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संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
Q1 (5 अंक — 50 शब्द): जन आधार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर (HI): जन आधार राजस्थान की मूलभूत डिजिटल पहचान प्रणाली (जन आधार अधिनियम 2020) है जो 10-अंकीय परिवार पहचान संख्या से 175+ योजनाओं को जोड़ती है। राज्य की 97%+ आबादी (~7.5 करोड़) नामांकित; ₹78,300 करोड़ DBT सुलभ। 18 वर्ष से ऊपर महिला अनिवार्य परिवार मुखिया — महिला सशक्तिकरण का संरचनात्मक प्रावधान।
Q2 (5 अंक — 50 शब्द): राजस्थान के e-Mitra नेटवर्क पर टिप्पणी।
उत्तर (HI): e-Mitra (2004 में शुरू) राजस्थान का कियोस्क-आधारित नागरिक सेवा वितरण नेटवर्क है — 75,000+ कियोस्क, 500+ G2C सेवाएं। जाति/निवास प्रमाण-पत्र, जन आधार नामांकन से लेकर बिजली बिल भुगतान और छात्रवृत्ति आवेदन तक। राष्ट्रीय CSC से पहले शुरू; भारत का सबसे बड़ा राज्य-स्तरीय कियोस्क नेटवर्क।
Q3 (5 अंक — 50 शब्द): जन सूचना पोर्टल क्या है? यह RTI से कैसे अलग है?
उत्तर (HI): जन सूचना पोर्टल (सितम्बर 2019) राजस्थान का स्वप्रेरित सूचना प्रकाशन मंच है — 100+ योजनाओं का MGNREGS भुगतान, लाभार्थी सूची, खनन पट्टे — बिना RTI दाखिल किए। RTI प्रतिक्रियात्मक है (नागरिक मांगे, 30 दिन में उत्तर), Jan Soochna स्वप्रेरित है (सरकार स्वयं प्रकाशित करे)। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पारदर्शिता नवाचार।
Q4 (10 अंक — 150 शब्द): राजस्थान की ई-शासन उपलब्धियों और चुनौतियों का समालोचनात्मक मूल्यांकन करें।
उत्तर (HI): राजस्थान डिजिटल पहचान (जन आधार), नागरिक सेवा (e-Mitra), पारदर्शिता (जन सूचना) और शिकायत निवारण (संपर्क 181) में भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
प्रमुख उपलब्धियां:
- जन आधार: 97%+ आबादी नामांकित; 175+ योजनाएं; ₹78,300 करोड़ DBT; महिला मुखिया प्रावधान।
- e-Mitra: 75,000+ कियोस्क; 500+ सेवाएं; 4 करोड़+ वार्षिक लेन-देन; राष्ट्रीय CSC से पहले।
- जन सूचना पोर्टल: UNDP मान्यता; 100+ योजनाओं का स्वप्रेरित प्रकाशन।
- SSO पोर्टल: 300+ सेवाएं; 1 करोड़+ पंजीकृत नागरिक।
- जयपुर ICCC: 7 शहरी सेवाओं की एकीकृत निगरानी।
चुनौतियां:
- डिजिटल विभाजन: ग्रामीण इंटरनेट 35-40%; महिलाएं, जनजातीय समुदाय बाहर।
- मध्यस्थ शुल्क वसूली: e-Mitra अनाधिकृत शुल्क।
- डेटा गुणवत्ता: जन आधार त्रुटियां; बायोमेट्रिक विफलता।
- BharatNet की अधूरी पहुँच: 2,300+ GP बिना ब्रॉडबैंड।
- साइबर सुरक्षा: केंद्रीकृत डेटाबेस पर खतरा।
निष्कर्ष: शहरी और अर्ध-शहरी राजस्थान को लाभ अधिक; सुदूर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन प्रमुख चुनौती।
Q5 (5 अंक — 50 शब्द): राजस्थान के डिजिटल शासन में DOIT&C की भूमिका।
उत्तर (HI): DOIT&C (सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग) राजस्थान की शीर्ष ई-शासन संस्था है। State Data Centre, RSWAN (सभी कार्यालयों का नेटवर्क), e-Mitra, SSO पोर्टल, जन आधार बैकएंड और IT नीति क्रियान्वयन इसके अधीन। केंद्रीय डिजिटल इंडिया योजनाओं का राज्य में क्रियान्वयन और जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में IT पार्क विकास का समन्वय।
