80. भारत की जलवायु: मानसून, वर्षा वितरण, जलवायु प्रदेश — पूर्ण नोट्स
Climate of India: Monsoon, Rainfall Distribution, Climatic Regionsपूरा पढ़ने के लिए मुफ़्त में साइन अप करें
सभी अनुभाग, संभावित प्रश्न और त्वरित पुनरावृत्ति तालिका पाएं।
मूल मुख्य बिंदु
- 1
भारत में उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु और चार ऋतुएँ: शीत (दिसम्बर–फरवरी), ग्रीष्म (मार्च–मई), दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितम्बर), और पश्चिमी मानसून का प्रत्यावर्तन (अक्टूबर–नवम्बर)।
- 2
दक्षिण-पश्चिम मानसून जून में भारत पर उत्तर की ओर खिसकते ITCZ से उत्पन्न; अरब सागर शाखा (पश्चिमी घाट पर पहले; पश्चिमी भारत में 80% वर्षा) और बंगाल की खाड़ी शाखा (पूर्वोत्तर/बांग्लादेश पर पहले; गंगा मैदान) में विभाजित।
- 3
मावसिनराम (मेघालय) विश्व में सर्वाधिक वार्षिक वर्षा — 11,871 मिमी (चेरापूँजी: 11,777 मिमी); खासी पहाड़ियों की कीप-आकार घाटी में। जैसलमेर — भारत में सबसे कम वर्षा — ~150 मिमी प्रतिवर्ष।
- 4
एल निनो — मध्य/पूर्वी प्रशांत महासागर का गर्म होना (3–7 वर्ष में) — वॉकर परिसंचरण कमजोर करता है, दक्षिण-पश्चिम मानसून दबाता है, भारत में सामान्य से कम वर्षा (सूखे का खतरा)। ला निना (प्रशांत का ठंडा होना) मानसून को सामान्यतः बढ़ाता है।
- 5
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर/अटलांटिक से उत्पन्न मध्य-अक्षांश चक्रवाती तंत्र, उपोष्णकटिबंधीय जेट धारा के साथ पूर्व की ओर चलकर उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा लाते हैं। दिसम्बर–फरवरी में प्रति माह 5–10 वर्षा-दिवस।
- 6
तिब्बती पठार (औसत 4,500 मीटर) ग्रीष्म में तेजी से गर्म होकर ऊपरी स्तर पर उच्च दाब उत्पन्न करता है; यह ऊपरी एंटीसाइक्लोन मजबूत करता है और मानसून की अरब सागर शाखा को तीव्र बनाता है।
- 7
भारत की औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1,187 मिमी — किंतु वितरण अत्यंत असमान: पूर्वोत्तर और पश्चिमी घाट की ढाल >2,000 मिमी; थार और दक्कन वृष्टि-छाया <250 मिमी; गंगा मैदान 600–1,200 मिमी।
- 8
मानसून का आगमन और वापसी: दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल (1 जून ± 7 दिन) पर आता है; दिल्ली 27 जून–5 जुलाई; 15 जुलाई तक पूरे भारत में; सितम्बर में उत्तर-पश्चिम से वापसी शुरू; 1 दिसम्बर तक पूर्ण वापसी।
- 9
उत्तर-पूर्वी मानसून — अक्टूबर–दिसम्बर; थल से (उच्च दाब) बंगाल की खाड़ी की ओर शीतकालीन पवन; तमिलनाडु, दक्षिणी आंध्र, श्रीलंका में वर्षा; तमिलनाडु को 60% वार्षिक वर्षा NE मानसून से।
- 10
भारत का कोपेन जलवायु वर्गीकरण: उष्णकटिबंधीय मानसूनी (Am — अधिकांश भारत); उष्णकटिबंधीय सवाना (Aw — दक्कन); अर्द्ध-शुष्क (BSh — दक्कन आंतरिक, राजस्थान); शुष्क/गर्म मरुस्थल (BWh — थार); आर्द्र उपोष्ण (Cwa — गंगा मैदान); पर्वतीय (H — हिमालय)।
- 11
लू अप्रैल–जून में सिंधु-गंगा मैदान पर चलने वाली गर्म, शुष्क, धूल भरी हवा; दिन का तापमान 45–50°C तक। राजस्थान, UP और बिहार में सबसे तीव्र।
- 12
भारत में 29 कृषि-जलवायु क्षेत्र (ICAR) और 15 कृषि-जलवायु क्षेत्र (योजना आयोग)। RPSC आमतौर पर कोपेन (6 प्रकार) या सामान्य क्षेत्रीय वर्गीकरण उपयोग करता है।
संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 5M दक्षिण-पश्चिम मानसून की क्रियाविधि समझाइए। यह दो शाखाओं में कैसे विभाजित होता है?
आदर्श उत्तर
दक्षिण-पश्चिम मानसून जून में ITCZ के उत्तर में खिसकने से प्रेरित होता है — थार के तापीय निम्न-दाब को भरने नमी-भरी हवाएँ। दो शाखाएँ: (1) अरब सागर शाखा — पश्चिमी घाट से 2,500–4,000 मिमी; दक्कन वृष्टि-छाया; (2) बंगाल खाड़ी शाखा — पूर्वोत्तर से मावसिनराम (11,871 मिमी); हिमालय के साथ पश्चिम में गंगा मैदान।
~50 words • 5 marks
