मूल मानव पूँजी अवसंरचना के रूप में सामाजिक सेवाएँ
राजस्थान राज्य बजट 2023-24 और राजस्थान राज्य बजट 2024-25 शिक्षा तथा स्वास्थ्य के राजकोषीय आधार हैं क्योंकि वे कल्याण को बजटीय सेवा-वितरण में बदलते हैं। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 फिर बताती है कि विद्यालय, अस्पताल, बीमा दावे, दवाएँ और जांच घोषणा से आगे बढ़े या नहीं। बुनियादी सामाजिक सेवाएँ अर्थव्यवस्था पाठ्यक्रम में दान नहीं, उत्पादक मानव पूँजी अवसंरचना हैं। विद्यालय पहुँच, टीकाकरण, निःशुल्क दवा और कैशलेस उपचार वाला परिवार कम कार्य-दिवस खोता है और कौशल, गतिशीलता तथा उद्यम में अधिक निवेश कर पाता है।
राजस्थान राज्य बजट 2023-24, राजस्थान राज्य बजट 2024-25 और राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 को अलग-अलग शीर्षक नहीं, बल्कि क्रम के रूप में पढ़ना चाहिए। 2023-24 बजट पिछला कल्याण और मानव-विकास आधार दिखाता है, 2024-25 संशोधित बजट नई सरकार में पुनर्संरचना दर्ज करता है, और 2024-25 आर्थिक समीक्षा कार्यक्रम स्थिति, सर्वे संदर्भ और क्षेत्रीय डेटा देती है। शिक्षा और स्वास्थ्य आर्थिक सेवाएँ हैं क्योंकि वे श्रमिक उत्पादकता, महिला भागीदारी, बाल पोषण, पारिवारिक खर्च और दीर्घकालिक गरीबी जोखिम बदलते हैं। स्वास्थ्य सुविधा, विद्यालय भवन, छात्रवृत्ति, दवा काउंटर और निदान परीक्षण सभी मानव पूँजी निवेश हैं। राजस्थान की जनजातीय, मरुस्थलीय, सीमांत, नगरीय और औद्योगिक विविधता सेवा-तीव्रता को बदलती है।
सेवा-वितरण दृष्टि पूंजीगत व्यय और आवर्ती सहयोग को भी अलग करती है। अस्पताल भवन, कॉलेज कक्षा या डिजिटल प्रयोगशाला पूंजीगत हैं; दवा आपूर्ति, जांच, पोषण और कोचिंग पुनर्भरण आवर्ती या अंतरण प्रधान हैं। दोनों जरूरी हैं, पर बजट पर प्रभाव अलग है। राजस्थान के सामाजिक क्षेत्र को परिसंपत्ति, संचालन लागत और लाभार्थी अंतरण साथ पढ़ना पड़ता है।
सामाजिक सेवा विषय को वित्तीय शब्दावली भी चाहिए। बजट प्रावधान स्वीकृति या नियोजित आवंटन है; वास्तविक व्यय बाद में लेखे या समीक्षा तालिका में आता है। योजना शुरुआत तिथि नीति का आरंभ बताती है, जबकि बजट वर्ष उस अवधि का वित्त बताता है। लाभार्थी संख्या कवरेज दिखाती है, पर गुणवत्ता या समयबद्धता नहीं। राजस्थान दस्तावेज़ ये बिंदु अलग फाइलों में रखते हैं, इसलिए उन्हें जोड़ा जाए पर एक जैसा प्रमाण न माना जाए।
