार उपभोक्ता क़ीमतों की वृद्धि से आंशिक संरक्षण प्रदान करते हैं, जो सूचीयन के समान है।
- प्रश्न 66
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भारत तीनों समूहों का सदस्य है। भारत 2016 में स्थापित एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक का संस्थापक सदस्य है। भारत वर्ष 2016 में मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुआ। शंघाई सहयोग संगठन में भी भारत वर्ष 2017 में पाकिस्तान के साथ पूर्ण सदस्य के रूप में सम्मिलित हो गया था। अतः सही उत्तर विकल्प (घ), यानी 1, 2 और 3, है। ये तीनों समूह वैश्विक आर्थिक, सामरिक और सुरक्षा सहयोग में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।
- प्रश्न 67
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कथन 1, 3 और 4 सही हैं। पिछले कुछ दशकों में वियतनाम विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है, जिसकी प्रेरणा इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और अन्य विनिर्माण की वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में एकीकरण तथा निर्यातोन्मुखी रणनीति है। कम श्रम लागत और अपेक्षाकृत स्थिर विनिमय दर ने विविधीकरण चाहने वाले वैश्विक उत्पादकों को आकर्षित किया है। कथन 2 ग़लत है: वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ वियतनाम के शासन वाला एकदलीय राज्य है। कथन 5 साक्ष्य से समर्थित नहीं है, क्योंकि वियतनाम के पास भारत-प्रशांत क्षेत्र का सर्वाधिक उत्पादक ई-सेवा क्षेत्र नहीं है।
- प्रश्न 68
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देश में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करके मूल्य स्थिरता बनाए रखने का दायित्व भारतीय रिज़र्व बैंक का है। RBI अधिनियम में 2016 में किए गए संशोधन के तहत वैधानिक रूप से लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्य निर्धारण व्यवस्था अपनाई गई है, जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार RBI के परामर्श से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति का लक्ष्य तय करती है, जो वर्तमान में 4 प्रतिशत है तथा दो प्रतिशत अंकों के घटाव-बढ़ाव की सीमा के साथ है। उपभोक्ता मामले विभाग, वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद्, तथा व्यय प्रबंधन आयोग को यह अधिदेश प्राप्त नहीं है।
- प्रश्न 69
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कथन 1 और 2 सही हैं। NFT अद्वितीय क्रिप्टोग्राफ़िक टोकन हैं जो ब्लॉकचेन पर अस्तित्व रखते हैं और कलाकृति, अचल संपत्ति या संग्रहणीय वस्तुओं जैसी भौतिक या डिजिटल परिसंपत्तियों के डिजिटल प्रतिनिधि के रूप में काम कर सकते हैं। कथन 3 ग़लत है: परिभाषा के अनुसार NFT अपरिवर्तनीय अर्थात् नॉन-फंजिबल होते हैं, यानी प्रत्येक टोकन अद्वितीय है और एक ही प्रकार के दूसरे टोकन के साथ एक-के-बदले-एक के आधार पर विनिमेय नहीं है। अतः उनका उपयोग सामान्य वाणिज्यिक विनिमय माध्यम के रूप में नहीं होता, जैसा कि फंजिबल मुद्राओं या क्रिप्टोकरेंसियों का होता है।
- प्रश्न 70
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चारों युग्म ग़लत मिलान वाले हैं। घटप्रभा कर्नाटक में कृष्णा की सहायक नदी है, तेलंगाना में नहीं। चंबल नदी पर बना गांधी सागर बाँध मध्य प्रदेश में है, परंतु राजस्थान सीमा पर स्थित है; यद्यपि युग्म 2 मध्य प्रदेश के रूप में सही प्रतीत होता है, तथापि प्रश्न-निर्माता इसे विशेष रूप से मध्य प्रदेश में सीमित नहीं मानते। इंदिरा सागर बाँध मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर है, आंध्र प्रदेश में नहीं। मैथन बाँध बराकर नदी पर झारखंड–पश्चिम बंगाल सीमा पर स्थित है, छत्तीसगढ़ में नहीं। आधिकारिक उत्तर कुंजी ने सभी चारों युग्मों को असंगत चिह्नित किया है।
- प्रश्न 71
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श्रम ब्यूरो श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का संलग्न कार्यालय है, जो भारत में कारख़ानों में होने वाले औद्योगिक विवादों, बंदियों, छँटनी तथा कामबंदी के आँकड़े संकलित करता है। यह औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जैसे सूचकांक भी प्रकाशित करता है तथा रोज़गार और बेरोज़गारी पर सर्वेक्षण करता है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय राष्ट्रीय लेखे और समष्टि-आर्थिक सांख्यिकी देखता है, उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग औद्योगिक नीति देखता है तथा NTMIS तकनीकी जनशक्ति से संबंधित है। अतः विकल्प (ग) सही है।
- प्रश्न 72
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उत्तर: क
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कथन 1, 2 और 3 कोयला नियंत्रक संगठन की भूमिका का सही वर्णन करते हैं। CCO भारत सरकार के लिए कोयला आँकड़ों का एक प्रमुख स्रोत है, विभिन्न अंतिम उपयोगकर्ताओं को आबंटित कैप्टिव कोयला और लिग्नाइट ब्लॉकों के विकास की निगरानी करता है, तथा कोयला धारक क्षेत्र (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम 1957 के तहत कोयला धारक क्षेत्रों के अधिग्रहण से संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं पर आपत्तियाँ सुनता है। कथन 4 ग़लत है: यह सुनिश्चित करना कि कोयला खनन कंपनियाँ निर्धारित समय में अंतिम उपयोगकर्ताओं को कोयला पहुँचाएँ, CCO के अधिदेश में नहीं आता। अतः विकल्प (क) सही है।
- प्रश्न 73
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उत्तर: क
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संविधान की पाँचवीं अनुसूची, छठी अनुसूची से आच्छादित पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़कर अन्य किसी भी राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों एवं अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण का प्रावधान करती है। राज्यपाल को ऐसे विनियम बनाने का अधिकार है, जिनमें अनुसूचित जनजाति के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण को निषिद्ध या प्रतिबंधित करने वाले विनियम भी शामिल हैं, जिससे आदिवासी भूमि का ग़ैर-आदिवासियों को हस्तांतरण रोका जाता है। पाँचवीं अनुसूची स्वयं स्थानीय स्व-शासन सृजित नहीं करती, किसी क्षेत्र को संघ राज्य क्षेत्र नहीं बनाती और न ही विशेष श्रेणी का दर्जा देती है। अतः विकल्प (क) सही है।
- प्रश्न 74
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उत्तर: ख
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कथन 1 ग़लत है: इंडिया सेनिटेशन कोएलिशन, फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन चेम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा साझेदारियों के माध्यम से सतत स्वच्छता को बढ़ावा देने हेतु स्थापित मंच है, और यह भारत सरकार तथा WHO द्वारा वित्त पोषित नहीं है। कथन 2 सही है: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ अर्बन अफ़ेयर्स, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से संलग्न शीर्षस्थ थिंक टैंक है, जो भारत की शहरी चुनौतियों के समाधान हेतु शोध, प्रशिक्षण और नवाचार उपलब्ध कराता है। अतः केवल कथन 2 सही है, और सही उत्तर विकल्प (ख) है।
- प्रश्न 75
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उत्तर: ग
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केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण का गठन वर्ष 1997 में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा 3(3) के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत में भू-जल संसाधनों के विकास और प्रबंधन का विनियमन एवं नियंत्रण करना है। केंद्रीय जल आयोग, केंद्रीय भू-जल बोर्ड तथा राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण जल शक्ति मंत्रालय के अधीन प्रशासनिक निकाय हैं, परंतु इनका गठन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के अंतर्गत नहीं हुआ है। अतः सही उत्तर विकल्प (ग) है।
- प्रश्न 76
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उत्तर: क
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केवल कथन 3 सही है। UN प्रत्यय-पत्र समिति महासभा के प्रत्येक नियमित सत्र में सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के प्रत्यय-पत्रों की जाँच करती है और अपनी रिपोर्ट महासभा के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करती है। कथन 1 गलत है क्योंकि यह समिति महासभा द्वारा गठित होती है, सुरक्षा परिषद द्वारा नहीं, और महासभा के अधीन कार्य करती है। कथन 2 भी गलत है क्योंकि यह मार्च, जून और सितम्बर में त्रैमासिक रूप से नहीं मिलती; आम तौर पर महासभा के वार्षिक सत्र के दौरान एक बार बैठक करती है।
- प्रश्न 77
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उत्तर: क
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ध्रुवीय संहिता ध्रुवीय जल में परिचालन करने वाले जहाजों के लिए अंतर्राष्ट्रीय संहिता है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने अपनाया है। यह बाध्यकारी दस्तावेज़ आर्कटिक तथा अंटार्कटिक जल में चलने वाले जहाजों के लिए सुरक्षा, प्रशिक्षण, उपकरण, अभिकल्प तथा पर्यावरण-संरक्षण मानक तय करता है, जिससे बर्फ, अत्यल्प तापमान और दूरस्थता से उत्पन्न विशिष्ट जोखिमों का समाधान हो सके। यह न तो क्षेत्रीय सीमांकन समझौता है, न शोध-आचरण संहिता, और न ही आर्कटिक परिषद का व्यापार-सुरक्षा समझौता है। अतः विकल्प (क) सही है।
- प्रश्न 78
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उत्तर: घ
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तीनों कथन सही हैं। महासभा ने प्रस्ताव द्वारा होली सी और फ़िलिस्तीन जैसे ग़ैर-सदस्य राज्यों को प्रेक्षक का दर्जा प्रदान किया है। अफ़्रीकी संघ तथा यूरोपीय संघ जैसे अंतर-सरकारी संगठन भी महासभा में प्रेक्षक का दर्जा माँग सकते हैं और प्राप्त भी कर सकते हैं। स्थायी प्रेक्षकों, चाहे वे राज्य हों या संगठन, को न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में स्थायी मिशन रखने, महासभा की अधिकांश बैठकों में सम्मिलित होने तथा दस्तावेज़ परिचालित करने का अधिकार है।
- प्रश्न 79
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उत्तर: घ
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कथन 1 सही है क्योंकि चाय बोर्ड की स्थापना चाय अधिनियम 1953 के अंतर्गत हुई थी, अतः यह एक सांविधिक निकाय है। कथन 4 भी सही है क्योंकि भारतीय चाय के निर्यात-संवर्धन हेतु चाय बोर्ड के विदेशी कार्यालय हैं, जिनमें दुबई और मॉस्को सम्मिलित हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि चाय बोर्ड वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन है, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन नहीं। कथन 3 भी गलत है क्योंकि चाय बोर्ड का प्रधान कार्यालय कोलकाता में स्थित है, बेंगलुरु में नहीं। अतः केवल कथन 1 और 4 सही हैं।
- प्रश्न 80
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उत्तर: क
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हरित-धुलाई या ग्रीनवाशिंग वह प्रथा है जिसके द्वारा कोई कम्पनी अपने उत्पादों, सेवाओं अथवा परिचालनों के पर्यावरण-अनुकूल, टिकाऊ या पर्यावरण-संवेदनशील होने का भ्रामक या असत्य प्रभाव गढ़ती है, प्रायः ऐसे विपणन-दावों के माध्यम से जिनके पीछे कोई वास्तविक पर्यावरणीय निष्पादन नहीं होता। यह न तो वित्तीय विवरणों में पर्यावरणीय लागत के समावेश का अभाव है, न आधारिक संरचना परियोजनाओं के पारिस्थितिक परिणामों की उपेक्षा, और न ही सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य पर्यावरण-लागत प्रावधान करना। अतः विकल्प (क) सही परिभाषा है।
- प्रश्न 81
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उत्तर: घ
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कथन 1 गलत है क्योंकि उच्च बादल, जैसे पक्षाभ बादल, पतले होते हैं, अधिकांश सौर विकिरण को आर-पार जाने देते हैं तथा बहिर्गामी अवरक्त विकिरण को रोक लेते हैं; उनका शुद्ध प्रभाव सामान्यतः ऊष्मन का होता है, शीतलन का नहीं। कथन 2 सही है क्योंकि निम्न बादल, जैसे स्तरी और स्तरी-कपासी, पृथ्वी की सतह से उठते अवरक्त विकिरण को अवशोषित कर पुनः उत्सर्जित करते हैं, जिससे निचले वायुमंडल पर ऊष्मन प्रभाव पड़ता है, यद्यपि वे कुछ सूर्यप्रकाश परावर्तित भी कर देते हैं। आधिकारिक उत्तर-कुंजी इस प्रश्न में केवल कथन 2 को सही मानती है।
- प्रश्न 82
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उत्तर: ग
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कथन 2 सही है क्योंकि बिडीबिडी में 2013 में छिड़े दक्षिणी सूडान के गृहयुद्ध से भागकर आए असंख्य शरणार्थी रहते हैं। कथन 3 भी सही है क्योंकि पूर्वी केन्या स्थित दादाब शरणार्थी परिसर में सोमालिया के लम्बे गृहयुद्ध से बचकर आए कई शरणार्थियों ने आश्रय लिया है। कथन 1 गलत है क्योंकि बिडीबिडी केन्या में नहीं, अपितु उत्तर-पश्चिमी युगांडा में स्थित है तथा विश्व की सबसे बड़ी शरणार्थी बस्तियों में से एक है। अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
- प्रश्न 83
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उत्तर: ग
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तुर्क राज्य संगठन, पूर्व नाम तुर्क परिषद, उन सदस्य राज्यों का समूह है जिनकी जनसंख्या तुर्क भाषाएँ बोलती है। दिए गए देशों में अज़रबैजान और उज़्बेकिस्तान, तुर्की, कज़ाकिस्तान तथा किर्गिज़स्तान के साथ-साथ पूर्ण सदस्य हैं। आर्मेनिया तुर्क देश नहीं है और न ही इसका सदस्य है; वस्तुतः आर्मेनिया तथा अज़रबैजान के बीच दीर्घकालीन विवाद चला आ रहा है। क्रोएशिया और रोमानिया मध्य एवं पूर्वी यूरोप के देश हैं जिनकी कोई तुर्क पहचान नहीं है तथा वे सदस्य भी नहीं हैं। अतः सही संयोजन 2 और 5 है, अर्थात विकल्प (ग)।
- प्रश्न 84
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उत्तर: ख
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कथन 1 सही है क्योंकि प्रश्न के समय राजस्थान का भडला सौर पार्क और कर्नाटक का पावागडा सौर पार्क सबसे बड़े पार्कों में थे, परन्तु आधिकारिक उत्तर-कुंजी प्रस्तावित खावड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क के कारण गुजरात में सबसे बड़े पार्क का होना मानती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि केरल का कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा विश्व का प्रथम पूर्णतः सौर-संचालित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बना। कथन 3 गलत है क्योंकि उस समय सबसे बड़ी तैरती सौर प्रकाश-वोल्टीय परियोजना तेलंगाना के रामागुंडम में थी, गोवा में नहीं। अतः कथन 1 और 2 सही हैं।
- प्रश्न 85
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उत्तर: घ
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तीनों कथन UNCLOS के मुख्य प्रावधानों का सही सार प्रस्तुत करते हैं। अनुच्छेद 3 तटवर्ती राज्य को संधि के अंतर्गत निर्धारित आधार-रेखाओं से अधिकतम 12 समुद्री मील तक प्रादेशिक समुद्र की चौड़ाई तय करने की अनुमति देता है। अनुच्छेद 17 यह व्यवस्था करता है कि सभी राज्यों के जहाज, चाहे वे तटीय हों या भू-आबद्ध, प्रादेशिक समुद्र से निर्दोष पारगमन का अधिकार रखते हैं। अनुच्छेद 57 अनन्य आर्थिक क्षेत्र को प्रादेशिक समुद्र की आधार-रेखाओं से अधिकतम 200 समुद्री मील तक सीमित करता है। अतः विकल्प (घ) सही है।
- प्रश्न 86
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उत्तर: ख
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सेनकाकू द्वीप पूर्वी चीन सागर में स्थित छोटे निर्जन द्वीपों का समूह है, जिनका प्रशासन जापान करता है, परन्तु इन पर चीन भी, जो इन्हें दियाओयू द्वीप कहता है, तथा ताइवान भी दावा करते हैं। ये चीन और जापान के बीच प्रभुसत्ता, मत्स्यन-अधिकारों एवं संभावित समुद्र-तलीय संसाधनों को लेकर लम्बे चले आ रहे समुद्री तथा क्षेत्रीय विवाद के केन्द्र में हैं। ये न तो दक्षिण चीन सागर के कृत्रिम द्वीप हैं, न ताइवान का समर्थन करता हुआ अमेरिकी सैन्य अड्डा, और न ही अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय द्वारा निर्जन घोषित भूमि। अतः विकल्प (ख) सही है।
- प्रश्न 87
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उत्तर: ग
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जोड़े 2, 3 और 4 सही ढंग से सुमेलित हैं। गिनी में सितम्बर 2021 में सैन्य तख़्तापलट हुआ जिसने वहाँ का संविधान और सरकार निलम्बित कर दी। लेबनान 2019 से एक भीषण और दीर्घकालीन आर्थिक एवं वित्तीय अवसाद की चपेट में है, जिसे विश्व बैंक ने वैश्विक स्तर पर सबसे बुरा बताया है। ट्यूनीशिया में राष्ट्रपति क़ैस सईद ने 2021 में संसद निलम्बित कर दी थी। जोड़ा 1 गलत है क्योंकि चाड में कोई स्थायी चीनी सैन्य अड्डा नहीं है; चीन का प्रथम विदेशी अड्डा जिबूती में है। अतः तीन जोड़े सही हैं, विकल्प (ग)।
- प्रश्न 88
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जोड़े 1 और 2 सही ढंग से सुमेलित हैं। अनातोलिया आधुनिक तुर्की के एशियाई भाग का ऐतिहासिक नाम है। अम्हारा उत्तरी इथियोपिया का एक प्रदेश है, जो हाल के टिग्रे संघर्ष का केन्द्र रहा है। जोड़ा 3 गलत है क्योंकि काबो डेलगाडो उत्तरी मोज़ाम्बीक़ का एक प्रांत है, जहाँ इस्लामी विद्रोह चल रहा है, स्पेन में नहीं। जोड़ा 4 भी गलत है क्योंकि कैटालोनिया उत्तर-पूर्वी स्पेन का स्वायत्त क्षेत्र है, इटली का नहीं। अतः केवल दो जोड़े सही ढंग से सुमेलित हैं और विकल्प (ख) सही उत्तर है।
- प्रश्न 89
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उत्तर: ख
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कथन 1 सही है क्योंकि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के अंतर्गत समस्त वन्य प्राणियों को सरकारी सम्पत्ति माना गया है, और जो भी व्यक्ति किसी वन्य प्राणी को मारता या पकड़ता है उसे राज्य को सौंपना अनिवार्य है। कथन 3 भी सही है क्योंकि अधिनियम के अनुसार किसी ऐसे वन्य प्राणी को, जो मानव-जीवन के लिए खतरा बन गया हो, मुख्य वन्यजीव वार्डन इस रूप में घोषित कर सकता है तथा उसके पकड़े जाने या मारे जाने का आदेश दे सकता है। कथन 2 गलत है क्योंकि संरक्षित क्षेत्रों के भीतर और बाहर संरक्षण के स्तर तथा अनुमत क्रिया-कलाप भिन्न-भिन्न होते हैं।
- प्रश्न 90
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उत्तर: क
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कुछ चींटी-प्रजातियाँ, विशेष रूप से मध्य एवं दक्षिण अमेरिका की एट्टा तथा एक्रोमायरमेक्स वंश की पत्ती-काटू चींटियाँ, कवक-कृषक के रूप में सुप्रसिद्ध हैं। ये पत्तियाँ काटकर उन्हें अपने भूमिगत कक्षों में ले जाती हैं, जहाँ वही पत्ती-सामग्री उस आधार का काम करती है जिस पर वे कवक-उद्यान उगाती हैं, और ये कवक ही उनका मुख्य आहार होते हैं। यह कृषि-सदृश व्यवहार सहोपकारिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। तिलचट्टे, केकड़े या मकड़ियाँ इस ढंग से कवक की कृषि नहीं करते। अतः विकल्प (क) सही है।
- प्रश्न 91
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उत्तर: ख
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युग्म 1 और 2 सही ढंग से सुमेलित हैं। धौली ओडिशा के खुर्दा जिले में भुवनेश्वर के निकट स्थित है, और एर्रागुड़ी आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में स्थित है; दोनों अशोक के प्रमुख शिलालेखों के प्रसिद्ध स्थल हैं। युग्म 3 गलत है क्योंकि जौगड़ भी ओडिशा के गंजाम जिले में है, मध्य प्रदेश में नहीं। युग्म 4 भी गलत है क्योंकि कालसी उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित है, कर्नाटक में नहीं। अतः केवल दो युग्म सही ढंग से सुमेलित हैं और विकल्प (ख) सही उत्तर है।
- प्रश्न 92
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युग्म 1 और 3 सही ढंग से सुमेलित हैं। नन्नुक बुंदेलखंड में चंदेल वंश का संस्थापक था और नागभट्ट द्वितीय गुर्जर-प्रतिहार वंश का प्रतापी शासक था। युग्म 2 गलत है क्योंकि जयशक्ति परमार वंश का नहीं बल्कि चंदेल वंश का शासक था। युग्म 4 भी गलत है क्योंकि इस संदर्भ में उल्लिखित प्रसिद्ध राजा भोज मालवा के परमार वंश से संबंधित था, राष्ट्रकूट वंश से नहीं। अतः केवल दो युग्म सही ढंग से सुमेलित हैं, जिससे विकल्प (ख) सही उत्तर बनता है।
- प्रश्न 93
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उत्तर: ख
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प्राचीन तमिलकम में रचित संगम साहित्य ब्राह्मणीय वर्ण व्यवस्था से परिचित था और उसमें ब्राह्मण पुरोहितों तथा अन्य समूहों के उल्लेख के साथ-साथ देशी तिणै और कुटि वर्गीकरण भी मिलते हैं। अतः कथन (ख) सही है। संगम काव्य में आभूषण, भोजन, बंदरगाह और व्यापार जैसे भौतिक संस्कृति के समृद्ध संदर्भ हैं, इसलिए विकल्प (क) गलत है। पुरम काव्य में योद्धा आचार केंद्रीय है, अतः विकल्प (ग) भी गलत है। जादुई और अलौकिक शक्तियाँ प्रमुखता से चित्रित हैं तथा अविवेकी नहीं बताई गईं, इसलिए विकल्प (घ) भी अशुद्ध है।
- प्रश्न 94
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उत्तर: क
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योगवासिष्ठ, परंपरागत रूप से वाल्मीकि को आरोपित एक महत्त्वपूर्ण संस्कृत दार्शनिक ग्रंथ है, जिसका फारसी अनुवाद निज़ामुद्दीन पानीपती ने मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में किया था। अकबर के दरबार ने भारतीय शास्त्रीय ग्रंथों का फारसी में अनुवाद कराने को सक्रिय रूप से संरक्षण दिया, जो उनकी व्यापक धार्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय की नीति का भाग था। ये अनुवाद हिंदू दार्शनिक कृतियों को फारसी भाषी अभिजात वर्ग के लिए सुलभ बनाने हेतु थे। यह अनुवाद हुमायूँ, शाहजहाँ या औरंगज़ेब के काल में नहीं हुआ। अतः विकल्प (क) सही है।
- प्रश्न 95
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उत्तर: क
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ग्यारहवीं शताब्दी के दक्षिण भारतीय वैष्णव दार्शनिक रामानुज ने विशिष्टाद्वैत मत का प्रतिपादन किया और इस बात पर बल दिया कि भक्ति, अर्थात् विष्णु रूपी साकार ईश्वर के प्रति प्रेममयी समर्पण, मोक्ष का सर्वश्रेष्ठ साधन है। उन्होंने दार्शनिक तर्क को भक्तिमय धर्मशास्त्र से जोड़ा परंतु केवल तर्क को परम आनंद का मार्ग नहीं माना, न ही वेदों को ईश्वर के संदर्भ बिना मात्र स्वयंसिद्ध शाश्वत प्रमाण माना, और न ही शुद्ध ध्यान को मोक्ष का मुख्य उपाय बताया। अतः विकल्प (क) उनके उपदेशों का सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधित्व करता है।
- प्रश्न 96
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उत्तर: क
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कथन 1 सही है क्योंकि सोमनाथ भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में प्रभास पाटन में स्थित है। कथन 2 भी सही है क्योंकि ग्यारहवीं शताब्दी के विद्वान अल-बेरूनी ने इस मंदिर का तथा महमूद ग़ज़नवी द्वारा 1026 ईस्वी के आक्रमण में लूटी गई संपदा का विस्तृत वर्णन किया था। कथन 3 गलत है क्योंकि वर्तमान पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 1951 में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने की थी, एस. राधाकृष्णन ने नहीं। अतः केवल कथन 1 और 2 ही सही हैं।
- प्रश्न 97
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उत्तर: घ
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बी कोशिकाएँ और टी कोशिकाएँ अनुकूली प्रतिरक्षा तंत्र की प्रमुख लसीकाणु हैं, जो शरीर को जीवाणु, विषाणु और परजीवी जैसे रोगाणुओं से होने वाले रोगों से बचाती हैं। बी कोशिकाएँ प्रतिरक्षियों का उत्पादन करती हैं जो रोगाणुओं और विषों को निष्क्रिय करती हैं, जबकि टी कोशिकाओं में सहायक टी कोशिकाएँ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का संचालन करती हैं और कोशिकाविषी टी कोशिकाएँ संक्रमित कोशिकाओं को नष्ट करती हैं। ये विशेष रूप से एलर्जी निवारक, पीड़ानाशक या प्रतिरक्षा दमनकारी नहीं हैं। इनकी मूल भूमिका रोगाणुओं के विरुद्ध प्रतिरक्षा रक्षा है, अतः विकल्प (घ) सर्वाधिक उपयुक्त है।
- प्रश्न 98
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उत्तर: घ
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कथन 2 सही है क्योंकि टाइटेनियम डाइऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड जैसे धातु ऑक्साइडों के नैनोकण सौंदर्य प्रसाधनों में, विशेष रूप से सनस्क्रीन में, व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं। कथन 3 भी सही है क्योंकि वाणिज्यिक उत्पादों से पर्यावरण में निकले नैनोकण अपने सूक्ष्म आकार और जैविक झिल्लियों को भेदने की क्षमता के कारण स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं और कई को संभावित रूप से असुरक्षित पाया गया है। कथन 1 गलत है क्योंकि नैनोकण प्राकृतिक रूप से भी पाए जाते हैं, जैसे ज्वालामुखीय राख, समुद्री फुहार और वायुमंडलीय धूल में, अतः ये केवल मानव-निर्मित नहीं हैं।
- प्रश्न 99
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कथन 2 सही है क्योंकि डीएनए बारकोडिंग छोटे, मानकीकृत आनुवंशिक अनुक्रमों की तुलना करके उन प्रजातियों में अंतर करती है जो रूपात्मक रूप से समान दिखती हैं परंतु आनुवंशिक रूप से भिन्न होती हैं। कथन 3 भी सही है क्योंकि इसका व्यापक उपयोग प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में अवांछित या प्रतिस्थापित पशु और वनस्पति सामग्री की पहचान करने में होता है, जैसे मछली में धोखाधड़ी या जड़ी-बूटी उत्पादों में मिलावट का पता लगाना। कथन 1 गलत है क्योंकि डीएनए बारकोडिंग किसी जीव की आयु का आकलन नहीं करती; आयु निर्धारण के लिए वृद्धि वलय, समस्थानिक विश्लेषण या टेलोमियर लंबाई जैसी अन्य तकनीकें प्रयुक्त होती हैं।
- प्रश्न 100
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उत्तर: ख
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अम्ल वर्षा मुख्यतः जीवाश्म ईंधनों के दहन से निकलने वाले सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइडों के कारण होती है। वायुमंडल में पहुँचने पर सल्फर डाइऑक्साइड का ऑक्सीकरण होकर सल्फ्यूरिक अम्ल बनता है तथा नाइट्रोजन ऑक्साइडों से नाइट्रिक अम्ल बनता है, जो अम्लीय वर्षण के रूप में पृथ्वी पर गिरते हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड एक विषैली गैस है परंतु अम्ल वर्षा में महत्त्वपूर्ण योगदान नहीं देती। क्षोभमंडलीय ओज़ोन स्वयं नाइट्रोजन ऑक्साइडों और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों से बना द्वितीयक प्रदूषक है, परंतु यह अम्ल वर्षा का प्राथमिक कारण नहीं है। अतः केवल नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड ही उत्तरदायी हैं।
