सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन
4.1 स्थापना और संरचना
अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसोइस ओलांद ने पेरिस COP21 में 30 नवंबर 2015 को संयुक्त रूप से घोषित किया — उसी दिन जब पेरिस समझौते की वार्ता चल रही थी।
प्रमुख विशेषताएँ
- फ्रेमवर्क समझौते पर नवंबर 2016 में हस्ताक्षर (संधि बनी)
- शुरुआत में "पूर्णतः या आंशिक रूप से उष्णकटिबंधीय" देशों तक सीमित; 2020 में संशोधित कर सभी UNFCCC सदस्य देशों को शामिल किया
- मुख्यालय: ग्वाल पहाड़ी, गुरुग्राम, हरियाणा, भारत — TERI उन्नत अध्ययन विद्यालय परिसर में
- स्थिति: भारतीय धरती पर मुख्यालय वाला पहला अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन
- सदस्य: 120 हस्ताक्षरकर्ता देश (2024 तक) जिनमें USA, UK, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और अधिकांश अफ्रीकी, एशियाई, प्रशांत द्वीपीय देश
- महानिदेशक: अजय माथुर (2023 से)
4.2 ISA का मिशन और लक्ष्य
दृष्टि: "सभी के लिए सूर्य की ऊर्जा"
मिशन: 2030 तक $1 ट्रिलियन से अधिक निवेश जुटाना और सभी को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना।
परिमाणात्मक लक्ष्य (ISA फ्रेमवर्क, 2021 संशोधन)
- 2030 तक वैश्विक स्तर पर 1,000 GW सौर क्षमता
- 2030 तक $1 ट्रिलियन सौर निवेश
- एकत्रित मांग के माध्यम से वैश्विक सौर ऊर्जा की लागत कम करना
ISA कार्यक्रम
| कार्यक्रम | फोकस |
|---|---|
| Solarise Health | विकासशील देशों में सौर-संचालित स्वास्थ्य सुविधाएँ |
| Solarise Agriculture | सौर सिंचाई पंप, कोल्ड चेन |
| Solarise Education | विद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में सौर ऊर्जा |
| ISA World Solar Bank | $1 ट्रिलियन जुटाना; सौर परियोजनाओं के लिए कम लागत वित्तपोषण |
| Solar Technology Application Resource Centre (STARC) | प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और क्षमता निर्माण |
| OSOWOG (एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड) | समय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा साझा करने के लिए अंतर-राष्ट्रीय सौर ग्रिड |
4.3 OSOWOG — एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड
OSOWOG भारत की महत्वाकांक्षी अवधारणा (COP26 2021 में घोषित) है — एक परस्पर जुड़ा वैश्विक सौर ग्रिड बनाना जो देशों और समय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा स्थानांतरित करे — "सूर्य हमेशा कहीं न कहीं चमकता है।"
OSOWOG के तीन चरण
- चरण 1: भारत–मध्य पूर्व–दक्षिण पूर्व एशिया ग्रिड कनेक्ट करना
- चरण 2: अफ्रीका और यूरोप तक विस्तार
- चरण 3: वैश्विक ग्रिड
यह ISA, भारत, UK (COP26 में सह-अध्यक्ष) और विश्व बैंक का संयुक्त प्रयास है।
भू-राजनीतिक महत्व
OSOWOG भारत को भौगोलिक लाभ के कारण सौर ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करता है। यह जीवाश्म ईंधन निर्भरता के विकल्प के रूप में ऊर्जा अंतर्निर्भरता बनाता है, वैश्विक दक्षिण में भारत की सॉफ्ट पावर मजबूत करता है।
4.4 भारत और विश्व के लिए ISA का महत्व
भारत के लिए
- सॉफ्ट पावर: भारत में ISA मुख्यालय भारत को वैश्विक दक्षिण का जलवायु नेता बनाता है
- ऊर्जा सुरक्षा: भारतीय सौर परियोजनाओं के लिए ISA वित्तपोषण
- औद्योगिक अवसर: भारत प्रमुख सौर पैनल निर्माता (सौर मॉड्यूल के लिए PLI योजना); ISA सदस्य देशों को निर्यात
- G20 अध्यक्षता 2023 ने ISA के विस्तार को चैंपियन किया
विकासशील देशों के लिए
- कम लागत सौर वित्त तक पहुँच (प्रस्तावित $10 बिलियन प्रारंभिक पूंजी के साथ World Solar Bank)
- विकसित सौर बाजारों (जर्मनी, US, चीन) से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण
- ऊर्जा गरीबी कम करना — वैश्विक स्तर पर 1 बिलियन+ लोगों को बिजली नहीं
ISA के संदर्भ में भारत की सौर प्रगति
- स्थापित सौर: 90+ GW (2024–25) — 2030 तक 280 GW सौर लक्ष्य
- राजस्थान भारत के सौर में अग्रणी: 18,000+ MW स्थापित; भड़ला सौर पार्क (विश्व का दूसरा सबसे बड़ा, 2,245 MW) जोधपुर जिले में
- भारत में सौर उत्पादन लागत: ₹2.50/यूनिट — विश्व में सबसे सस्ती में से
