मूल बजट चक्र और वृहद आधार
राजस्थान राज्य बजट 2023-24 चुनाव-पूर्व राजकोषीय आधार है। राजस्थान राज्य बजट 2024-25 वोट-ऑन-अकाउंट के बाद 10 जुलाई 2024 को प्रस्तुत अगले नीति-चक्र का पहला पूर्ण संशोधित बजट है। दोनों मिलकर राज्य-अर्थव्यवस्था का मानचित्र देते हैं: राजस्व प्राप्तियां, पूंजीगत व्यय, राजकोषीय घाटा, ऋण अनुपात, योजना घोषणाएं और विभाग-वार खर्च। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 इन्हीं बजट दावों के पीछे का सांख्यिकीय आधार देती है। इसमें सकल राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय, क्षेत्रीय सकल राज्य मूल्य वर्धन, निवेश और सामाजिक क्षेत्र संकेतक शामिल हैं। उपयोगी अंतर संस्थागत है। बजट व्यय और कराधान को अधिकृत करता है, जबकि आर्थिक समीक्षा बताती है कि बजट किस अर्थव्यवस्था को दिशा देने की कोशिश कर रहा है। 2024-25 में चालू कीमतों पर राजस्थान का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 17.04 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। 2023-24 में यह 15.22 लाख करोड़ रुपये था और चालू कीमतों पर वृद्धि 12.02 प्रतिशत बताई गई है। यह संख्या बजट को केवल योजनाओं की सूची नहीं रहने देती। हर कल्याणकारी वादा, पूंजीगत कार्य और कर-अनुमान 17 लाख करोड़ रुपये की राज्य अर्थव्यवस्था के आकार के सामने मापा जाता है। इसी समीक्षा में चालू कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय 1,85,053 रुपये दी गई है। इसे क्षेत्रीय असमानता और रोजगार संरचना के साथ पढ़ना चाहिए। भरोसेमंद व्यापक आर्थिक पढ़ाई संशोधित अनुमान, बजट अनुमान और अग्रिम अनुमान को अलग रखती है। संशोधित अनुमान बताते हैं कि पिछले बजट में वर्ष के दौरान वास्तविक बदलाव कितना हुआ। बजट अनुमान नए वर्ष के लिए अधिकृत आशय दिखाते हैं। अग्रिम अनुमान अंतिम लेखे बंद होने से पहले उपलब्ध सांख्यिकीय तस्वीर देते हैं। इससे 2023-24 का राजकोषीय आधार 2024-25 की नीति-प्रतिबद्धता से नहीं मिलाया जाता। इसी कारण वित्त विभाग के पोर्टल पर बजट भाषण, वित्त विधेयक, खंड, राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन विवरण तथा आर्थिक समीक्षा अलग-अलग सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में रखे जाते हैं।
