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4.1 Rajasthan Sampark (हेल्पलाइन 181)
Rajasthan Sampark राज्य का एकीकृत नागरिक शिकायत पोर्टल और कॉल सेंटर है, जो 2013 में Right to Hearing Act ढांचे के तहत शुरू किया गया।
प्रमुख विशेषताएं:
- टोल-फ्री हेल्पलाइन 181: 24×7 कॉल सेंटर; हिंदी और राजस्थानी बोलियों में उपलब्ध; सहायता प्राप्त शिकायत पंजीकरण
- ऑनलाइन पोर्टल: sampark.rajasthan.gov.in — वेब और मोबाइल शिकायत पंजीकरण
- Jan Aadhaar एकीकरण: पहचान सत्यापन और अनुवर्ती के लिए जन आधार संख्या से शिकायतें जुड़ी
- तीन-स्तरीय वृद्धि: शिकायत दर्ज → नामित अधिकारी को अग्रेषित → अपीलीय प्राधिकरण → Rajasthan Sampark HQ
- निपटान लक्ष्य: 21 दिनों में समाधान (Right to Hearing Act प्रावधान)
- पैमाना: वार्षिक 2 करोड़+ शिकायतें दर्ज
दर्ज शिकायतों की श्रेणियां:
- कल्याण योजना वितरण विफलताएं (पेंशन न मिली, राशन न दिया, MGNREGS मजदूरी विलंबित)
- संपत्ति और राजस्व मामले
- कानून और व्यवस्था शिकायतें (पुलिस को अग्रेषित)
- नगरपालिका/पंचायत सेवा शिकायतें
- स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा विफलताएं
4.2 जन सूचना पोर्टल और स्वप्रेरित प्रकटीकरण
जन सूचना पोर्टल (jansoochna.rajasthan.gov.in) — 17 सितंबर 2019 को CM अशोक गेहलोत द्वारा लॉन्च — राजस्थान का हस्ताक्षर शासन पारदर्शिता नवाचार है।
यह क्या करता है:
- नागरिकों द्वारा RTI आवेदन दाखिल किए बिना 100+ योजनाओं पर सरकारी डेटा स्वप्रेरित रूप से प्रकाशित
- 45+ विभाग वास्तविक समय या मासिक-अपडेटेड डेटा योगदान करते हैं
- लाभार्थी सूचियां: किस गांव में कौन किस योजना में नामांकित है
- भुगतान रिकॉर्ड: MGNREGS मजदूरी कब, किसे दी गई
- खनन पट्टा सूचना: किस गांव में कौन सी कंपनी कौन सा खनन पट्टा रखती है
- सरकारी कर्मचारी पदस्थापना: सभी सरकारी शिक्षकों, डॉक्टरों की वर्तमान पदस्थापना
- सरकारी विभागों से जुड़ी न्यायालय मामले की स्थिति
यह नवाचार क्यों है:
पारंपरिक RTI अधिनियम 2005 में नागरिक को विशिष्ट जानकारी के लिए आवेदन दाखिल करना आवश्यक है। जन सूचना इसे उल्टा करता है — सरकार बिना पूछे स्वप्रेरित रूप से प्रकाशित करती है। RTI सिद्धांत में इसे "धारा 4 अनुपालन" (स्वप्रेरित प्रकटीकरण) कहते हैं। अधिकांश सरकारें न्यूनतम अनुपालन करती हैं; जन सूचना इससे बहुत आगे जाता है।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता: जन सूचना को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), Open Government Partnership (OGP), और कई अकादमिक अध्ययनों द्वारा सक्रिय सरकारी पारदर्शिता के विश्व-अग्रणी मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया है।
