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मुख्य बिंदु
विदेश नीति के संवैधानिक निर्धारक तत्व
- भारत की विदेश नीति अनुच्छेद 51 DPSP (पाँच निर्देश) पर आधारित है
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का संवर्धन
- राष्ट्रों के बीच न्यायपूर्ण और सम्मानजनक संबंधों का रखरखाव
- अंतर्राष्ट्रीय विधि और संधि-दायित्वों के प्रति आदर
- अंतर्राष्ट्रीय विवादों का मध्यस्थता द्वारा निपटान
विदेश नीति के प्रमुख निर्धारक तत्व
- भूगोल: हिमालय, हिंद महासागर — सामरिक स्थिति
- इतिहास: उपनिवेशवाद-विरोध, NAM, पंचशील
- आर्थिक: ऊर्जा निर्भरता, व्यापार हित, प्रेषण
- सुरक्षा: पाकिस्तान (आतंकवाद), चीन (LAC), परमाणु निरोध
- राष्ट्रीय पहचान: "विश्वगुरु", "ग्लोबल साउथ का नेता", "विश्वमित्र"
प्रमुख सिद्धांत
- पंचशील (1954): 5 सह-अस्तित्व सिद्धांत — India-China
- गुटनिरपेक्षता: ब्लॉकों से दूरी (NAM, 1961)
- सामरिक स्वायत्तता: बहु-ध्रुवीय विश्व में स्वतंत्र नीति
- Neighbourhood First: पड़ोस को प्राथमिकता (मोदी, 2014)
- Act East: ASEAN-पूर्वी एशिया के साथ रणनीतिक जुड़ाव (2014-)
भारत की परमाणु नीति
- No First Use (NFU): पहले परमाणु प्रहार न करने की नीति
- Minimum Credible Deterrence: न्यूनतम विश्वसनीय निरोधक क्षमता
- India-US Civil Nuclear Agreement (2008): "123 समझौता"
- NSG सदस्यता के लिए भारत के प्रयास जारी
भारत की बहुपक्षीय नीति
- UNSC में स्थायी सदस्यता (P5+1) के लिए दावेदारी
- BRICS, SCO, QUAD, I2U2 जैसे समूहों में सक्रिय भागीदारी
- G20 अध्यक्षता (2022-23): "वसुधैव कुटुम्बकम" थीम
