288. स्वास्थ्य, खाद्य एवं पोषण
Health, Food & Nutritionमूल मुख्य बिंदु
- 1
स्वास्थ्य-नीति का आधार पीएमजेएवाई 2018, एबीडीएम 2021, वय वंदना 2024, राजस्थान की चिरंजीवी योजना और राजस्थान स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम, 2023 हैं।
- 2
खाद्य-सुरक्षा ढाँचा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के 2006 अधिनियम, झुंझुनूं से शुरू पोषण अभियान और एनएफएचएस-5 संकेतकों से बनता है।
- 3
पोषण में ऊर्जा-मान, विटामिन-अभाव युग्म और प्रोटीन-ऊर्जा कुपोषण को अलग-अलग समझना जरूरी है।
- 4
रोग-वर्गीकरण में वाहक-रोग-रोगजनक युग्म, जलजनित तथा रक्तजनित मार्ग और मलेरिया प्रजाति प्रमुख रहते हैं।
- 5
संस्थागत आधार में 1911 की भारतीय अनुसंधान निधि संघ से विकसित आईसीएमआर और आयुर्विज्ञान आयोग का महत्व है।
- 6
2023 का अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष और श्री अन्न नामकरण मोटे अनाज को पोषण-नीति से जोड़ते हैं।
- 7
कोवैक्सिन, आईसीएमआर-एनआईवी पुणे और भारत बायोटेक जैव-प्रौद्योगिकी, जनस्वास्थ्य और टीका-नियमन को जोड़ते हैं।
- 8
झुंझुनूं, चिरंजीवी, स्वास्थ्य अधिकार, एम्स जोधपुर, सवाई मानसिंह अस्पताल और राजस्थान का बाजरा राज्य-स्तर के स्वास्थ्य-पोषण उदाहरण देते हैं।
मूल स्वास्थ्य वित्त, पात्रता और अधिकार
आयुष्मान भारत — प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) द्वितीयक और तृतीयक अस्पताल-देखभाल का केंद्रीय बीमा आधार है। इसका राष्ट्रीय शुभारंभ 2018-09-23 को रांची से हुआ और पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक नकदरहित अस्पताल-उपचार मिलता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण इसका कार्यान्वयन करता है; 12 करोड़ से अधिक परिवार और लगभग 55 करोड़ लाभार्थी इसकी मात्रा बताते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इससे अलग हैं, क्योंकि वे अस्पताल पैकेज नहीं बल्कि प्राथमिक देखभाल को मजबूत करते हैं। पोर्टेबिलिटी के कारण पात्र श्रमिक घर-राज्य से बाहर सूचीबद्ध अस्पताल में भी उपचार ले सकता है; दावा-निपटान अस्पताल पैकेज, ई-कार्ड और धोखाधड़ी नियंत्रण से जुड़ता है।
आयुष्मान वय वंदना योजना (पीएमजेएवाई 70+ विस्तार) 2024 की वृद्धजन-नीति कड़ी है। इसका शुभारंभ 2024-10-29 को हुआ और यह 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय-श्रेणी से अलग ₹5 लाख परिवार-कवर देती है। इसके साथ लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक और 4.5 करोड़ परिवार नीति-दायरे में आते हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (राजस्थान) 2021-05-01 से चली और बजट में ₹25 लाख तक पहुँची। राजस्थान स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम, 2023 बीमा से आगे जाकर अग्रिम भुगतान के बिना आपात उपचार का विधिक आधार देता है।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 MCQ सितंबर 2018 में रांची से शुरू केंद्रीय अस्पताल-बीमा आधार का सही नीति-युग्म कौन-सा है?
व्याख्या
एबी-पीएमजेएवाई 2018 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण-आधारित अस्पताल-बीमा योजना है और ₹5 लाख परिवार-कवर से पहचानी जाती है। एबीडीएम डिजिटल स्वास्थ्य पहचान परत है, वय वंदना 70+ विस्तार है और चिरंजीवी राजस्थान की राज्य बीमा व्यवस्था है।
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