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अपना जिला जानें

जैसलमेर

स्वर्ण नगरी, सोनार किला और थार की सीमांत ऊर्जा

अंतिम सत्यापन: 2026-05-05

जैसलमेर पश्चिमी राजस्थान का मरुस्थलीय जिला है, जहां 12वीं सदी का किला, पीले बलुआ पत्थर की हवेलियां, थार का परिदृश्य, डेजर्ट नेशनल पार्क और नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मौजूदगी एक साथ दिखाई देती है।

जिला एक नज़र में

जनसंख्याजनगणना 2011 में जैसलमेर जिले की जनसंख्या 6,69,919 दर्ज हुई।
क्षेत्रफलजनगणना 2011 की तालिका के अनुसार जैसलमेर जिले का क्षेत्रफल 38,401 वर्ग किलोमीटर था।
जनसंख्या घनत्व2011 में जैसलमेर जिले का जनसंख्या घनत्व 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था।
लिंगानुपातजनगणना 2011 में जैसलमेर जिले का लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 852 महिलाएं था।
साक्षरता दर2011 में जैसलमेर जिले की औसत साक्षरता दर 57.22 प्रतिशत थी।
नगरीय निकाय2011 की जिला जनगणना पुस्तिका में जैसलमेर और पोकरण को जैसलमेर जिले के दो वैधानिक नगर बताया गया है।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

अनुपमा जोरवाल

जैसलमेर जिला

पुलिस अधीक्षक

अभिषेक शिवहरे

जैसलमेर जिला

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट

परसा राम

जैसलमेर जिला

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

ओमी पुरोहित

जैसलमेर न्यायक्षेत्र

लोक सभा सांसद

उम्मेदा राम बेनीवाल

बाड़मेर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

विधायक

छोटू सिंह

जैसलमेर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी

विधायक

प्रताप पुरी

पोकरण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र

भारतीय जनता पार्टी

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

स्थापना काल

जैसलमेर नगर की नींव 1156 में राजपूत शासक रावल जैसल ने रखी थी।

राज्य शक्ति

बारहवीं सदी में जैसलमेर राज्य अपनी शक्ति और प्रभाव के चरम पर पहुंचा।

खिलजी आक्रमण

अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने जैसलमेर को लूटा; बाद के दौर में राज्य की हैसियत कमजोर पड़ती गई।

ब्रिटिश संबंध

1818 में जैसलमेर ने ब्रिटिश सत्ता के साथ राजनीतिक संबंध स्वीकार किए।

राजस्थान विलय

जैसलमेर 1949 में राजस्थान राज्य का हिस्सा बना।

यूनेस्को सूचीकरण

जैसलमेर दुर्ग राजस्थान के उन पहाड़ी दुर्गों में शामिल है जिन्हें यूनेस्को ने 2013 में विश्व धरोहर सूची में दर्ज किया।

मरुस्थलीय दुर्ग

यूनेस्को जैसलमेर को मरुस्थलीय भूभाग में स्थित पहाड़ी दुर्ग के रूप में दर्ज करता है।

संरक्षित स्मारक

चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर और जैसलमेर दुर्ग भारत के राष्ट्रीय महत्व के संरक्षित स्मारकों में गिने जाते हैं।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

सोनार किला

जैसलमेर दुर्ग को सोनार किला भी कहा जाता है, क्योंकि रेगिस्तान से उठती इसकी सुनहरी आभा आसपास की रेत के रंग से मिलती है।

जैन मंदिर कला

जैसलमेर दुर्ग के भीतर स्थित जैन मंदिर 12वीं से 15वीं शताब्दी के बीच के माने जाते हैं।

नथमल हवेली

नथमल जी की हवेली 19वीं शताब्दी में दो वास्तुकार भाइयों ने बनवाई थी।

सलीम सिंह हवेली

सलीम सिंह की हवेली 1815 में जैसलमेर के प्रधानमंत्री सलीम सिंह मेहता के आवास के रूप में बनी थी।

पटवा हवेली नक्काशी

पटवों की हवेली को राजस्थान पर्यटन जैसलमेर की बड़ी और बेहद बारीक नक्काशी वाली हवेलियों में गिनता है।

मरु महोत्सव

मरु महोत्सव पर्यटन विभाग की ओर से जनवरी-फरवरी के आसपास आयोजित होता है और राजस्थानी लोक संस्कृति को सामने लाता है।

गोडावण प्रदर्शनी

जैसलमेर राजकीय संग्रहालय में राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण का संरक्षित नमूना प्रदर्शित है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

मरुस्थलीय स्थिति

जैसलमेर नगर थार मरुस्थल के समतल मैदान में, जोधपुर से लगभग 215 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।

सीमावर्ती स्थिति

राजस्थान पर्यटन जैसलमेर को पाकिस्तान सीमा के पास और थार मरुस्थल के निकट बताता है।

थार भूभाग

जैसलमेर के आसपास का क्षेत्र लगभग पूरा रेतीले मरुस्थलीय विस्तार से बना है, जो थार मरुस्थल का हिस्सा है।

काकनी धारा

काकनी नदी को जैसलमेर के आसपास के क्षेत्र की एकमात्र धारा बताया गया है।

मरुस्थल उद्यान

मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान 3,162 वर्ग किलोमीटर में फैला है; इसमें से 1,900 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जैसलमेर जिले में आता है।

शुष्क जलवायु

मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान का इलाका अत्यंत गरम और शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र में है, जहां वर्षा बहुत कम, 100 मिलीमीटर से भी नीचे रहती है।

बालू टीले

यूनेस्को के अनुसार जैसलमेर में बालू के टीले सबसे प्रमुख भू-आकृति हैं और जिले के 44.8 प्रतिशत हिस्से पर उनका फैलाव है।

संरक्षित क्षेत्र

मरुस्थल राष्ट्रीय उद्यान को 1980 में राजपत्रित किया गया था।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

बाजरा ज्वार फसलें

जैसलमेर के आसपास के क्षेत्र में बाजरा और ज्वार प्रमुख फसलें मानी जाती हैं।

पशुधन पालन

जैसलमेर क्षेत्र में बकरी, ऊंट, भेड़ और गोवंश का पालन व्यापक रूप से किया जाता है।

खनिज भंडार

जैसलमेर क्षेत्र में चूना पत्थर, मुल्तानी मिट्टी और जिप्सम के भंडारों का खनन होता है।

सौर ऊर्जा

जैसलमेर जिले में फतेहगढ़ सौर पार्क 9,981 एकड़ क्षेत्र में 1,500 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ विकसित करने की योजना है।

पवन ऊर्जा

एनएचपीसी की जैसलमेर पवन ऊर्जा परियोजना फतेहगढ़ तहसील के लखमणा गांव में 50 मेगावाट स्थापित क्षमता के साथ स्थित है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

विकास खंड

औद्योगिक प्रोफाइल में जैसलमेर जिले के तीन विकास खंड जैसलमेर, सैम और सांकड़ा दर्ज हैं।

ग्राम पंचायतें

जैसलमेर जिले में 140 ग्राम पंचायतें दर्ज की गई हैं।

नगर पालिकाएं

जिले में जैसलमेर और पोकरण, ये दो नगर पालिकाएं दर्ज थीं।

विधानसभा क्षेत्र

निर्वाचन विभाग के मानचित्र में जैसलमेर 132 को जैसलमेर जिले का विधानसभा क्षेत्र बताया गया है।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

नल कनेक्शन

जल जीवन मिशन का उद्देश्य 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को घर पर चालू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।

जल सेवा मानक

ग्रामीण घरेलू नल कनेक्शन के लिए जल जीवन मिशन का सेवा-स्तर लक्ष्य प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी है।

आकांक्षी जिले

आकांक्षी जिला कार्यक्रम जनवरी 2018 में देश के 112 पिछड़े जिलों के रूपांतरण के लिए शुरू किया गया था।

प्रगति संकेतक

आकांक्षी जिला कार्यक्रम में पांच सामाजिक-आर्थिक विषयों के 49 संकेतकों पर जिलों की प्रगति आंकी जाती है।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

Rajasthan Patwar 2021

Q. राजस्थान पटवार 2021 के मिलान प्रश्न में राष्ट्रीय मरुस्थल को किस जिले से जोड़ा गया था?

उ. जैसलमेर

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से त्वरित स्व-परीक्षण। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

1156 में जैसलमेर नगर की स्थापना किसने की थी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैसलमेर को स्वर्ण नगरी क्यों कहा जाता है?

राजस्थान पर्यटन सामग्री में जैसलमेर को स्वर्ण नगरी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

जैसलमेर में रेगिस्तानी सफारी कहां की जा सकती है?

पर्यटक सैम और खुड़ी के रेत के धोरों पर ऊंट या ऊंटगाड़ी सफारी कर सकते हैं।

जैसलमेर के पास तनोट माता मंदिर के बारे में क्या खास बताया जाता है?

तनोट माता मंदिर जैसलमेर से लगभग 120 किलोमीटर दूर है और इसका प्रबंधन सीमा सुरक्षा बल न्यास करता है।

आकल लकड़ी जीवाश्म उद्यान क्या है?

आकल लकड़ी जीवाश्म उद्यान जैसलमेर से बाड़मेर की ओर करीब 17 किलोमीटर दूर 21 हेक्टेयर में संरक्षित क्षेत्र है।