131. महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम 2005 (धाराएँ 1–29, 31)
Protection of Women from Domestic Violence Act 2005 (Sections 1–29, 31)मूल मुख्य बिंदु
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महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम 2005 को 13 सितंबर 2005 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली और यह 26 अक्तूबर 2006 से लागू हुआ; यह एक दीवानी कानून है जो आपराधिक कानून के साथ-साथ तत्काल राहत देता है।
- 2
"घरेलू संबंध" (धारा 2(f)) में रक्त, विवाह, या दत्तक के संबंध में आने वाली महिलाएँ तथा लिव-इन संबंध में रहने वाली महिलाएँ शामिल हैं — यह भारत का पहला कानून है जो लिव-इन संबंध को संरक्षण के लिए मान्यता देता है।
- 3
"घरेलू हिंसा" (धारा 3) में चार रूप: शारीरिक, यौन, मौखिक/भावनात्मक और आर्थिक दुर्व्यवहार।
- 4
"पीड़ित व्यक्ति" (धारा 2(a)) वह महिला है जो प्रत्यर्थी के साथ घरेलू संबंध में है या रही है; प्रत्यर्थी (धारा 2(q)) साझा घर का कोई भी वयस्क पुरुष सदस्य हो सकता है।
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अधिनियम तीन नए पदाधिकारी बनाता है: संरक्षण अधिकारी (धारा 8), सेवा प्रदाता (धारा 10) और मजिस्ट्रेट (धारा 12) जो 60 दिनों में आदेश देते हैं।
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संरक्षण आदेश (धारा 18) प्रत्यर्थी को हिंसा जारी रखने, संपर्क करने, कार्यस्थल में प्रवेश से रोकता है; उल्लंघन धारा 31 के तहत संज्ञेय, गैर-जमानती अपराध है।
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निवास आदेश (धारा 19) पीड़ित महिला को साझा घर में रहने का अधिकार सुरक्षित करता है — कानूनी अधिकार न होने पर भी बेदखल नहीं किया जा सकता।
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आर्थिक राहत (धारा 20) में चिकित्सा व्यय, आय की हानि, बच्चों सहित भरण-पोषण और संपत्ति क्षति शामिल हैं।
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अभिरक्षा आदेश (धारा 21) मजिस्ट्रेट को पीड़ित महिला के बच्चों की अंतरिम अभिरक्षा देने का अधिकार देता है।
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क्षतिपूर्ति आदेश (धारा 22) मजिस्ट्रेट को मानसिक यातना सहित क्षति हेतु मुआवजा देने का अधिकार देता है।
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अपील प्रावधान (धारा 29) — मजिस्ट्रेट के आदेश के 30 दिन में सत्र न्यायालय में अपील होती है; यह नियमित दीवानी मुकदमेबाजी से तेज प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।
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सर्वोच्च न्यायालय — इंद्रा शर्मा बनाम वी.के.वी. शर्मा (2013): न्यायालय ने माना कि लिव-इन संबंध अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित हैं।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
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1 5M PWDVA 2005 के अंतर्गत "घरेलू हिंसा" क्या है? इसके चार रूप बताइए।
आदर्श उत्तर
PWDVA 2005 की धारा 3 के अनुसार घरेलू हिंसा में कोई भी ऐसा कार्य, चूक या आचरण शामिल है जो स्वास्थ्य, जीवन या सुरक्षा को नुकसान पहुँचाए। चार रूप: (1) शारीरिक — मारपीट; (2) यौन — जबरन संबंध; (3) मौखिक/भावनात्मक — धमकियाँ, अपमान; (4) आर्थिक — संसाधन से वंचित, घर से बेदखल।
~50 words • 5 marks
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