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Down to Earth 28 जनवरी 2026 governance

डेटा गोपनीयता दिवस 2026: भारत के DPDP नियम अब सक्रिय; पूर्ण अनुपालन की समयसीमा मई 2027

डेटा गोपनीयता दिवस: भारत के DPDP नियम सक्रिय; डेटा संरक्षण बोर्ड कार्यरत; मई 2027 तक पूर्ण अनुपालन।

Down to Earth समाचार

tsaaro.com

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • 28 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय डेटा गोपनीयता दिवस मनाया गया; DPDP नियम 2025 चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा रहे हैं।
  • भारत का Data Protection Board (DPBI) सक्रिय है; पूर्ण अनुपालन की समयसीमा 13 मई 2027 है।
  • मुख्य प्रावधान: अनिवार्य सहमति प्रबंधन, 72 घंटे के भीतर डेटा उल्लंघन अधिसूचना, सीमा पार डेटा हस्तांतरण प्रतिबंध।
  • उल्लंघन के लिए ₹250 करोड़ तक जुर्माना; नियम सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों पर लागू।
  • भारत व्यापक डेटा संरक्षण कानून वाले विश्व के 137 देशों में शामिल हुआ।

28 जनवरी 2026 को अंतर्राष्ट्रीय डेटा गोपनीयता दिवस मनाया गया, भारत के लिए विशेष महत्व है क्योंकि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम 2025 अब चरणबद्ध रूप से लागू हो रहे हैं। भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड (DPBI) सक्रिय है, पूर्ण अनुपालन की समयसीमा 13 मई 2027।

प्रमुख प्रावधानों में डेटा संग्रह के लिए अनिवार्य सहमति प्रबंधन, 72 घंटे में डेटा उल्लंघन सूचना, सीमा-पार डेटा हस्तांतरण पर प्रतिबंध, और उल्लंघन पर 250 करोड़ तक का जुर्माना शामिल है। भारत व्यापक डेटा संरक्षण कानून बनाने वाले 137 देशों में शामिल हुआ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 डेटा गोपनीयता दिवस 2026 क्या है और भारत के DPDP नियमों की स्थिति क्या है?

डेटा गोपनीयता दिवस हर वर्ष 28 जनवरी को मनाया जाता है, Council of Europe Convention 108 (1981) की स्मृति में। भारत में, 2026 का डेटा गोपनीयता दिवस महत्वपूर्ण था क्योंकि DPDP अधिनियम 2023 के तहत डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम सक्रिय हुए, जिनका पूर्ण अनुपालन की समय-सीमा मार्च 2026 निर्धारित है।

2 डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 क्या है?

DPDP अधिनियम 2023 — भारत का पहला समर्पित व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून — निर्माण करता है: (1) डेटा प्रिंसिपल अधिकार — सहमति, सुधार, मिटाना; (2) डेटा फिड्यूशियरी दायित्व; (3) महत्वपूर्ण डेटा फिड्यूशियरी — बड़े डेटा प्रोसेसिंग के लिए बढ़े दायित्व; (4) डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB); और (5) उल्लंघन के लिए 250 करोड़ तक जुर्माना। 18 वर्ष से कम बच्चों को विशेष सुरक्षा।

3 DPDP अधिनियम 2023 के तहत कंपनियों के प्रमुख दायित्व क्या हैं?

DPDP अधिनियम 2023 के तहत कंपनियों ('डेटा फिड्यूशियरी') को: (1) डेटा प्रोसेसिंग के लिए वैध सहमति प्राप्त करनी होगी; (2) उद्देश्य सीमा — केवल आवश्यक डेटा एकत्र करें; (3) भंडारण सीमा — जब ज़रूरत न हो डेटा हटाएं; (4) सुरक्षा उपाय; (5) उल्लंघन सूचना — DPB को सूचित करना; और (6) महत्वपूर्ण डेटा फिड्यूशियरी के लिए DPO नियुक्ति

4 भारत का डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB) क्या है और इसके क्या अधिकार हैं?

DPDP अधिनियम 2023 के तहत भारत का डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB) नियामक निकाय है। इसके अधिकार: (1) शिकायतों की जांच; (2) अनुपालन के लिए निर्देश जारी; (3) जुर्माना लगाना — प्रति उल्लंघन 250 करोड़ तक; (4) स्वैच्छिक उपक्रम — समझौता तंत्र; और (5) गैर-अनुपालन सेवाओं को ब्लॉक करना। DPB बिना भौतिक सुनवाई के डिजिटल रूप से काम करता है।

5 भारत का DPDP अधिनियम 2023 GDPR और वैश्विक डेटा संरक्षण मानकों से कैसे तुलना करता है?

DPDP vs EU GDPR: समानताएं — सहमति-आधारित, डेटा प्रिंसिपल अधिकार, दंड। अंतर: (1) GDPR व्यक्तिगत और गैर-व्यक्तिगत दोनों डेटा कवर करता है; DPDP केवल व्यक्तिगत; (2) GDPR में 'वैध हित' आधार है; (3) DPDP सरकारी डेटा प्रोसेसिंग छूट व्यापक रखता है; (4) GDPR जुर्माना वैश्विक कारोबार का 4% हो सकता है; DPDP 250 करोड़ रुपये पर सीमित है। DPDP विकासशील देश की वास्तविकताओं के प्रति अधिक अनुकूल है।

पाठ्यक्रम विषय

Subjects

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीसमसामयिकी