मुख्य बिंदु

  1. 1

    संचार प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक सूचना, अर्थ या समझ स्थानांतरित करने की प्रक्रिया; विल्बर श्रैम (1954) — प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता के बीच विचारों की समानता स्थापित करना।

  2. 2

    शैनन-वीवर मॉडल (1949) — मूलतः दूरभाष अभियांत्रिकी के लिए; स्रोत → प्रेषक → चैनल → प्राप्तकर्ता → गंतव्य; शोर किसी भी बिंदु पर व्यवधान; संचार एन्ट्रॉपी की अवधारणा।

  3. 3

    बर्लो का SMCR मॉडल (1960) — चार घटक: स्रोत (कौशल, दृष्टिकोण, ज्ञान, सामाजिक तंत्र, संस्कृति), संदेश, चैनल (पाँच इंद्रियाँ), प्राप्तकर्ता।

  4. 4

    श्रैम का अन्योन्यक्रिया मॉडल (1954)फ़ीडबैक को केंद्रीय तत्त्व बनाया; प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों एक साथ कोडर-डीकोडर; अनुभव क्षेत्र संदेश की व्याख्या तय करता है।

  5. 5

    अरस्तू का रेटोरिकल मॉडल (c. 350 BCE) — तीन घटक: एथोस (वक्ता की विश्वसनीयता), पैथोस (भावनात्मक अपील), लोगोस (तार्किक तर्क)। आधुनिक सार्वजनिक संचार का आधार।

  6. 6

    औपचारिक संचार नेटवर्क: व्हील (केंद्रीय हब), श्रृंखला (रैखिक), वृत्त (आसन्न), सर्व-चैनल (सभी से सभी)। व्हील = सरल कार्यों में तेज; सर्व-चैनल = जटिल कार्यों में संतुष्टिदायक।

  7. 7

    अनौपचारिक संचार (अंगूरलता): संगठन में अनधिकृत सूचना प्रवाह — कीथ डेविस (1953); 75–95% सटीक लेकिन चुनिंदा; चिंता की स्थिति में तेज; क्लस्टर चेन, एकल धारा, गपशप श्रृंखला, प्रायिकता श्रृंखला।

  8. 8

    संचार बाधाएँ: (1) भौतिक — शोर, दूरी; (2) शब्दार्थ — भाषा भेद, शब्दजाल; (3) मनोवैज्ञानिक — चयनात्मक अनुभूति, पूर्वाग्रह; (4) संगठनात्मक — पदानुक्रम विकृति, सूचना अधिभार; (5) सांस्कृतिक — भिन्न मानदंड।

  9. 9

    अशाब्दिक संचार — मेहराबियन (1971): 7% शाब्दिक, 38% स्वर, 55% शारीरिक भाषा। एडवर्ड हॉल (1966) का प्रॉक्सेमिक्स — व्यक्तिगत स्थान और संचार।

  10. 10

    इलेक्ट्रॉनिक संचार — ईमेल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, सोशल मीडिया, e-गवर्नेंस पोर्टल। लाभ: गति, पहुँच, दस्तावेज़ीकरण। जोखिम: अधिभार, डिजिटल विभाजन, साइबर सुरक्षा, असमकालिक गलतफ़हमी।

  11. 11

    विनाशकारी संचार — संबंधों को क्षति पहुँचाने वाले संचार पैटर्न। गॉटमैन (1994) के "चार घुड़सवार": आलोचना, अवमान, रक्षात्मकता, पत्थरबाज़ी (वापसी)।

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    सक्रिय श्रवण — कार्ल रोजर्स एवं फार्सन (1957) — संचार बाधाओं का उपाय: पूर्ण ध्यान, निर्णय-विलंब, प्रतिबिंबन, स्पष्टीकरण। सक्रिय श्रवण से संगठनों में संघर्ष 40% कम।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M शैनन-वीवर संचार मॉडल को समझाइए। 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

शैनन-वीवर मॉडल (1949) के 6 घटक: (1) सूचना स्रोत, (2) प्रेषक/कोडर, (3) चैनल, (4) शोर (व्यवधान), (5) प्राप्तकर्ता/डिकोडर, (6) गंतव्य। एन्ट्रॉपी (अनिश्चितता) और अतिरेक (शोर को कम करने हेतु दोहराव) की अवधारणाएँ दी। सीमा: फ़ीडबैक तंत्र अनुपस्थित; एकतरफा।

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