मूल क्षेत्रीय आधार: सकल राज्य घरेलू उत्पाद, मूल्य वर्धन और 2024-25 चित्र
राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2024-25 राज्य अर्थव्यवस्था का वर्तमान आधिकारिक आधार है, क्योंकि इसी में सकल राज्य घरेलू उत्पाद, सकल राज्य मूल्य वर्धन, क्षेत्रीय हिस्सेदारी, वित्तीय संकेतक और विकास आँकड़े एक साथ मिलते हैं। समीक्षा 2024-25 में चालू कीमतों पर राजस्थान का सकल राज्य घरेलू उत्पाद ₹17.04 लाख करोड़ बताती है, जबकि 2023-24 में यह ₹15.22 लाख करोड़ था। यह आधार कृषि, उद्योग और सेवाओं को अलग-अलग विभाग नहीं, बल्कि एक ही राज्य उत्पादन के योगदानकर्ता के रूप में दिखाता है।
समीक्षा के अनुसार 2024-25 में कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ, जिनमें फसल, पशुधन, मत्स्य और वानिकी शामिल हैं, सकल राज्य मूल्य वर्धन का 26.92 प्रतिशत देती हैं। उद्योग, जिसमें खनन, विनिर्माण, बिजली, गैस, जलापूर्ति और निर्माण आते हैं, 27.16 प्रतिशत योगदान देता है। सेवा क्षेत्र, जिसमें व्यापार, होटल, परिवहन, भंडारण, संचार, वित्तीय सेवाएँ, अचल संपत्ति, लोक प्रशासन और अन्य सेवाएँ आती हैं, 45.92 प्रतिशत के साथ सबसे बड़ा भाग है। इससे स्पष्ट है कि राजस्थान केवल कृषि अर्थव्यवस्था नहीं है, फिर भी वर्षा-आधारित खेती और पशुधन जोखिम नीति के केंद्र में रहते हैं।
इसी आधार से स्थानों की भूमिका भी समझ आती है। बाड़मेर, जोधपुर, पाली, भिवाड़ी, नीमराना, खुशखेड़ा, उदयपुर, नागौर, भीलवाड़ा और कोटा कच्चे माल, भूमि, परिवहन और बाजार को जोड़ते हैं। पश्चिमी राजस्थान को जल-जोखिम और पेट्रोलियम आधारित विविधीकरण चाहिए; उत्तर-पूर्वी राजस्थान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और गलियारा अवसंरचना से जुड़ता है; दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान खनिज, सीमेंट, वस्त्र और इंजीनियरिंग से जुड़ते हैं। इसी ढाँचे में राजस्थान राज्य बजट 2023-24 और राजस्थान राज्य बजट 2024-25 की घोषणाएँ रखी जाती हैं।
