सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
मुख्य बिंदु
UNFCCC (संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन)
- 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन में हस्ताक्षरित, 1994 में लागू हुआ
- 196 पक्षकारों के साथ मूलभूत अंतर्राष्ट्रीय जलवायु संधि
- मुख्यालय: बॉन, जर्मनी
- वार्षिक COP (पक्षकार सम्मेलन) इसका सर्वोच्च निर्णय-निर्माण निकाय है
पेरिस समझौता (COP21, दिसंबर 2015, पेरिस)
- सभी पक्षकारों के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि
- पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2°C से काफी नीचे वैश्विक तापन सीमित करने की प्रतिबद्धता
- 1.5°C तक सीमित करने के प्रयास जारी रखना
- 4 नवंबर 2016 को लागू हुआ (196 पक्षकारों ने अनुसमर्थन किया)
NDC (राष्ट्रीय निर्धारित योगदान)
- प्रत्येक देश अपनी जलवायु कार्य योजना प्रस्तुत करता है — "बॉटम-अप" दृष्टिकोण
- हर 5 वर्ष में प्रस्तुत करना आवश्यक (2020, 2025, 2030...)
- भारत का 2022 अद्यतन NDC: 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से 50% संचयी बिजली उत्पादन
- 2030 तक GDP की उत्सर्जन तीव्रता में 45% कमी (2005 आधार वर्ष से)
COP28 (दुबई, UAE, नवंबर–दिसंबर 2023)
- पहला वैश्विक जायजा पूरा हुआ — पाया कि विश्व 1.5°C लक्ष्य पर "पटरी पर नहीं" है
- ऐतिहासिक "जीवाश्म ईंधन से दूर संक्रमण" भाषा स्वीकृत ("चरणबद्ध समाप्ति" नहीं)
- हानि और क्षति कोष चालू — पहले दौर में $475 मिलियन का वचनबद्धता
- UAE के Sultan Al Jaber ने COP28 की अध्यक्षता की
COP29 (बाकू, अज़रबैजान, नवंबर 2024)
- नया सामूहिक परिमाणात्मक लक्ष्य (NCQG) पर सहमति
- विकसित देशों से विकासशील देशों को 2035 तक $300 बिलियन प्रति वर्ष
- मौजूदा $100 बिलियन वचनबद्धता के अतिरिक्त
- भारत ने $1 ट्रिलियन न्यूनतम सीमा के लिए जोरदार मांग की
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)
- भारत और फ्रांस द्वारा COP21 (पेरिस, 2015) में सह-स्थापित
- मुख्यालय: गुरुग्राम, भारत; 120 सदस्य देश
- लक्ष्य: 2030 तक $1 ट्रिलियन सौर निवेश जुटाना
- उद्देश्य: 1,000 GW सौर क्षमता वैश्विक स्तर पर तैनात करना
- भारतीय धरती पर मुख्यालय वाला पहला अंतर-सरकारी संगठन
