मूल राजकोषीय आधार और सार्वजनिक पूंजीगत व्यय
राजस्थान राज्य बजट 2023-24 राज्य में आधारभूत संरचना की दिशा समझने का निकट आधार है, क्योंकि इसमें सड़कों, पेयजल, बिजली, नगरीय सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्रों को पूंजी-प्रधान प्रतिबद्धताओं के रूप में रखा गया था। राजस्थान राज्य बजट 2024-25 ने 10 जुलाई 2024 को इस आधार को और स्पष्ट किया। इसमें पूंजीगत व्यय 44,216 करोड़ रुपये रखा गया, जबकि 2023-24 में यह 26,646 करोड़ रुपये था; वृद्धि 65.94 प्रतिशत थी। यह संख्या इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि राजस्थान में आधारभूत संरचना कोई एक योजना नहीं है, बल्कि बजट अनुदान, बाह्य सहायता, सार्वजनिक उपक्रमों और केंद्रीय गलियारों से जुड़ी पूंजीगत श्रृंखला है। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 इसी श्रृंखला का सांख्यिकीय ढांचा देती है। समीक्षा 2024-25 के लिए योजनागत बजट व्यय 2,09,633.99 करोड़ रुपये बताती है और सड़क, बिजली, सिंचाई, शहरी जल, नवीकरणीय ऊर्जा तथा उद्योग को जुड़े हुए विकास शीर्षों के रूप में देखती है। बजट संख्याएँ यह भी दिखाती हैं कि जिलेवार ढांचा कई विभागों से बनता है। सड़क कार्य सार्वजनिक निर्माण और बाह्य सहायता वाले राजमार्ग कार्यक्रमों से, शहरी जल और सीवरेज स्थानीय स्वशासन तथा आरयूआईडीपी से, बिजली संचरण ऊर्जा कंपनियों और हरित गलियारे से, और औद्योगिक नोड रीको, एनआईसीडीसी तथा निवेश प्रोत्साहन संस्थाओं से जुड़ते हैं। थार जिलों में जल-संग्रह और सौर संचरण, जयपुर-अलवर पट्टी में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक भूमि, पूर्वी जिलों में नहर और राजमार्ग, तथा पश्चिमी जिलों में रिफाइनरी से जुड़े औद्योगिक सेवाक्षेत्र की आवश्यकता इस राजकोषीय ढांचे को आवश्यक बनाती है। यह ढांचा टिकाऊ परिसंपत्ति निर्माण को नियमित राजस्व व्यय से अलग करता है। सड़क पुल, संचरण उपकेंद्र या सीवरेज ट्रंक लाइन भविष्य की सेवा क्षमता बदलते हैं, जबकि वेतन और सब्सिडी मुख्यतः वर्तमान सेवाएँ चलाते हैं। इसलिए राजस्थान के राजकोषीय दस्तावेज आधारभूत संरचना की गुणवत्ता का पहला संकेत देते हैं।
