121. राज्य प्रशासन: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सचिवालय, मुख्य सचिव, निदेशालय, पुलिस, राजस्व मंडल, लोकायुक्त — पूर्ण नोट्स
State Administration: Governor, CM, Secretariat, Chief Secretary, Directorates, Police, Revenue Board, Lokayuktaपूरा पढ़ने के लिए मुफ़्त में साइन अप करें
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मूल मुख्य बिंदु
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राज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत राष्ट्रपति द्वारा 5 वर्ष के लिए नियुक्त होते हैं (राष्ट्रपति की इच्छानुसार)। वे राज्य के संवैधानिक प्रमुख और केन्द्र-राज्य संपर्क-सूत्र हैं।
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मुख्यमंत्री राजस्थान के वास्तविक कार्यकारी प्रमुख हैं। राज्यपाल द्वारा नियुक्त (विधानसभा में बहुमत अनिवार्य), CM मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करते हैं जो अनुच्छेद 164 के तहत विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है।
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राजस्थान सचिवालय (जयपुर) राज्य सरकार का सर्वोच्च नीति-निर्माण निकाय है। इसमें सचिव (IAS अधिकारी) मंत्रियों की नीति-निर्माण में सहायता करते हैं। यह राजस्थान सचिवालय मैनुअल और कार्य नियमों के तहत कार्य करता है।
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मुख्य सचिव राजस्थान का वरिष्ठतम IAS अधिकारी है जो राज्य की नौकरशाही का प्रमुख है। वे CM के प्रमुख प्रशासनिक सलाहकार, विभागों के समन्वयक और राज्य सिविल सेवा बोर्ड के प्रमुख हैं।
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निदेशालय राज्य सरकार की क्रियान्वयन शाखाएँ हैं — ये सचिवालय द्वारा निर्मित नीतियों को लागू करते हैं। कई राजस्थान निदेशालयों का मुख्यालय अजमेर में है (2023 PYQ प्रश्न)।
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राजस्थान राजस्व मंडल (मुख्यालय: अजमेर) राजस्थान का सर्वोच्च राजस्व न्यायालय है। यह भूमि राजस्व मामलों, राजस्व अभिलेखों और राजस्व विवादों पर अपील सुनता है। राजस्थान राजस्व मंडल अधिनियम, 1949 के तहत स्थापित।
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राजस्थान लोकायुक्त की स्थापना राजस्थान लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के तहत हुई। लोकायुक्त सार्वजनिक सेवकों (मंत्रियों सहित) के विरुद्ध कुप्रशासन, भ्रष्टाचार और शक्ति के दुरुपयोग की शिकायतें जाँचता है (राज्यपाल, CM, विधायक और उच्च न्यायालय न्यायाधीश इसके दायरे से बाहर)।
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राजस्थान पुलिस का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक (DGP), एक IPS अधिकारी करते हैं। राजस्थान पुलिस रेंज (IG नेतृत्व) और जिलों (SP नेतृत्व) में विभाजित है। राज्य पुलिस मुख्यालय जयपुर में है।
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सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 (राजस्थान) — एक ऐतिहासिक कानून जो सरकारी अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतें निर्धारित समय-सीमा में सुनने का अधिकार देता है। यह राष्ट्रीय मॉडल का अग्रदूत था।
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राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत स्थापित। मुख्यालय अजमेर में। यह राजस्थान सरकार की ग्रुप A और B सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करता है। RPSC अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा होती है।
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राजस्थान लोक सेवाओं की प्रत्याभूति अधिनियम, 2011 — सुनवाई अधिकार से पहले; नागरिकों को निर्दिष्ट लोक सेवाओं की समयबद्ध प्राप्ति की गारंटी देता है। समय पर सेवा न मिलने पर स्वतः अपील का प्रावधान।
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राजस्थान में राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ: (a) स्पष्ट बहुमत न होने पर CM नियुक्ति; (b) विश्वास खो चुकी सरकार को बर्खास्त करना; (c) विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रखना; (d) राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में कार्य करना।
संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 5M राजस्थान के राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ क्या हैं?
आदर्श उत्तर
राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ (बिना CM की सलाह के): (1) अस्पष्ट बहुमत पर CM नियुक्ति — बहुमत योग्य नेता को आमंत्रण; (2) विश्वास खो चुकी सरकार को बर्खास्त करना; (3) विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रखना — विशेषतः उच्च न्यायालय से संबंधित; (4) अनुच्छेद 356 के तहत संवैधानिक संकट की रिपोर्ट; (5) राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति।
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