ज्वाला ने कूनो में 5 शावकों को जन्म दिया; भारत में चीता आबादी 53 तक पहुंची
भारत की चीता आबादी 53; ज्वाला ने कूनो में 5 शावकों को जन्म दिया।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- Namibia में जन्मी चीता Jwala के Kuno National Park में पांच शावकों को जन्म देने के बाद भारत की चीता आबादी 53 हो गई।
- Project Cheetah 2022 में शुरू हुआ था।
- Kuno National Park, Madhya Pradesh चीता पुनर्वास का प्राथमिक केंद्र है।
- चीता भारत में 1952 में विलुप्त हो गए थे।
- इस कार्यक्रम की प्रगति भारत के वन्यजीव संरक्षण में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
नामीबियाई चीता ज्वाला ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म देने के बाद भारत में चीता आबादी 53 तक पहुंच गई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि की घोषणा की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ज्वाला के शावकों के जन्म के बाद 2026 में भारत में चीतों की संख्या क्या हुई?
नामीबियाई चीता ज्वाला द्वारा मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों के जन्म के बाद भारत की चीता संख्या 53 हो गई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसकी घोषणा की।
2 Project Cheetah क्या है और भारत के चीता संरक्षण में इसकी भूमिका क्या है?
Project Cheetah भारत का 2022 में शुरू हुआ चीता पुनर्वास कार्यक्रम है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश इस कार्यक्रम की केंद्र स्थली है। 2026 तक 53 चीते भारत में हैं, जिनमें नामीबिया और बोत्सवाना से लाए गए चीते शामिल हैं।
3 कुल भारतीय चीता आबादी 53 तक पहुंचने की घोषणा किस मंत्री ने की?
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की कि भारत की चीता आबादी 53 हो गई, जो 2022 से चल रहे Project Cheetah के तहत सतत प्रगति का प्रमाण है।
4 नामीबियाई चीता ज्वाला को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में क्या उपलब्धि हुई?
नामीबियाई चीता ज्वाला ने मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत की कुल चीता संख्या 53 हो गई। इस सफलता ने Project Cheetah के तहत दशकों बाद भारतीय भूमि पर चीते सफलतापूर्वक प्रजनन साबित किया।
5 भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम में कूनो राष्ट्रीय उद्यान का क्या महत्व है?
कूनो राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश 2022 में शुरू हुए भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम की केंद्रीय स्थल है। यहां नामीबिया और बोत्सवाना से चीते लाए गए हैं। 2026 तक 53 चीते हैं और कई सफल प्रजनन हो चुके हैं।
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