मुख्य बिंदु

  1. 1

    राजस्थान का अभिलेखित वन क्षेत्र 33,014 वर्ग किमी (9.64%) है, किंतु ISFR 2023 के अनुसार वास्तविक वन आवरण मात्र 16,548.21 वर्ग किमी (4.84%) है।

  2. 2

    वन प्रकार: उष्णकटिबंधीय कंटीले वन ~65%, उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती ~30%, उपोष्णकटिबंधीय ~5%।

  3. 3

    खेजड़ी राज्य वृक्ष, रोहिड़ा राज्य पुष्प, गोडावण राज्य पक्षी, चिंकारा राज्य पशु है।

  4. 4

    राजस्थान में 3 राष्ट्रीय उद्यान, 26 वन्यजीव अभयारण्य और 3 बाघ अभयारण्य हैं।

  5. 5

    केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर) को 1981 में रामसर और 1985 में UNESCO विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है।

  6. 6

    रणथम्भोर बाघ अभयारण्य में 2022 की अखिल भारतीय बाघ गणना के अनुसार 88 बाघ थे — प्रति इकाई क्षेत्रफल भारत के सर्वाधिक घनत्व वाले अभयारण्यों में से एक।

  7. 7

    मरु राष्ट्रीय उद्यान (3,162 वर्ग किमी) मुख्यभूमि भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है (लद्दाख का हेमिस राष्ट्रीय उद्यान ~4,400 वर्ग किमी के साथ बड़ा है) और गोडावण का प्राथमिक आवास है।

  8. 8

    1730 में अमृता देवी के नेतृत्व में 363 बिश्नोई जीवन की बलि खेजड़ी के लिए — विश्व का पहला वृक्ष-संरक्षण बलिदान।

  9. 9

    अरावली जैव विविधता गलियारा सरिस्का–रणथम्भोर को जोड़ता है और 800+ किमी के खंडित आवास में वन्यजीव मार्ग प्रदान करता है।

  10. 10

    अप्रैल 2021 में सर्वोच्च न्यायालय ने गोडावण आवास के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों को भूमिगत करने का आदेश दिया।

  11. 11

    क्रेसेप परियोजना (जाइका-वित्तपोषित, ₹1,774.30 करोड़) 19 जिलों को कवर करती है। इसका ध्यान गोडावण संरक्षण और पश्चिमी राजस्थान में 10,000 हेक्टेयर ओरण संरक्षण पर है।

  12. 12

    RFBDP (₹1,693.91 करोड़, 13 जिले, 800 गाँव) वन एवं जैव विविधता विकास की दीर्घकालिक परियोजना है।

  13. 13

    2024-25 में 1,18,369.29 हेक्टेयर में रोपण (लक्ष्य का 147.41%); 'एक पेड़ माँ के नाम' में 5.62 करोड़ पौधे लगाए।

  14. 14

    6,508 VFPMC समितियाँ 14.94 लाख हेक्टेयर की रक्षा करती हैं; 770 EDCs संरक्षित क्षेत्रों के आसपास कार्यरत हैं।

  15. 15

    खेजड़ी बचाओ आंदोलन (फरवरी 2026): बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए अवैध कटाई के विरुद्ध जोधपुर, बाड़मेर, नागौर में जन आंदोलन।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M ओरण क्या हैं? राजस्थान में उनके पारिस्थितिक और सांस्कृतिक महत्त्व का वर्णन कीजिए। 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

ओरण पश्चिमी राजस्थान में बिश्नोई, रेबारी और अन्य समुदायों द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित पवित्र सामुदायिक वन खंड हैं। राजस्थान में 25,000 से अधिक ओरण पट्टे हैं जो अनुमानतः 5–10 लाख हेक्टेयर में फैले हैं। ये जैव विविधता, सेवण घास, GIB आवास और भूजल पुनर्भरण को संरक्षित करते हैं। CRESEP परियोजना (JICA, ₹1,774 करोड़) 10,000 हेक्टेयर ओरण को औपचारिक रूप से संरक्षित कर रही है।

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