सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
मुख्य बिंदु
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का योगदान राजस्थान की GSVA में 26.92% (2024-25) — राष्ट्रीय औसत ~17% से काफी अधिक।
राजस्थान में कुल सिंचाई क्षमता सृजन: 39.36 लाख हेक्टेयर (मार्च 2024 तक); 2024-25 सिंचाई बजट ₹5,803.75 करोड़।
राजस्थान ऊन उत्पादन में #1 (राष्ट्रीय उत्पादन का 47.98%) और दुग्ध उत्पादन में #2 (राष्ट्रीय उत्पादन का 14.44%)।
पशुधन GVA: ₹1.98 लाख करोड़ (2024-25) — फसल क्षेत्र से अधिक; दूध का योगदान 80.17%।
राजस्थान में देश के कुल पशुधन का 10.60%; जिसमें 84.43% ऊँट, 14% बकरियाँ, 12.47% भैंसें।
ERCP: 17 जिलों में 3.25 करोड़ लोगों को पेयजल; 2,51,000 नए + 1,52,000 अतिरिक्त हेक्टेयर सिंचाई।
वार्षिक सतही जल उपलब्धता ~40,000 MCM परंतु केवल ~50% उपयोग; 80% भूजल खंड अति-दोहित।
PM-KISAN ₹6,000/वर्ष (केंद्र); राजस्थान मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि ₹3,000 अतिरिक्त — कुल ₹9,000/वर्ष; 72-74 लाख किसान लाभान्वित।
PMFBY 2025-26 तक जारी; कुल परिव्यय ₹69,515.71 करोड़; YES-TECH और WINDS तकनीक से उपज आकलन।
राजस्थान भारत का शीर्ष बाजरा उत्पादक राज्य ("मिलेट बाउल ऑफ इंडिया"); राजस्थान मिलेट्स प्रमोशन मिशन ₹40 करोड़ वार्षिक।
IGNP: थार मरुस्थल में 5,719 गाँव और 39 नगर; RWSLIP (JICA): 137 सिंचाई परियोजनाओं का नवीनीकरण — 4.70 लाख हेक्टेयर CCA।
भूजल में फ्लोराइड दूषण अनेक जिलों में; ERCP एवं JJM ग्रामीण नल कनेक्शन 59.61 लाख।
PMDDKY अक्टूबर 2025 में प्रारंभ: ₹24,000 करोड़/वर्ष, 100 जिले, 36 योजनाओं का एकीकरण।
सूक्ष्म सिंचाई (PMKSY): ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर 34,469 हेक्टेयर + स्प्रिंकलर 56,727 हेक्टेयर; ₹123.79 करोड़ व्यय।
