72. अंतरिक्ष एवं रक्षा: भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, उपग्रह, प्रक्षेपण यान, सुदूर संवेदन, प्रक्षेपास्त्र, ड्रोन तकनीक, रासायनिक/जैविक हथियार — पूर्ण नोट्स
Space & Defence: Indian Space Programme, Satellites, Launch Vehicles, Remote Sensing, Missiles, Drone Technology, Chemical/Biological Weaponsपूरा पढ़ने के लिए मुफ़्त में साइन अप करें
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मूल मुख्य बिंदु
- 1
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई; इसने भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति का स्थान लिया
- प्रमुख केंद्र: बेंगलुरु में अंतरिक्ष केंद्र, अहमदाबाद में स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर और तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र
- भारत का पहला रॉकेट 21 नवंबर 1963 को थुम्बा भूमध्यरेखीय रॉकेट प्रक्षेपण केंद्र से छोड़ा गया; उसमें सोडियम-वाष्प पेलोड था
- 2
PSLV (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान)
- ISRO का भरोसेमंद प्रक्षेपण यान; 60+ सफल उड़ानें
- 34 देशों के 342 विदेशी उपग्रह प्रक्षेपित
- चंद्रयान-1 (2008), MOM (2013) इसी से प्रक्षेपित
- 3
LVM3 (लॉन्च व्हीकल मार्क 3)
- भारत का सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण यान
- GTO पर 4 t, LEO पर 10 t क्षमता
- OneWeb उपग्रह (2022–23), चंद्रयान-3 (2023), गगनयान में उपयोग
- 4
चंद्रयान-3
- 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार सॉफ्ट लैंडिंग
- विक्रम लैंडर + प्रज्ञान रोवर (एक चंद्र दिवस ~14 पृथ्वी दिवस तक संचालित)
- भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा और दक्षिणी ध्रुव पर पहला देश
- 5
आदित्य-L1
- भारत का पहला सौर वेधशाला मिशन; 2 सितंबर 2023 को PSLV-C57 से प्रक्षेपित
- 6 जनवरी 2024 को L1 बिंदु (1.5 मिलियन km) पर पहुँचा
- सौर कोरोना, CME और सौर वायु का अध्ययन; 7 पेलोड
- 6
गगनयान
- भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन; 3 दिन, 400 km LEO
- 4 IAF परीक्षण पायलट: प्रशांत बालकृष्णन नायर, अंगद प्रताप, अजीत कृष्णन, शुभांशु शुक्ला
- TV-D1 परीक्षण: अक्टूबर 2023; लक्ष्य: 2025 में क्रू मिशन
- 7
मंगलयान (MOM)
- 5 नवंबर 2013 प्रक्षेपित; मंगल कक्षा 24 सितंबर 2014
- भारत प्रथम प्रयास में मंगल पर पहुँचने वाला विश्व का एकमात्र और एशिया का पहला देश
- बजट: ₹450 करोड़ (~$74 मिलियन)
- 8
IGMDP (एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम)
- 1983 में डॉ. APJ अब्दुल कलाम के नेतृत्व में शुरू; पाँच मिसाइल: पृथ्वी, अग्नि, आकाश, त्रिशूल, नाग
- अग्नि की मारक क्षमता: 700 से 8,000+ km
- ब्रह्मोस (भारत-रूस, 1998) — विश्व की सबसे तेज़ क्रूज मिसाइल (~Mach 2.8)
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सुदूर संवेदन उपग्रह
- बिना संपर्क के पृथ्वी का डेटा संग्रह
- RESOURCESAT (LISS, 5.8 m): कृषि, वन, आपदा निगरानी
- CARTOSAT-3 (0.25 m — सर्वश्रेष्ठ रिज़ॉल्यूशन): रक्षा और नगर मानचित्रण
- RISAT: सर्व-मौसम, दिन-रात राडार निगरानी
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NavIC (भारतीय नेविगेशन नक्षत्र)
- भारत की स्वदेशी GPS प्रणाली; 7 उपग्रह
- सटीकता: < 20 मीटर (भारत + 1,500 km क्षेत्र में)
- 2023 से सभी स्मार्टफोन में NavIC अनिवार्य (BIS मानक)
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रासायनिक हथियार
- विषैले रसायनों से हत्या या अक्षमता; WMD की श्रेणी में
- प्रकार: तंत्रिका कारक (सारिन, VX), फफोला कारक (मस्टर्ड गैस), रक्त कारक (साइनाइड)
- रासायनिक हथियार सम्मेलन (CWC), 1993 के तहत प्रतिबंधित; भारत हस्ताक्षरकर्ता
- OPCW प्रवर्तन करता है — नोबेल शांति पुरस्कार 2013
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जैविक हथियार
- रोगाणुओं (बैक्टीरिया, वायरस, विषाक्त पदार्थ) का हथियार के रूप में उपयोग
- जैविक हथियार सम्मेलन (BWC), 1972 — WMD की पूरी श्रेणी पर पहला अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध
- प्रमुख खतरे: एंथ्रेक्स, चेचक, प्लेग, रिसिन, बोटुलिनम विष
- भारत ने 1974 में BWC का अनुसमर्थन किया
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ड्रोन तकनीक
- ड्रोन नीति 2021 (उदार) और PLI योजना (₹120 करोड़): घरेलू निर्माण को बढ़ावा
- प्रमुख निर्माता: ideaForge (सबसे बड़ा), Garuda Aerospace, Drona Aviation
- सेना: Heron, Rustom-2 निगरानी ड्रोन; DRDO: Abhyas, Nirbhay
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ISRO की व्यावसायिक एवं नीति संरचना
- NSIL (2019) — ISRO की व्यावसायिक शाखा; छोटे उपग्रह प्रक्षेपण, OneWeb अनुबंध
- IN-SPACe (2020) — निजी अंतरिक्ष क्षेत्र नियामक संस्था
- अंतरिक्ष नीति 2023 — निजी प्रक्षेपण यान और उपग्रह निर्माण की अनुमति
संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 5M चंद्रयान-3 मिशन में भारत की उपलब्धियाँ बताइए। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग क्यों महत्त्वपूर्ण है?
आदर्श उत्तर
चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विश्व की पहली सॉफ्ट लैंडिंग की (69.37° S)। भारत 4था देश और दक्षिणी ध्रुव पर पहला। प्रज्ञान रोवर ने पहली बार इस क्षेत्र में सल्फर, लौह आदि की इन-सिटू पुष्टि की। महत्त्व: दक्षिणी ध्रुव की छाया में जल-बर्फ है — भावी चंद्र अड्डों और रॉकेट ईंधन के लिए मूल्यवान।
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