मूल बजट और आर्थिक समीक्षा आधार
केंद्रीय बजट 2025-26 ने राजकोषीय समेकन और सार्वजनिक निवेश को वर्तमान आर्थिक परिदृश्य के केंद्र में रखा। राजकोषीय घाटे का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद के 4.4% पर रखा गया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹11.21 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया।
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 ने इसी बजट की वृद्धि-पृष्ठभूमि दी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि 6.3% से 6.8% के दायरे में अनुमानित की गई। सेवाएँ, निवेश और बाह्य क्षेत्र की स्थिरता इसके सहायक विषय रहे। बजट और सर्वेक्षण को साथ पढ़ना चाहिए। बजट राजकोषीय गणित बताता है, जबकि सर्वेक्षण समझाता है कि अवसंरचना, विनियमन में ढील, रोजगार और निजी निवेश को वृद्धि के इंजन क्यों माना गया।
राजस्थान का समसामयिक कोण सीधा है। केंद्रीय पूंजीगत व्यय, राज्यों को ब्याज-मुक्त ऋण और छत-सौर प्रोत्साहन सड़क, बिजली वितरण कंपनियों और नगरीय निकायों को प्रभावित करते हैं। जयपुर, कोटा, जोधपुर और छोटे नगरों में इनके प्रभाव को स्थानीय अवसंरचना, ऊर्जा-वितरण और शहरी सेवाओं के रूप में पढ़ा जा सकता है।
