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राजव्यवस्था, शासन एवं समसामयिकी

परिचय एवं निर्धारक

भारतीय विदेश नीति: निर्धारक, प्रमुख शक्तियाँ, पड़ोसी, प्रवासी एवं सांस्कृतिक कूटनीति

पेपर III · इकाई 1 अनुभाग 2 / 11 0 PYQ 30 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

परिचय एवं निर्धारक

1.1 वैचारिक ढांचा

विदेश नीति किसी राज्य द्वारा अन्य राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ संबंधों में अपनाए गए लक्ष्यों, रणनीतियों और कार्यों का समग्र रूप है।

भारत की विदेश नीति के निर्धारक तत्व निम्नलिखित हैं:

संरचनात्मक (स्थायी) कारक:

  • भूगोल: हिमालय श्रृंखला उत्तर में; हिंद महासागर दक्षिण में — प्रभावशाली समुद्री स्थिति
  • इतिहास एवं संस्कृति: उपनिवेशवाद-विरोध; बौद्ध/अहिंसा परंपरा; "वसुधैव कुटुम्बकम" दर्शन
  • राष्ट्रीय शक्ति: जनसंख्या (1.4 अरब), GDP ($3.7 ट्रिलियन), परमाणु क्षमता, सेना

गतिशील (परिवर्तनशील) कारक:

  • आर्थिक हित: ऊर्जा आयात, व्यापार, प्रेषण ($125 अरब)
  • सुरक्षा खतरे: पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद, China के साथ LAC विवाद
  • घरेलू राजनीति: चुनाव, जनमत, संसदीय दबाव

1.2 भारत की विदेश नीति के सिद्धांत

पंचशील (1954): भारत-China के बीच 5 सह-अस्तित्व सिद्धांत —

  1. एक-दूसरे की प्रादेशिक अखंडता और सार्वभौमिकता का सम्मान
  2. अनाक्रमण
  3. एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप
  4. समानता और परस्पर लाभ
  5. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व

गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment): शीत युद्ध के दोनों गुटों से स्वतंत्रता; 1961 में NAM की स्थापना

सामरिक स्वायत्तता: शीत युद्ध के बाद भारत का दृष्टिकोण — किसी भी सैन्य गुट में शामिल हुए बिना सभी शक्तियों के साथ संबंध

1.3 प्रमुख विदेश नीति अभिनेता

  • प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO): नीति निर्माण का केंद्र
  • विदेश मंत्रालय (MEA): क्रियान्वयन
  • NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार): सुरक्षा-आयाम
  • संसद: संधि अनुसमर्थन (सीमित भूमिका)