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दैनिक समसामयिकी
Ministry of Petroleum and Natural Gas 12 मई 2026 economy

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 12 मई 2026 को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की प्राकृतिक गैस और 45 दिन का एलपीजी रोलिंग स्टॉक है; यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो तेल विपणन कंपनियों को एक तिमाही में 1 लाख करोड़ रुपये तक का घाटा हो सकता है

12 मई 2026 को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की प्राकृतिक गैस और 45 दिन का एलपीजी रोलिंग स्टॉक है; ओएमसी की तिमाही हानि 1 लाख करोड़ तक पहुँच सकती है क्योंकि सरकारी खुदरा कंपनियाँ खुदरा ईंधन मूल्य स्थिर रखने हेतु प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा वहन कर रही हैं।

Ministry of Petroleum and Natural Gas समाचार

business-standard.com

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • 12 मई 2026 तक भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल, 60 दिन की प्राकृतिक गैस और 45 दिन का एलपीजी रोलिंग स्टॉक है
  • ओएमसी प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये की हानि वहन कर रही हैं; तिमाही हानि 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है
  • वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कम वसूली पहले ही लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुकी है
  • खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतें 70 दिन से अधिक से स्थिर हैं
  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर है
  • प्रधानमंत्री की सात सूत्रीय किफायत अपील में विदेश यात्रा, सोने की खरीद और ईंधन उपयोग में कटौती का आह्वान

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 12 मई 2026 को नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल भंडार, 60 दिन का प्राकृतिक गैस रोलिंग स्टॉक और 45 दिन का एलपीजी रोलिंग स्टॉक है, तथा नागरिकों को आश्वस्त किया कि किसी प्रकार की ईंधन राशनिंग की कोई योजना नहीं है। यह वक्तव्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात सूत्रीय किफायत अपील को स्पष्ट करने के लिए दिया गया, जिसमें उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक विदेश यात्रा घटाने, गैर जरूरी सोने की खरीद को एक वर्ष टालने, ईंधन खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्राथमिकता देने तथा घर से काम की प्रथा अपनाने का आग्रह किया था ताकि विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सके। पुरी ने बताया कि सरकारी तेल विपणन कंपनियाँ पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़े वैश्विक कच्चे तेल मूल्यों से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा सह रही हैं; वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कम वसूली लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुकी है तथा यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की ऊंची कीमतें जारी रहीं और भारत में खुदरा कीमतें स्थिर रहीं, जो 70 दिन से अधिक से अपरिवर्तित हैं, तो ओएमसी की तिमाही हानि 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर है और मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश के पास पर्याप्त ईंधन बफर हैं तथा वृहद आर्थिक मूल भूत स्थिर बने हुए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को घरेलू रिफाइनिंग आउटपुट बढ़ाने तथा ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने हेतु कच्चे तेल के स्रोतों के विविधीकरण को तेज करने का निर्देश दिया है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 12 मई 2026 तक भारत की ईंधन स्टॉक स्थिति क्या है?

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल भंडार, 60 दिन का प्राकृतिक गैस रोलिंग स्टॉक और 45 दिन का एलपीजी रोलिंग स्टॉक है।

2 तेल विपणन कंपनियाँ प्रतिदिन कितना घाटा वहन कर रही हैं?

सरकारी ओएमसी उपभोक्ताओं को बढ़े वैश्विक कच्चे तेल मूल्यों से बचाने के लिए प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का घाटा वहन कर रही हैं; तिमाही हानि 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है।

3 भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर क्या है?

मंत्री पुरी द्वारा 12 मई 2026 को बताए अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर है।

4 प्रधानमंत्री ने किफायत की अपील क्यों की?

प्रधानमंत्री की सात सूत्रीय अपील का उद्देश्य पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल कीमतों के बीच विदेशी मुद्रा बचाना था और इसमें विदेश यात्रा कम करने, सोने की खरीद एक वर्ष टालने, ईंधन उपयोग घटाने तथा सार्वजनिक परिवहन व कारपूलिंग को वरीयता देने का आह्वान किया गया।

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