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दैनिक समसामयिकी
Business Standard / Utkarsh Classes / Vajiramandravi / PRS India 11 मार्च 2026 economy

16वें वित्त आयोग ने राज्यों को 41% कर हस्तांतरण बरकरार रखा, GDP को नए मानदंड के रूप में शामिल किया; राजस्थान की हिस्सेदारी घटकर 5.93% हुई

16वें वित्त आयोग (अध्यक्ष: डॉ. अरविंद पनगड़िया) ने 2026–31 के लिए राज्यों को 41% कर हस्तांतरण बनाए रखा लेकिन GDP योगदान (10% भार) को नए मानदंड के रूप में शामिल किया। राजस्थान की हिस्सेदारी 6.03% से घटकर 5.93% हुई — 37.9% के ऋण-GSDP अनुपात के मद्देनज़र यह चिंताजनक है।

Business Standard / Utkarsh Classes / Vajiramandravi / PRS India आधिकारिक

pib.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • 16वें वित्त आयोग (अध्यक्ष: डॉ. अरविंद पनगड़िया) ने 2026–31 की अवधि के लिए राज्यों को 41% ऊर्ध्वाधर कर हस्तांतरण बनाए रखा — 15वें वित्त आयोग के समान।
  • एक नया मानदंड — GDP योगदान (10% भार) — शामिल किया गया, जो आर्थिक रूप से बड़े राज्यों के पक्ष में है।
  • केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सेदारी 6.03% (15वां वित्त आयोग) से घटकर 5.93% (16वां वित्त आयोग) हो गई।
  • राजस्थान का 37.9% का उच्च ऋण-GSDP अनुपात इस घटी हुई हिस्सेदारी को एक गंभीर राजकोषीय चिंता बनाता है।
  • अन्य मानदंडों में जनसंख्या (15%), क्षेत्रफल (15%), वन आवरण (10%), आय दूरी (45%), और जनसांख्यिकीय प्रदर्शन (5%) शामिल हैं।
  • संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंधों की सिफारिश के लिए हर 5 वर्ष में वित्त आयोग का गठन किया जाता है।

16वें वित्त आयोग, जिसकी अध्यक्षता डॉ. अरविंद पनगड़िया ने की, ने 17 नवंबर 2025 को 2026–31 की अवार्ड अवधि के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया और इसकी सिफारिशें 1 अप्रैल 2026 से लागू होने पर चर्चा में आईं।

आयोग ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41% पर बनाए रखी — 15वें वित्त आयोग के समान — लेकिन क्षैतिज हस्तांतरण (राज्यों के बीच वितरण) के लिए 'GDP में योगदान' को नए छठे मानदंड के रूप में 10% भार के साथ शामिल किया। यह पहले के कर और राजकोषीय प्रयास मानदंड की जगह लेता है, जिससे महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक जैसे आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों को लाभ होगा।

राजस्थान की हिस्सेदारी 15वें FC के 6.03% से घटकर 16वें FC में 5.93% हो गई है। राजस्थान का GSDP के सापेक्ष ऋण अनुपात 37.9% — राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक में से एक — को देखते हुए, घटी हुई हिस्सेदारी सामाजिक क्षेत्र खर्च, बुनियादी ढांचे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'राजस्थान राइजिंग' कार्यक्रम के लिए राज्य के राजकोषीय स्थान को सीमित करती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 16वें वित्त आयोग ने राज्यों को कर हस्तांतरण का कितना प्रतिशत बनाए रखा और किस अवधि के लिए?

16वें वित्त आयोग (अध्यक्ष: डॉ. अरविंद पनगड़िया) ने 2026–31 की अवधि के लिए राज्यों को 41% ऊर्ध्वाधर कर हस्तांतरण बनाए रखा — यह 15वें वित्त आयोग के समान है।

2 16वें वित्त आयोग ने कौन-सा नया मानदंड शामिल किया और यह किन राज्यों के पक्ष में है?

16वें वित्त आयोग ने GDP योगदान (10% भार) को नए मानदंड के रूप में शामिल किया। यह मानदंड आर्थिक रूप से बड़े और उच्च GDP वाले राज्यों के पक्ष में है।

3 16वें वित्त आयोग के तहत केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सेदारी कैसे बदली?

राजस्थान की हिस्सेदारी 15वें वित्त आयोग के 6.03% से घटकर 16वें वित्त आयोग में 5.93% हो गई। राज्य का 37.9% उच्च ऋण-GSDP अनुपात इसे एक गंभीर राजकोषीय चिंता बनाता है।

4 वित्त आयोग का गठन किस संवैधानिक अनुच्छेद के तहत और कितने वर्षों पर होता है?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत हर पाँच वर्ष में वित्त आयोग का गठन किया जाता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण और केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंधों की सिफारिश करता है।

5 16वें वित्त आयोग द्वारा कर हस्तांतरण के लिए कौन-से मानदंड और उनके भार क्या हैं?

16वें वित्त आयोग के मानदंड: आय दूरी (45%), जनसंख्या (15%), क्षेत्रफल (15%), वन आवरण (10%), GDP योगदान (10%), और जनसांख्यिकीय प्रदर्शन (5%)।

मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण

RAS मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्रश्न: 16वें वित्त आयोग की कर हस्तांतरण एवं राजकोषीय संघवाद पर सिफारिशों का परीक्षण करें, विशेष रूप से राजस्थान की घटती हिस्सेदारी एवं बढ़ते ऋण बोझ के संदर्भ में।

उत्तर (50 शब्द):
16वें वित्त आयोग (अध्यक्ष: डॉ. अरविंद पनगढ़िया) ने 2026-31 हेतु 41% कर हस्तांतरण बरकरार, पर 10% जीडीपी-योगदान मानदंड जोड़ा, धनी राज्यों के लाभ में। राजस्थान हिस्सा 6.03% से घटकर 5.93% हुआ, 37.9% ऋण-जीएसडीपी अनुपात पर दबाव। 7,91,493 करोड़ रुपये निष्पादन-आधारित निकाय अनुदान तथा सिकुड़ता विभाज्य पूल ऊर्ध्व राजकोषीय असंतुलन बढ़ाते।

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