मुख्य बिंदु

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    प्रायद्वीपीय कठोर चट्टानों में भारत के अधिकतर धात्विक खनिज मिलते हैं, जबकि जलोढ़ मैदान अपेक्षाकृत गरीब हैं।

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    छोटानागपुर खनिज पट्टी में कोयला, लौह अयस्क, अभ्रक, बॉक्साइट और मैंगनीज एक साथ जुड़े हैं।

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    दामोदर के कोयला क्षेत्र, ओडिशा-झारखंड का लौह अयस्क और राजस्थान के अरावली खनिज अलग आधारों पर पढ़े जाते हैं।

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    ओडिशा का बॉक्साइट लेटराइट पठारों से जुड़ता है; कोडरमा-गया-हजारीबाग और राजस्थान अभ्रक के प्रश्नों को स्पष्ट करते हैं।

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    मुंबई हाई, डिगबोई और बाड़मेर बताते हैं कि पेट्रोलियम अवसादी बेसिनों से जुड़ता है, ढाल चट्टानों से नहीं।

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    राजस्थान की जावर-रामपुरा आगूचा और झामरकोटड़ा पट्टियाँ सीसा-जस्ता और रॉक फॉस्फेट को राष्ट्रीय तुलना में रखती हैं।

खनिज प्रदेश और प्रायद्वीपीय आधार

भारत का खनिज भूगोल चट्टान की आयु और संरचना से शुरू होता है। पुराने प्रायद्वीपीय खंडों में अधिकतर धात्विक खनिज इसलिए मिलते हैं क्योंकि क्रिस्टलीय, रूपांतरित और ज्वालामुखीय चट्टानें लंबे समय तक दरार, अंतःक्षेप और अपक्षय से गुजरी हैं। छोटानागपुर खनिज पट्टी इसका सबसे सघन उदाहरण है: छोटानागपुर पठार, ओडिशा पठार, पश्चिम बंगाल और आसपास का झारखंड-छत्तीसगढ़ क्षेत्र कोयला, लौह अयस्क, अभ्रक, बॉक्साइट और मैंगनीज को निकट दूरी में रखता है। इसलिए पूर्वी भारत में कोयला क्षेत्र, लौह-इस्पात संयंत्र और भारी उद्योग साथ दिखाई देते हैं, जबकि गंगा का जलोढ़ मैदान आर्थिक खनिजों में कमजोर है। राजस्थान पश्चिमी तुलना देता है। उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर और जैसलमेर के आसपास अरावली चट्टानों में सीसा-जस्ता, तांबा, रॉक फॉस्फेट, जिप्सम और चूना पत्थर मिलते हैं। यहाँ मूल भेद पूर्व-पश्चिम नहीं, बल्कि पुरानी कठोर चट्टान और युवा जलोढ़ आवरण का है। इसलिए छोटानागपुर खनिज पट्टी को जावर-रामपुरा आगूचा सीसा-जस्ता पट्टी और झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट निक्षेप के साथ पढ़ना चाहिए। पहली पट्टी कोयला-लौह-अभ्रक की सघनता दिखाती है, दूसरी राजस्थान के अरावली भूभाग में अलौह और उर्वरक खनिज दिखाती है। खनिज मानचित्र बिंदु नहीं, पट्टियाँ दिखाते हैं क्योंकि पट्टी अयस्क, चट्टान, परिवहन, ऊर्जा और उपभोक्ता उद्योग को जोड़ती है। भारी अयस्क दूर ले जाना महँगा होता है, इसलिए रेलमार्ग, बिजलीघर, धुलाई संयंत्र, गलाने की इकाइयाँ और सीमेंट कारखाने अयस्क निकाय या बाजार के रास्ते के पास बढ़ते हैं।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ एक खनिज पट्टी झारखंड, ओडिशा पठार और पश्चिम बंगाल में कोयला, लौह अयस्क, अभ्रक, बॉक्साइट और मैंगनीज को साथ रखती है। कौन-सा विकल्प सही है?
  1. A छोटानागपुर खनिज पट्टी सही उत्तर
  2. B कोडरमा-गया-हजारीबाग अभ्रक पट्टी
  3. C कोरापुट-कालाहांडी लेटराइट बॉक्साइट पट्टी
  4. D जावर-रामपुरा आगूचा सीसा-जस्ता पट्टी

व्याख्या

क सही है क्योंकि विवरण कई खनिजों वाली पूर्वी पठारी पट्टी बताता है, कोई एक-खनिज पट्टी नहीं। ख केवल अभ्रक से, ग लेटराइट बॉक्साइट से और घ राजस्थान के सीसा-जस्ता से जुड़ा है।