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मुख्य बिंदु
नेतृत्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए व्यक्तियों या समूहों को प्रभावित करने की प्रक्रिया है। स्टॉगडिल (1950) — संगठित समूह को लक्ष्य-निर्धारण एवं प्राप्ति में प्रभावित करने की प्रक्रिया।
विशेषता सिद्धांत — नेता जन्मजात गुणों से बनते हैं: बुद्धि, प्रभुत्व, आत्मविश्वास। स्टॉगडिल (1948) ने 124 अध्ययन समीक्षा की; परिस्थितिजन्य कारकों के बिना गुण अपर्याप्त।
व्यावहारिक सिद्धांत — नेता क्या करते हैं पर ध्यान। ओहायो स्टेट: संरचना-आरंभन (कार्य) बनाम विचार (संबंध)। मिशिगन: उत्पादन-केंद्रित बनाम कर्मचारी-केंद्रित।
ब्लेक एवं माउटन का प्रबंधकीय ग्रिड (1964) — लोगों की चिंता × उत्पादन की चिंता; 5 शैलियाँ: टीम प्रबंधन (9,9) आदर्श।
फ़ीडलर का आकस्मिकता मॉडल (1967) — नेतृत्व की प्रभावशीलता नेता की शैली (LPC पैमाने से मापी) और परिस्थितिजन्य अनुकूलता के मेल पर निर्भर।
हर्सी एवं ब्लैंचार्ड का स्थितिजन्य नेतृत्व (1969) — प्रभावी शैली अनुयायी की परिपक्वता/तत्परता पर निर्भर: बताना, बेचना, भागीदारी, प्रतिनिधित्व।
परिवर्तनकारी नेतृत्व — बर्न्स (1978) एवं बास (1985) — अनुयायियों को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठाने की प्रेरणा; 4 Is: आदर्श प्रभाव, प्रेरणात्मक अभिप्रेरणा, बौद्धिक उत्तेजन, व्यक्तिगत विचार।
लेनदेनी नेतृत्व — विनिमय पर आधारित; प्रदर्शन पर पुरस्कार/दंड; नियमों के भीतर; आकस्मिक पुरस्कार एवं अपवाद-प्रबंधन; परिवर्तनकारी के विपरीत।
सेवक नेतृत्व — ग्रीनलीफ (1970) — नेता का प्राथमिक कार्य सेवा करना है। 10 गुण: श्रवण, सहानुभूति, उपचार, जागरूकता, मनाना, अवधारणा, दूरदर्शिता, प्रबन्धता, विकास-प्रतिबद्धता, समुदाय-निर्माण।
करिश्माई नेतृत्व — वेबर (1922) — असाधारण व्यक्तिगत गुणों से प्राधिकार; कांगर एवं कनुंगो (1987) ने 5 व्यावहारिक गुण बताए: दृष्टि, जोखिम, संवेदनशीलता।
प्रभावी नेतृत्व की चुनौतियाँ: परिवर्तन का प्रतिरोध, सूचना बाधाएँ, सांस्कृतिक विविधता, राजनीतिक दबाव में नैतिक दुविधाएँ, अल्पकालिक बनाम दीर्घकालिक दृष्टि, नई पीढ़ी प्रबंधन।
नेतृत्व की प्रभावशीलता अनुयायी संतुष्टि, उत्पादकता, संगठनात्मक नागरिकता एवं लक्ष्य-प्राप्ति से मापी जाती है। गोलमैन (2000) — उच्च EI नेताओं का 20% बेहतर वित्तीय प्रदर्शन।
