पंचायती राज मंत्रालय ने 3 मई 2026 को नई दिल्ली में 2026-27 के पंचायत विकास आराखड़ों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की घोषणा की, जिसमें योजना पुस्तिकाएं और संशोधित ईग्रामस्वराज पोर्टल शुरू होंगे
पंचायती राज मंत्रालय ने 3 मई 2026 को नई दिल्ली में 2026-27 के पंचायत विकास आराखड़ों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की घोषणा की। कार्यक्रम में योजना पुस्तिकाएं और संशोधित ईग्रामस्वराज पोर्टल शुरू होंगे, केंद्रीय, राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हितधारक साथ आएंगे तथा सोलहवें वित्त आयोग की शर्तों से जुड़े आंकड़ा-आधारित, भागीदारीपूर्ण आराखड़ों पर ध्यान रहेगा।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- पंचायती राज मंत्रालय की विज्ञप्ति पीआईबी दिल्ली द्वारा 3 मई 2026 को जारी की गई।
- 2026-27 के पंचायत विकास आराखड़ों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 4 और 5 मई 2026 को नई दिल्ली में तय की गई।
- उद्घाटन सत्र में पीपुल्स प्लान अभियान पुस्तिका, गुणवत्ता ग्राम पंचायत विकास योजना पुस्तिका और संशोधित ईग्रामस्वराज योजना पोर्टल शुरू होने थे।
- चर्चाएं विषयगत पंचायत विकास आराखड़ों और सोलहवें वित्त आयोग अनुदानों के ढांचे को कवर करने वाली थीं।
- राज्य और केंद्रशासित प्रदेश दलों को संशोधित पोर्टल पर दस विषयगत क्षेत्रों में मॉडल योजनाएं तैयार करनी थीं।
- कार्यशाला का उद्देश्य आंकड़ा-आधारित, भागीदारीपूर्ण जमीनी योजना और मापनीय ग्रामीण परिणामों को मजबूत करना था।
पंचायती राज मंत्रालय ने 3 मई 2026 को घोषणा की कि वह 4 और 5 मई 2026 को नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में 2026-27 के पंचायत विकास आराखड़ों की तैयारी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। कार्यशाला का उद्घाटन पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज और जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के. के. मीना की उपस्थिति में होना था, जिन्हें मुख्य भाषण देने थे।
उद्घाटन सत्र में 2026-27 के पंचायत विकास आराखड़ों की तैयारी के लिए पीपुल्स प्लान अभियान पुस्तिका, गुणवत्ता ग्राम पंचायत विकास योजना पुस्तिका और संशोधित ईग्रामस्वराज योजना पोर्टल का शुभारंभ भी होना था। विज्ञप्ति ने कहा कि चर्चाएं विषयगत पंचायत विकास आराखड़ों की विकसित होती भूमिका और सोलहवें वित्त आयोग अनुदानों के ढांचे को कवर करेंगी। इसमें भारत सरकार के अधिकारी, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि तथा पंचायती राज हितधारक साथ आएंगे।
एक प्रमुख विशेषता व्यवहारिक योजना अभ्यास था। राज्य और केंद्रशासित प्रदेश दल संशोधित पोर्टल पर दस विषयगत क्षेत्रों में मॉडल योजनाएं तैयार करने वाले थे: आजीविका, स्वास्थ्य, बाल-अनुकूल शासन, जल पर्याप्तता, स्वच्छता, अवसंरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, पेसा और वन अधिकार अधिनियम अनुपालन। घोषित उद्देश्य आंकड़ा-आधारित, भागीदारीपूर्ण जमीनी योजना को मजबूत करना, पंचायत विकास आराखड़ों को सोलहवें वित्त आयोग की शर्तों से जोड़ना और ग्रामीण समुदायों के लिए मापनीय परिणाम देना था। विज्ञप्ति ने इस अभ्यास को विकसित भारत की आधारभूत इकाई के रूप में विकसित पंचायत के दृष्टिकोण से जोड़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 पंचायत विकास आराखड़ों की कार्यशाला कब और कहां तय थी?
यह 4 और 5 मई 2026 को नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में तय थी।
2 किस पोर्टल को संशोधित रूप में शुरू किया जाना था?
उद्घाटन सत्र में संशोधित ईग्रामस्वराज योजना पोर्टल शुरू किया जाना था।
3 किस अनुदान ढांचे को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया गया?
विज्ञप्ति ने सोलहवें वित्त आयोग अनुदानों के ढांचे को चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया।
4 कार्यशाला का घोषित योजना उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य आंकड़ा-आधारित, भागीदारीपूर्ण जमीनी योजना और ग्रामीण समुदायों के लिए मापनीय परिणामों को मजबूत करना था।
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