मुख्य बिंदु

  1. 1

    भारत में राजकोषीय संघवाद केवल एक वित्त आयोग सूत्र नहीं, बल्कि अनुच्छेद 265, अनुच्छेद 270, अनुच्छेद 275 और अनुच्छेद 280 पर टिकता है।

  2. 2

    13वें, 14वें, 15वें और 16वें वित्त आयोग 32%, 42%, 41% और 2026-31 के नए पुरस्कार ढाँचे की श्रृंखला बनाते हैं।

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    15वें वित्त आयोग ने 2021-26 के लिए 41% हिस्सा रखा और आय दूरी, 2011 आबादी, क्षेत्रफल, वन और पारिस्थितिकी, जनांकिकीय प्रदर्शन तथा कर प्रयास को जोड़ा।

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    अनुच्छेद 279A के अंतर्गत जीएसटी परिषद संयुक्त संघ-राज्य संस्था है, जिसमें भारित मतदान, सहमति व्यवहार और दर-निर्धारण के प्रत्यक्ष प्रभाव हैं।

  5. 5

    21 दिसंबर 2024 को जैसलमेर में हुई 55वीं जीएसटी परिषद बैठक इस विषय को सीधी राजस्थान समसामयिक कड़ी देती है।

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    राजकोषीय उत्तरदायित्व, केंद्रीय बजट घाटा लक्ष्य, ऋण और उधारी राज्यों को मिलने वाले संसाधनों की स्थिरता से जुड़े हैं।

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    जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर बताता है कि कर सुधार राज्यों के लिए अस्थायी राजस्व गारंटी और बाद में ऋण-भुगतान प्रश्न बना सकता है।

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    रघुराम राजन समिति और केंद्र प्रायोजित योजना तर्कसंगतकरण अंतर-सरकारी अंतरणों में समानता और लचीलापन दोनों पक्ष दिखाते हैं।

राजकोषीय संघवाद का संवैधानिक ढाँचा

राजकोषीय संघवाद वह नियम-समूह है जिससे संघ, राज्य और स्थानीय निकाय राजस्व जुटाते, कर बाँटते और सार्वजनिक सेवाओं को वित्त देते हैं। अनुच्छेद 265 — कर विधि के प्राधिकार से ही लगाए जा सकते हैं — पहली सीमा तय करता है: संघ या राज्य विधिक प्राधिकार के बिना कर नहीं लगा और वसूल सकता। अनुच्छेद 270 — संघ करों के निवल आगमों का वितरण — विभाज्य पूल की धारणा बनाता है, क्योंकि कुछ संघ कर संघ और राज्यों में बाँटे जाते हैं, जबकि उपकर और अधिभार संवैधानिक रूप से अलग रहते हैं। अनुच्छेद 275 — संघ से राज्यों को सहायता अनुदान — भारत की संचित निधि से ऐसे राज्यों के लिए वैधानिक अनुदान देता है जिन्हें सहायता चाहिए। अनुच्छेद 280 — वित्त आयोग — इन धाराओं को जोड़ता है: राष्ट्रपति हर पाँचवें वर्ष या पहले वित्त आयोग बनाता है, जिसमें अध्यक्ष और 4 सदस्य होते हैं, ताकि ऊर्ध्वाधर बँटवारा, क्षैतिज हिस्से, सहायता अनुदान और पंचायतों-नगरपालिकाओं के लिए राज्य निधि बढ़ाने के उपाय सुझाए जा सकें। राजस्थान इस ढाँचे में दो स्तरों पर आता है: कर बँटवारा और अनुदान पाने वाले राज्य के रूप में, और 73वें तथा 74वें संविधान संशोधनों के बाद अपने पंचायतों तथा नगरीय निकायों के माध्यम से, जिनके संसाधन वित्त आयोग सिफारिशों से जुड़ते हैं। इसलिए कोई बजट संख्या अपने आप संघीय धन नहीं बनती। कर को पहले विधि का प्राधिकार चाहिए, फिर वह विभाज्य पूल में आता या बाहर रहता है, फिर वित्त आयोग सिफारिश या अनुदान बनता है। इसी कारण आयकर, जीएसटी, क्षतिपूर्ति उपकर और स्थानीय निकाय अनुदान राजस्थान के जिले या नगरपालिका तक अलग-अलग संवैधानिक रास्तों से पहुँचते हैं।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ राष्ट्रपति हर पाँचवें वर्ष कर बँटवारे और सहायता अनुदान पर सिफारिश करने वाली संवैधानिक संस्था बनाता है। यह ढाँचा किस अनुच्छेद में है?
  1. A अनुच्छेद 265 — कराधान के लिए विधि का प्राधिकार
  2. B अनुच्छेद 270 — संघ करों का वितरण
  3. C अनुच्छेद 275 — राज्यों को सहायता अनुदान
  4. D अनुच्छेद 280 — वित्त आयोग सही उत्तर

व्याख्या

अनुच्छेद 280 वित्त आयोग का ढाँचा देता है और राष्ट्रपति द्वारा हर पाँचवें वर्ष या पहले गठन की व्यवस्था करता है। अनुच्छेद 265 कर की वैधता, अनुच्छेद 270 विभाज्य पूल और अनुच्छेद 275 सहायता अनुदान से जुड़ा है।