भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 में भारत 91वें स्थान पर; स्कोर 39/100 तक बढ़ा
CPI 2025 में भारत 5 स्थान सुधरकर 91वें पर; स्कोर 39/100; डेनमार्क 8वें वर्ष शीर्ष; वैश्विक औसत 42।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- Transparency International ने भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 जारी किया; भारत 39/100 अंक के साथ 182 देशों में 91वें स्थान पर — 2024 के 96वें स्थान से पांच स्थान का सुधार।
- डेनमार्क 8वीं बार शीर्ष पर (89 अंक), उसके बाद फिनलैंड (88) और सिंगापुर (84); वैश्विक औसत 42/100 पर गिरा।
- भारत के सुधार का श्रेय डिजिटल शासन पहलों, GeM पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी खरीद और DBT तंत्र को जाता है।
- सुधार के बावजूद संस्थागत जवाबदेही को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 11 फरवरी 2026 को भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 जारी किया। भारत 182 देशों में 39/100 स्कोर के साथ 91वें स्थान पर रहा, 2024 में 96वें (स्कोर 38) से पांच स्थान सुधार।
डेनमार्क लगातार 8वें वर्ष शीर्ष पर (स्कोर 89), फिनलैंड (88) और सिंगापुर (84) अगले स्थानों पर। वैश्विक औसत 42/100 तक गिरा। भारत का सुधार डिजिटल शासन, GeM पोर्टल और DBT तंत्र को श्रेय, हालांकि संस्थागत जवाबदेही पर चिंताएं बरकरार।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 में भारत की रैंक क्या थी?
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने 11 फरवरी 2026 को भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 जारी किया। भारत 182 देशों में 39/100 अंक के साथ 91वें स्थान पर रहा।
2 2024 से भारत का भ्रष्टाचार बोध सूचकांक परिणाम कैसे बदला?
भारत 2024 के 96वें स्थान से पांच स्थान सुधरकर 2025 में 91वें स्थान पर पहुंचा। उसका अंक 2024 के 38 से बढ़कर 2025 में 39/100 हो गया।
3 भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 में कौन से देश आगे रहे?
डेनमार्क लगातार आठवें वर्ष 89 अंक के साथ शीर्ष पर रहा। उसके बाद फिनलैंड 88 और सिंगापुर 84 पर रहे, जबकि वैश्विक औसत घटकर 42/100 हो गया।
4 भारत के सीपीआई सुधार से किन कारकों को जोड़ा गया और कौन सी चिंता बनी रही?
भारत के सुधार का श्रेय डिजिटल शासन पहलों, जीईएम पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी खरीद और डीबीटी तंत्रों को दिया गया। संस्थागत जवाबदेही को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण
RAS मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
प्रश्न: भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025 में भारत के बेहतर प्रदर्शन का विश्लेषण कीजिए तथा इस पांच-स्थान की प्रगति के पीछे शासन सुधारों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने सीपीआई 2025 में भारत को 182 देशों में 91वें स्थान पर रखा, स्कोर 39, जो 2024 के 96वें स्थान से पांच स्थान बेहतर है। डेनमार्क लगातार आठवें वर्ष 89 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा; वैश्विक औसत 42 रहा। डिजिटल शासन, जेम खरीद एवं डीबीटी ने प्रगति दी।
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