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PIB 1 फ़रवरी 2026 science_technology

बजट 2026-27: बायोफार्मा शक्ति ₹10,000 करोड़; भारी उद्योग में CCUS के लिए ₹20,000 करोड़

बायोफार्मा शक्ति ₹10,000 करोड़ वैश्विक बायोमैन्युफैक्चरिंग हब; 5 औद्योगिक क्षेत्रों में CCUS ₹20,000 करोड़।

PIB आधिकारिक

pib.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • Biopharma SHAKTI (Strategy for Healthcare Advancement through Knowledge, Technology, and Innovation) — जैव विनिर्माण केंद्र के लिए 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ आवंटित।
  • यह योजना कैंसर, मधुमेह और ऑटोइम्यून विकारों के लिए biologics और biosimilars के घरेलू उत्पादन को समर्थन देती है।
  • 3 नए NIPER स्थापित किए जाएंगे, 7 मौजूदा को उन्नत किया जाएगा, और 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त नैदानिक परीक्षण स्थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा।
  • CCUS के लिए 5 औद्योगिक क्षेत्रों — बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी और रसायन — में ₹20,000 करोड़ आवंटित किए गए।
  • परमाणु ऊर्जा को 2035 तक सीमा शुल्क छूट दी गई; छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में निजी भागीदारी के लिए रास्ता खोला गया।

केंद्रीय बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति (SHAKTI) की घोषणा — ₹10,000 करोड़ पांच वर्षों में — भारत को वैश्विक बायोमैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए। योजना कैंसर, मधुमेह, ऑटोइम्यून रोगों के लिए बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन, 3 नए NIPER, 7 मौजूदा के उन्नयन और 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का समर्थन करेगी।

अलग से, पांच औद्योगिक क्षेत्रों — बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी और रसायन — में CCUS के लिए ₹20,000 करोड़ आवंटित, जो दिसंबर 2025 के राष्ट्रीय CCUS रोडमैप और नेट जीरो 2070 रणनीति के अनुरूप। परमाणु ऊर्जा को 2035 तक सीमा शुल्क छूट विस्तारित; लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों में निजी भागीदारी का द्वार खोला गया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 केंद्रीय बजट 2026-27 में बायोफार्मा शक्ति योजना क्या है?

बायोफार्मा शक्ति केंद्रीय बजट 2026-27 में 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ घोषित हुई। यह कैंसर, मधुमेह और ऑटोइम्यून विकारों के लिए जैव-दवाओं के घरेलू उत्पादन, 3 नए NIPER की स्थापना, 7 मौजूदा का उन्नयन और 1,000+ मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखती है।

2 बजट 2026-27 में कार्बन कैप्चर (CCUS) के लिए कितना आवंटन किया गया है?

केंद्रीय बजट 2026-27 में 5 औद्योगिक क्षेत्रों — बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी और रसायन — में CCUS के लिए ₹20,000 करोड़ आवंटित किए गए। यह दिसंबर 2025 के राष्ट्रीय CCUS रोडमैप और नेट जीरो 2070 रणनीति के अनुरूप है।

3 बायोफार्मा शक्ति योजना के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

बायोफार्मा शक्ति भारत को वैश्विक बायोमैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य रखती है। इसमें गैर-संचारी रोगों के लिए जैव-दवाओं का घरेलू उत्पादन; 3 नए NIPER और 7 मौजूदा का उन्नयन; 1,000+ मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट; और CDSCO को मजबूत करना शामिल है।

4 बजट 2026-27 में परमाणु ऊर्जा के लिए क्या प्रावधान हैं?

बजट 2026-27 ने परमाणु ऊर्जा के लिए सीमा शुल्क छूट 2035 तक विस्तारित की और लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) में निजी भागीदारी का द्वार खोला। परमाणु ऊर्जा मिशन के तहत SMR विकास के लिए ₹20,000 करोड़ भी आवंटित किए गए।

5 CCUS के तहत बजट 2026-27 में कौन से 5 औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं?

₹20,000 करोड़ के CCUS आवंटन में बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी और रसायन क्षेत्र शामिल हैं। यह भारत के दिसंबर 2025 के राष्ट्रीय CCUS रोडमैप और नेट जीरो 2070 प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण

RAS मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्रश्न: भारत के स्वास्थ्य नवाचार एवं शुद्ध शून्य 2070 प्रतिबद्धता के चालक के रूप में बजट 2026-27 की रणनीतिक आवंटन — बायोफार्मा शक्ति व सीसीयूएस — का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय बजट 2026-27 ने जैवविनिर्माण हेतु बायोफार्मा शक्ति को पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये दिए; 3 नए एनआईपीईआर स्थापित, 7 उन्नत किए जाएंगे। बिजली, इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी व रसायन क्षेत्रों में सीसीयूएस हेतु 20,000 करोड़ रुपये, शुद्ध शून्य 2070 लक्ष्य से संरेखित; नाभिकीय सीमा-शुल्क छूट 2035 तक विस्तारित।

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केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के विकास हेतु सरकार का भविष्योन्मुखी रोडमैप क्या है?

संबंध: दोनों नाभिकीय/ऊर्जा संक्रमण हेतु केंद्रीय बजट प्रावधानों से संबंधित; बजट 2026-27 नाभिकीय सीमा-शुल्क छूट 2035 तक विस्तारित करता व सीसीयूएस का वित्तपोषण करता है।

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