मूल कल्याणकारी योजनाओं का बजट-चक्र ढांचा
राजस्थान राज्य बजट 2023-24, राजस्थान राज्य बजट 2024-25 और राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 राज्य की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का आधिकारिक ढांचा बनाते हैं। बजट भाषण योजनाओं की घोषणा या पुनर्गठन करते हैं, जबकि आर्थिक समीक्षा व्यय, लाभार्थी, क्रियान्वयन एजेंसी और व्यापक आर्थिक संकेतक दर्ज करती है। 2023-24 के बजट ने सामाजिक सुरक्षा को वंचित वर्गों के अधिकार के रूप में रखा और पेंशन, भोजन रसोई, स्वास्थ्य बीमा तथा बाल-सहायता को एक कल्याण समूह में जोड़ा। 2024-25 के लेखानुदान में रसोई भोजन की मात्रा, लाडो प्रोत्साहन योजना और पेंशन वृद्धि जैसे उपाय आए। 10 जुलाई 2024 को प्रस्तुत संशोधित बजट ने अंतरिम अवधि के बाद पूरा राज्य बजट दिया।
राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 इसलिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि कल्याणकारी योजनाएँ केवल अनुदान मद नहीं हैं; वे राज्य उत्पादन, राजस्व क्षमता और सामाजिक क्षेत्र के खर्च से जुड़ी हैं। समीक्षा ने 2024-25 में चालू कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद ₹17.04 लाख करोड़ बताया। इसी वित्तीय आधार से नकद अंतरण, स्वास्थ्य आश्वासन, सस्ता भोजन, मातृ-सहायता, बाल संरक्षण, पेंशन और श्रमिक पुनर्वास चलाए जाते हैं।
इसी ढांचे में राजस्थान में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा और राजस्थान से गुजरने वाला पश्चिमी समर्पित माल गलियारा भी पढ़े जाते हैं। ये भोजन या पेंशन योजनाएँ नहीं हैं, पर अलवर, जयपुर, अजमेर, पाली और जोधपुर के रोजगार, औद्योगिक नोड और बाजार संपर्क को प्रभावित करते हैं। प्रत्यक्ष सहायता और उत्पादक अवसंरचना साथ चलती हैं।
