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नीति नवाचार
5.1 सूचना का अधिकार — राजस्थान अग्रणी
राजस्थान भारत के RTI आंदोलन का जन्मस्थान है। 1990 के दशक में MKSS (मज़दूर किसान शक्ति संगठन) ने भीम गांव (राजसमंद) में जनसुनवाइयां आयोजित कीं जहाँ नागरिक सरकारी व्यय रिकॉर्ड की जांच कर सकते थे।
इस bottom-up जवाबदेही आंदोलन ने ऐतिहासिक परिणाम दिए:
- राजस्थान को भारत का पहला राज्य-स्तरीय RTI कानून पारित करने के लिए प्रेरित किया (1996, राष्ट्रीय कानून से पहले)
- राष्ट्रीय RTI Act, 2005 को प्रेरित किया
- यह सिद्धांत स्थापित किया कि नागरिकों को सार्वजनिक व्यय के बारे में जानकारी का अधिकार है
अरुणा रॉय (MKSS सह-संस्थापक) और निखिल डे को इस शासन नवाचार का श्रेय दिया जाता है, जो अब जवाबदेही का वैश्विक मॉडल है।
5.2 सामाजिक अंकेक्षण — MGNREGS मॉडल
राजस्थान ने MGNREGS के लिए सामाजिक अंकेक्षण मॉडल विकसित किया — समुदाय के सदस्यों द्वारा योजना कार्यान्वयन का स्वतंत्र सत्यापन:
- सामाजिक अंकेक्षण इकाई (SAU) कार्यान्वयन विभाग से स्वतंत्र रूप से संचालित होती है
- SAU ग्रामीणों को रिकॉर्ड पढ़ना, माप सत्यापन, लाभार्थियों का साक्षात्कार प्रशिक्षित करती है
- प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक सामाजिक अंकेक्षण जनसुनवाई — रिकॉर्ड पढ़े जाते हैं, विसंगतियां नोट की जाती हैं
- सामाजिक अंकेक्षण निष्कर्षों पर कार्रवाई MGNREGS दिशानिर्देशों के तहत अनिवार्य है
राजस्थान ने सभी जिलों में SAU का पायलट किया; मॉडल को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय MGNREGS कार्यान्वयन के लिए अपनाया।
5.3 जन सूचना पोर्टल
जन सूचना पोर्टल (jansoochna.rajasthan.gov.in) — सितम्बर 2019 में लॉन्च — 100+ योजनाओं और 45+ विभागों पर स्वप्रेरित सूचना प्रकाशन प्रदान करता है। प्रकाशित डेटा में शामिल है:
- 175+ योजनाओं के लिए लाभार्थी सूचियां
- MGNREGS भुगतान रिकॉर्ड
- PDS दुकान-वार खाद्यान्न डेटा
- सरकारी कर्मचारी पोस्टिंग और स्थानांतरण रिकॉर्ड
- खनन पट्टे की जानकारी
यह स्वप्रेरित पारदर्शिता में एक वैश्विक नवाचार है — RTI के प्रतिक्रियात्मक मॉडल से आगे जाकर नागरिकों के पूछने से पहले डेटा को अनिवार्य रूप से प्रकाशित करना।
