सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
भारतीय प्रवासी एवं प्रवासी कूटनीति
4.1 पैमाना और संरचना
भारतीय प्रवासी विश्व का सबसे बड़ा है — 110+ देशों में लगभग 3.2 करोड़ भारतीय मूल के लोग।
दो कानूनी श्रेणियाँ:
- NRIs (Non-Resident Indians): भारतीय नागरिक जो विदेश में 182+ दिन रहते हैं
- PIOs (Persons of Indian Origin): भारतीय मूल के विदेशी नागरिक (अब OCI में समाहित)
OCI (Overseas Citizen of India): आजीवन बहु-प्रवेश वीजा; 40 लाख+ धारक
4.2 आर्थिक प्रभाव
- प्रेषण: $125 अरब (2023) — विश्व में सर्वाधिक
- खाड़ी देश: 90 लाख+ NRIs; UAE, Saudi Arabia, Kuwait, Qatar में
- सिलिकॉन वैली: भारतवंशी Fortune 500 CEOs — Google (पिचाई), Microsoft (नडेला), IBM (अरविंद कृष्णा)
4.3 राजनीतिक-कूटनीतिक प्रभाव
- US कांग्रेस: 15+ भारतवंशी सांसद
- UK: PM ऋषि सुनक (2022-24) — India-UK FTA वार्ता तेज
- Mauritius: 68% भारतवंशी जनसंख्या — India का मजबूत सामरिक साझेदार
- Fiji, Suriname, Trinidad: भारतवंशी प्रधानमंत्री/राष्ट्रपति रहे
4.4 संस्थागत ढाँचा
- Pravasi Bharatiya Divas (PBD): 9 जनवरी — वार्षिक सम्मेलन (Mahatma Gandhi की 1915 वापसी)
- Pravasi Bharatiya Samman Award: सर्वोच्च प्रवासी सम्मान
- Know India Programme: युवा प्रवासी भारतीयों के लिए
- MOIA (Ministry of Overseas Indian Affairs): 2016 में MEA में विलीन
4.5 चुनौतियाँ
- GCC में घरेलू कामगारों के अधिकार और संरक्षण
- Brain drain बनाम Brain gain बहस
- विदेशी भारतवंशियों में स्थानीय राजनीतिक तनाव (खालिस्तान, Pakistan-समर्थित आख्यान)
