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दैनिक समसामयिकी
Department of Atomic Energy via PIB 1 मई 2026 science_tech

परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड ने 1 मई 2026 को बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद कुडनकुलम की पांचवीं और छठी इकाइयों में प्रमुख उपकरण लगाने की अनुमति दी

परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड ने 1 मई 2026 को कहा कि उसने बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद कुडनकुलम की पांचवीं और छठी इकाइयों में प्रमुख उपकरण लगाने की अनुमति दी है। भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम अब रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जनरेटर और कूलेंट पंप स्थापित कर सकता है। ये दोनों 1,000 मेगावाट विद्युत क्षमता वाली वीवीईआर इकाइयां कुडनकुलम की अन्य इकाइयों जैसी चरणबद्ध नियामकीय प्रक्रिया में आगे बढ़ीं।

Department of Atomic Energy via PIB आधिकारिक

pib.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड ने 30 अप्रैल 2026 को कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की पांचवीं और छठी इकाइयों में प्रमुख उपकरण लगाने की अनुमति जारी की।
  • यह जानकारी परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत पीआईबी मुंबई ने 1 मई 2026 को दी।
  • भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जनरेटर, कूलेंट पंप और अन्य बड़े संयंत्र उपकरण स्थापित कर सकता है।
  • मंजूरी डिजाइन की बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा और अप्रैल 2021 की पहले कंक्रीट डालने की अनुमति के तहत सिविल निर्माण प्रगति के आकलन के बाद दी गई।
  • पांचवीं और छठी इकाइयों में हल्के जल रिएक्टर आधारित परमाणु संयंत्रों के लिए नियामक बोर्ड की सुरक्षा संहिता के अनुरूप उन्नत सुरक्षा विशेषताएं हैं।
  • कुडनकुलम में रूसी संघ के तकनीकी सहयोग से विकसित वीवीईआर डिजाइन की छह दाबित जल रिएक्टर इकाइयां हैं, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 1,000 मेगावाट विद्युत है।

परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड ने 1 मई 2026 को बताया कि उसने 30 अप्रैल 2026 को कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना की पांचवीं और छठी इकाइयों में प्रमुख उपकरण लगाने की अनुमति जारी की। यह अनुमति भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड को रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जनरेटर और कूलेंट पंप जैसे बड़े संयंत्र उपकरण स्थापित करने की मंजूरी देती है। सिविल सेवा तैयारी के लिए यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दो नई परमाणु इकाइयों को परमाणु नियामक की निगरानी में सिविल निर्माण मूल्यांकन से आगे बढ़ाकर उपकरण स्थापना के अधिक उन्नत चरण में ले जाता है।

नियामक बोर्ड ने कहा कि मंजूरी इकाइयों के डिजाइन की बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा के संतोषजनक पूरा होने के बाद दी गई, जिसमें नियामक द्वारा निर्धारित सुरक्षा आवश्यकताओं को आधार बनाया गया। उसने अप्रैल 2021 में पहले कंक्रीट डालने की पूर्व अनुमति के तहत हुए सिविल निर्माण कार्य की प्रगति का भी आकलन किया। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि पांचवीं और छठी इकाइयों में हल्के जल रिएक्टर आधारित परमाणु बिजली संयंत्रों के डिजाइन पर नियामक बोर्ड की सुरक्षा संहिता के अनुरूप उन्नत सुरक्षा विशेषताएं शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की नवीनतम सुरक्षा आवश्यकताओं से मेल खाती हैं।

कुडनकुलम स्थल तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में है और रूसी संघ के साथ तकनीकी सहयोग में स्थापित किया जा रहा है। इसमें वीवीईआर डिजाइन की छह दाबित जल रिएक्टर इकाइयां हैं, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 1,000 मेगावाट विद्युत है। पहली और दूसरी इकाइयां क्रमशः 2013 और 2015 से परिचालन में हैं। तीसरी और चौथी इकाइयां निर्माण के उन्नत चरण में हैं और उन्हें पहले ही प्रमुख उपकरण स्थापना की नियामकीय अनुमति मिल चुकी थी। इसलिए 1 मई की विज्ञप्ति पांचवीं और छठी इकाइयों को भी इसी नियामकीय प्रगति में रखती है, साथ ही भारत के असैन्य परमाणु विस्तार के केंद्र में सुरक्षा समीक्षा और चरणबद्ध अनुमति को बनाए रखती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 नियामक बोर्ड ने कुडनकुलम की पांचवीं और छठी इकाइयों के लिए कौन सी अनुमति दी?

उसने प्रमुख उपकरण स्थापना की अनुमति दी, जिससे दोनों इकाइयों में मुख्य संयंत्र उपकरण लगाए जा सकेंगे।

2 अब प्रमुख उपकरण कौन सा संगठन लगा सकता है?

भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम रिएक्टर प्रेशर वेसल, स्टीम जनरेटर और कूलेंट पंप जैसे उपकरण स्थापित कर सकता है।

3 अनुमति से पहले कौन सी सुरक्षा प्रक्रिया हुई?

नियामक बोर्ड ने इकाइयों के डिजाइन की बहु-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा और सिविल निर्माण प्रगति के आकलन के संतोषजनक पूरा होने का उल्लेख किया।

4 कुडनकुलम परियोजना कहां स्थित है?

कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में स्थित है।

5 कुडनकुलम की नियोजित इकाइयों का डिजाइन और क्षमता क्या है?

स्थल पर वीवीईआर डिजाइन की छह दाबित जल रिएक्टर इकाइयां हैं, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 1,000 मेगावाट विद्युत है।

पाठ्यक्रम विषय

Subjects

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी