मुख्य बिंदु

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    भारत में पंचायती राज समिति-सिफारिशों से 73वें संविधान संशोधन, भाग 9, अनुच्छेद 243 और ग्यारहवीं अनुसूची तक पहुँचा।

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    राजस्थान की राज्य-स्तरीय कहानी 2 अक्टूबर 1959 को नागौर से शुरू होकर राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 तक आती है।

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    ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद तीन कामकाजी स्तर हैं जो अनुदान, योजना और सेवा-वितरण से जुड़े हैं।

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    राजस्थान में ग्रामीण विकास मजदूरी रोजगार, आवास, आजीविका, जल-संरक्षण, भूमि-अभिलेख, किसान सहायता और पशुधन सुरक्षा को जोड़ता है।

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    पेसा 1996 बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर जैसे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की शक्ति बढ़ाता है।

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    बजट-चक्र और आर्थिक समीक्षा में घोषणा, आवंटन और प्रदर्शन आँकड़ों को अलग रखना आवश्यक है।

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    वित्त आयोग अनुदान और आरजीएसए क्षमता निर्माण बताते हैं कि पंचायत निकायों को धन और प्रशासनिक क्षमता कैसे मिलती है।

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    पश्चिमी समर्पित माल गलियारा और औद्योगिक गलियारा अलवर, जयपुर, अजमेर और पाली के ग्रामीण बाजारों को प्रभावित करते हैं।

संवैधानिक ढाँचा और राजस्थान की शुरुआत

पंचायती राज लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की ग्रामीण स्थानीय-सरकार शाखा है। इसका संवैधानिक आधार संविधान का भाग 9 है, जिसे 73वें संविधान संशोधन, 1992 ने जोड़ा; अनुच्छेद 243 पंचायत संबंधी शब्दावली देता है और ग्यारहवीं अनुसूची पंचायतों को सौंपे जा सकने वाले 29 विषयों की सूची देती है। इनमें कृषि, भूमि-सुधार, लघु सिंचाई, पशुपालन, ग्रामीण आवास, सड़क, गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सामाजिक कल्याण शामिल हैं। समिति-क्रम से यह ढाँचा स्पष्ट होता है। बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने सामुदायिक विकास को त्रि-स्तरीय व्यवस्था से जोड़ा; अशोक मेहता समिति (1977) ने जिला स्तर को मजबूत करने और द्वि-स्तरीय पैटर्न का पक्ष लिया; जी.वी.के. राव समिति (1985) ने जिला योजना और प्रखंड प्रशासन को विकास बहस में रखा; एल.एम. सिंघवी समिति (1986) ने संवैधानिक दर्जे और न्याय पंचायतों की संस्तुति की। राजस्थान इस कहानी में केंद्रीय है। नागौर में पंचायती राज का उद्घाटन (राजस्थान, 1959) 1959-10-02 को हुआ, जब जवाहरलाल नेहरू ने व्यवस्था शुरू की; राजस्थान पहला राज्य बना और नागौर की शुरुआत भारतीय पंचायती राज का मानक आरंभ-बिंदु मानी जाती है। राष्ट्रीय संवैधानिक बदलाव के बाद राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की राज्य-स्तरीय विधिक संरचना दी। यही ढाँचा नागौर, बांसवाड़ा, गंगानगर और बाड़मेर जैसे जिलों में अलग-अलग ग्रामीण जरूरतों को संस्था, योजना और लेखा से जोड़ता है।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 1M 1959 में नागौर में शुरू हुई त्रि-स्तरीय ग्रामीण स्थानीय व्यवस्था से कौन-सा युग्म सही जुड़ता है? 1 अंक · 0 शब्द

आदर्श उत्तर

सही युग्म सही विकल्प है: नागौर उद्घाटन 2 अक्टूबर 1959 को हुआ और जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा है। विकल्प ख गणतंत्र दिवस को स्थानीय शासन की शुरुआत से मिला देता है। विकल्प ग समिति-वर्ष को राजस्थान की शुरुआत मानता है। विकल्प घ सिंघवी समिति को पेसा की तिथि से मिला देता है।