मुख्य बिंदु

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    उदार समाज चार स्तंभों पर टिका है: व्यक्तिगत स्वतंत्रता, विधि का शासन, सीमित सरकार, और बहुलवाद; राज्य नागरिकों की सेवा के लिए है, न कि विपरीत।

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    शासन में पारदर्शिता का अर्थ है कि नागरिकों को यह जानने का वैध अधिकार है कि निर्णय कैसे लिए जाते हैं, सार्वजनिक धन कैसे खर्च होता है — यह मनमानेपन और भ्रष्टाचार का प्रतिरोधक है।

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    भारत का सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 हर नागरिक को 30 दिनों में (जीवन/स्वतंत्रता मामलों में 48 घंटे) सार्वजनिक प्राधिकरण के अभिलेख प्राप्त करने का अधिकार देता है; प्रतिवर्ष ~60 लाख आवेदन।

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    स्वतंत्र प्रेस उदार लोकतंत्र में "चौथी संपदा" है — खोजी पत्रकारिता, भ्रष्टाचार उजागर करने और सत्ता को जवाबदेह ठहराने का कार्य करता है; RSF विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक वार्षिक माप है।

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    मीडिया नैतिकता सटीकता, निष्पक्षता, स्वतंत्रता और जवाबदेही की मांग करती है; खतरे हैं — पेड न्यूज़ (संपादकीय पर कब्जा), फर्जी खबर (भ्रामक सूचना), और मीडिया एकाग्रता (विविधता में कमी)।

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    उदार समाज में नौकरशाही जवाबदेही कई माध्यमों से होती है: विधायी जाँच (प्रश्नकाल, PAC), न्यायिक समीक्षा (रिट, PIL), कार्यकारी निरीक्षण (लोकपाल, ACB), और नागरिक तंत्र (RTI, शिकायत पोर्टल)।

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    उदार समाज में व्हिसलब्लोअर संरक्षण अत्यंत महत्त्वपूर्ण है — व्हिसलब्लोअर संरक्षण अधिनियम 2014 सरकारी भ्रष्टाचार उजागर करने वालों की रक्षा करता है; इसके बिना आंतरिक जवाबदेही ध्वस्त हो जाती है।

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    खुली सरकार ढाँचे (OGP सदस्यता 2011 से) सक्रिय प्रकटीकरण को बढ़ावा देते हैं — खुले डेटा पोर्टल, बजट पारदर्शिता और सामाजिक लेखापरीक्षण के माध्यम से नागरिकों के RTI आवेदन की प्रतीक्षा किए बिना।

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    राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच तनाव उदार लोकतंत्रों में बार-बार उभरता है — RTI की धारा 8 के अपवाद संकुचित और न्यायिक समीक्षा योग्य होने चाहिए।

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    सोशल मीडिया ने सूचना को लोकतांत्रिक बनाया किंतु दुष्प्रचार पारिस्थितिकी को भी सक्षम किया — डीप फेक, एल्गोरिदमिक बुलबुले उदार समाज की विचार-विमर्श लोकवाद को क्षति पहुँचाते हैं; डिजिटल साक्षरता और प्लेटफॉर्म विनियमन नई नैतिक आवश्यकताएँ हैं।

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    स्वैच्छिक प्रकटीकरण (RTI 2005 की धारा 4) हर सार्वजनिक प्राधिकरण को 17 श्रेणियों की जानकारी स्वेच्छा से वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्देश देता है — राज्य और नागरिक के बीच सूचना असमानता कम करता है।

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    उदार समाज में नौकरशाही को राजनीतिक तटस्थता (वेस्टमिंस्टर परंपरा) और निर्वाचित सरकार के प्रति उत्तरदायिता के बीच संतुलन बनाना होता है; योग्यता-आधारित भर्ती और सेवा नियम इस संतुलन की गारंटी देते हैं।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M शासन में पारदर्शिता से क्या अभिप्राय है? भारत में इसे सुनिश्चित करने के दो तंत्रों के नाम बताइए। 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

शासन में पारदर्शिता का अर्थ है — नागरिकों को यह जानने का अधिकार कि निर्णय और सार्वजनिक धन कैसे उपयोग हुए। दो तंत्र: (1) RTI अधिनियम 2005 — 30 दिनों में सरकारी अभिलेख; वार्षिक ~60 लाख आवेदन। (2) सामाजिक अंकेक्षण — MGNREGS व्यय की समुदाय जाँच; MKSS राजस्थान द्वारा प्रवर्तित।

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