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ASEAN एवं भारत की एक्ट ईस्ट नीति
4.1 ASEAN अवलोकन
स्थापना और सदस्यता
ASEAN की स्थापना 8 अगस्त 1967 को Bangkok Declaration के माध्यम से हुई। 5 संस्थापक सदस्य थे: Indonesia, Malaysia, Philippines, Singapore और Thailand। बाद में 10 सदस्यों तक विस्तार हुआ; Timor-Leste सदस्यता चाहने वाला पर्यवेक्षक है।
ASEAN Way — मूल सिद्धांत:
- सहमति-आधारित निर्णय (कोई बहुमत मतदान नहीं)
- आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप
- विवादों का शांतिपूर्ण समाधान
- क्षेत्रीय लचीलापन (समुदाय-स्तरीय एकजुटता)
ASEAN संरचनाएं और मंच
- ASEAN Summit (वार्षिक): शासनाध्यक्ष
- ASEAN+3: ASEAN + China, Japan, South Korea
- East Asia Summit (EAS): 18 सदस्य जिनमें India, अमेरिका, Russia, Australia शामिल
- ASEAN Regional Forum (ARF): सुरक्षा संवाद; 27 सदस्य जिनमें India शामिल
- ASEAN Defence Ministers Meeting Plus (ADMM+): रक्षा सहयोग
ASEAN Community (2015): तीन स्तंभ — ASEAN Political-Security Community, ASEAN Economic Community, ASEAN Socio-Cultural Community।
4.2 भारत-ASEAN संबंध
भारत-ASEAN संबंध को 2022 में Comprehensive Strategic Partnership तक उन्नत किया गया। भारत-ASEAN FTA (वस्तुएं) 2010 से लागू; सेवाएं और निवेश FTA 2015 से। 2023 में वस्तुओं के FTA की समीक्षा शुरू — भारत व्यापार असंतुलन को ठीक करना चाहता है।
व्यापार और संपर्क:
- कुल व्यापार: $130+ अरब (2023) — भारत इंजीनियरिंग वस्तुएं, फार्मा, कपास निर्यात करता है; इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी आयात करता है
- BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative): India को Bangladesh, Myanmar, Sri Lanka, Nepal, Bhutan, Thailand से जोड़ने वाला वैकल्पिक दक्षिण-दक्षिणपूर्व एशिया मंच
- Mekong-Ganga Cooperation (MGC): India + 5 ASEAN Mekong राज्य (Thailand, Vietnam, Cambodia, Laos, Myanmar) पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा के लिए
