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मुख्य बिंदु
- HRM (मानव संसाधन प्रबंधन) किसी संगठन में लोगों के प्रभावी प्रबंधन का रणनीतिक दृष्टिकोण है जो व्यवसाय को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ दिलाने में सहायक होता है। गैरी डेसलर की परिभाषा: "प्रबंधकीय पद के 'लोगों' से जुड़े पहलुओं को पूरा करने में शामिल नीतियाँ और व्यवहार, जिनमें भर्ती, छँटाई, प्रशिक्षण, पुरस्कार तथा मूल्यांकन सम्मिलित हैं।"
- मानव संसाधन नियोजन (HRP) संगठन की भावी मानव संसाधन माँग और आपूर्ति का पूर्वानुमान करने की प्रक्रिया है ताकि सही कौशल वाले सही लोग सही समय पर सही संख्या में उपलब्ध हों। इसमें सम्मिलित हैं: माँग पूर्वानुमान (डेल्फी विधि, प्रवृत्ति विश्लेषण, कार्य-अध्ययन विधि) और आपूर्ति पूर्वानुमान (कौशल सूची, उत्तराधिकार नियोजन)।
- भर्ती संगठन के भीतर और बाहर से संभावित उम्मीदवारों की पहचान और उन्हें आकर्षित करने की प्रक्रिया है। स्रोत: आंतरिक (पदोन्नति, स्थानांतरण, कर्मचारी रेफरल); बाह्य (नौकरी पोर्टल, परिसर भर्ती, रोज़गार एजेंसियाँ, विज्ञापन)। भारत का सबसे बड़ा नौकरी पोर्टल Naukri.com (Info Edge) है, जिसके पास 2024 तक 8 करोड़ से अधिक पंजीकृत बायोडेटा थे।
- चयन भर्ती किए गए उम्मीदवारों में से सबसे उपयुक्त व्यक्ति चुनने की प्रक्रिया है। चरण: आवेदन छँटाई → प्रारंभिक साक्षात्कार → परीक्षण (अभिक्षमता, व्यक्तित्व, व्यावसायिक) → विस्तृत साक्षात्कार → चिकित्सकीय परीक्षण → संदर्भ जाँच → नौकरी का प्रस्ताव। चयन अनुपात = चयनित उम्मीदवारों की संख्या ÷ आवेदकों की संख्या; अनुपात जितना कम, प्रक्रिया उतनी अधिक चयनात्मक।
- प्रशिक्षण बनाम विकास: प्रशिक्षण वर्तमान भूमिकाओं के लिए अल्पकालिक एवं नौकरी-विशिष्ट कौशल निर्माण है (जैसे मशीन संचालन, विक्रय तकनीक)। विकास भावी भूमिकाओं के लिए दीर्घकालिक एवं व्यापक वृद्धि है (जैसे नेतृत्व विकास, एमबीए प्रायोजन)। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत 2009 से 1.4 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है।
- प्रशिक्षण विधियाँ: कार्य-स्थल पर — कार्य परिभ्रमण (कार्य-परिवर्तन) (कर्मचारी को विभिन्न भूमिकाओं में भेजना), मार्गदर्शन (कोचिंग) (पर्यवेक्षक का तत्काल मार्गदर्शन), शिक्षुता (संरचित 1-4 वर्षीय कार्यक्रम, शिक्षु अधिनियम 1961 के अंतर्गत विनियमित); कार्य-स्थल से बाहर — कक्षा व्याख्यान, केस अध्ययन, भूमिका निर्वहन, अनुकरण (सिमुलेशन), ई-लर्निंग (ऑनलाइन मॉड्यूल)।
- निष्पादन मूल्यांकन पूर्व-निर्धारित मानकों के विरुद्ध कर्मचारी के कार्य-निष्पादन का औपचारिक आकलन है। विधियाँ: चित्रात्मक श्रेणीकरण पैमाना (चित्रात्मक रेटिंग पैमाना) (सबसे प्रचलित); 360-डिग्री प्रतिक्रिया (साथी, अधीनस्थ, पर्यवेक्षक तथा ग्राहक मिलकर रेटिंग देते हैं); उद्देश्यों द्वारा प्रबंधन (MBO) (पीटर ड्रकर, 1954 — लक्ष्य संयुक्त रूप से तय होते हैं); संतुलित स्कोरकार्ड (कैपलन & नॉर्टन, 1992 — चार दृष्टिकोण)।
- क्षतिपूर्ति एवं लाभ — कुल पुरस्कारों में शामिल हैं: प्रत्यक्ष वेतन (मूल वेतन, अतिरिक्त कार्य भत्ता, प्रोत्साहन) तथा अप्रत्यक्ष वेतन (भविष्य निधि, स्वास्थ्य बीमा, सवैतनिक अवकाश)। भारत के सातवें वेतन आयोग ने (रिपोर्ट नवंबर 2015 में प्रस्तुत, जनवरी 2016 से लागू) केंद्र सरकार के वेतनमान का पुनर्गठन किया; न्यूनतम मूल वेतन ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया।
- औद्योगिक संबंध (IR) नियोक्ता-कर्मचारी के रिश्तों को कवर करते हैं। भारत के प्रमुख कानून: औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 (छँटनी, हड़ताल, तालाबंदी); ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926; औद्योगिक संबंध संहिता 2020 (चार श्रम संहिताओं में से एक)। भारत में लगभग 12 केंद्रीय श्रमिक संगठन हैं, जिनमें INTUC (कांग्रेस), BMS (भाजपा-संबद्ध) तथा CITU (माकपा-संबद्ध) शामिल हैं।
- आधुनिक मानव संसाधन प्रबंधन की प्रवृत्तियाँ: (क) एचआर विश्लेषिकी / जन विश्लेषिकी — AI/ML के माध्यम से आँकड़ा-आधारित एचआर निर्णय (Workday, SAP SuccessFactors); (ख) दूरस्थ/संकर कार्य — कोविड-19 के बाद बदलाव, 2024 में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के 35% कर्मचारी संकर रूप में (NASSCOM); (ग) कर्मचारी कल्याण कार्यक्रम — मानसिक स्वास्थ्य सहायता, कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (EAP); (घ) विविधता, समता एवं समावेशन (DEI) — प्रतिनिधित्व सुधारने के सुसंगठित प्रयास।
- प्रतिभा प्रबंधन में उच्च-संभावना वाले कर्मचारियों को आकर्षित करना, बनाए रखना तथा विकसित करना शामिल है। उत्तराधिकार नियोजन प्रमुख नेतृत्व भूमिकाओं के लिए आंतरिक उम्मीदवारों की पहचान एवं विकास करता है। भारत में नौकरी छोड़ने की दर: सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वित्त वर्ष 2022 में 23% छँटाव (एक दशक का सर्वाधिक, NASSCOM) जो वित्त वर्ष 2024 में 13–15% पर स्थिर हो गया।
- श्रम विधि सुधार — चार श्रम संहिताएँ (2019-2020): केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को 4 संहिताओं में समेकित किया: (1) मजदूरी संहिता 2019 (न्यूनतम मजदूरी, समान वेतन); (2) औद्योगिक संबंध संहिता 2020 (विवाद, संघ, छँटनी); (3) सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 (कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, उपदान, मातृत्व लाभ); (4) व्यावसायिक सुरक्षा संहिता 2020 (कारख़ाने, खानें, निर्माण)।
