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राजव्यवस्था, शासन एवं समसामयिकी

संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

राजस्थान: लोक नीति-निर्माण, क्रियान्वयन की बाधाएँ

पेपर III · इकाई 1 अनुभाग 8 / 10 0 PYQ 25 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्र1 (5 अंक — 50 शब्द): लोक नीति चक्र के मुख्य चरण क्या हैं? एक राजस्थान योजना पर लागू करें।

उत्तर (HI): लोक नीति चक्र के छह चरण: समस्या पहचान, एजेंडा निर्धारण, नीति निर्माण, अंगीकरण, क्रियान्वयन और मूल्यांकन। MAA योजना पर: समस्या = स्वास्थ्य खर्च का बोझ → एजेंडा = चुनावी वादा → निर्माण = ₹25 लाख पैकेज → अंगीकरण = कैबिनेट → क्रियान्वयन = जन आधार + अस्पताल सूचीबद्धता → मूल्यांकन = 2024-25 में 24 लाख मरीज।


प्र2 (5 अंक — 50 शब्द): राजस्थान के शासन में जन सूचना पोर्टल की क्या भूमिका है?

उत्तर (HI): जन सूचना पोर्टल (सितम्बर 2019) 100+ सरकारी योजनाओं का स्वप्रेरित सूचना प्रकाशन करता है — MGNREGS भुगतान, PDS लाभार्थी सूची, खनन पट्टे, 45+ विभागों की जानकारी। RTI के प्रतिक्रियात्मक मॉडल के विपरीत यह बिना मांगे प्रकाशित करता है — राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पारदर्शिता नवाचार।


प्र3 (10 अंक — 150 शब्द): राजस्थान में कल्याण योजना वितरण में प्रमुख कार्यान्वयन बाधाओं की चर्चा करें। उन्हें कैसे दूर किया जाए?

उत्तर (HI): राजस्थान में व्यापक कल्याण योजना पारिस्थितिकी है — MAA योजना, अन्नपूर्णा रसोई, पालनहार, MGNREGS, जन आधार — उपलब्धियां भी हैं और कार्यान्वयन अंतराल भी।

प्रमुख बाधाएं:

  1. अंतिम मील विफलता: दस्तावेज़ आवश्यकताएं (आधार, जन आधार) हाशिए के लोगों को बाहर करती हैं; ~40 लाख परिवार MAA योजना नामांकन से बाहर।
  2. रिक्तियां और क्षमता: 25-30% रिक्तियां; मौजूदा कर्मियों में डिजिटल कौशल की कमी।
  3. राजकोषीय सीमाएं: राजकोषीय घाटा 4.51% GSDP; राजस्व व्यय 75%+; पूंजीगत व्यय सीमित।
  4. राजनीतिक हस्तक्षेप: ठेकेदार-नेता गठजोड़; हितग्राही सूची में हेरफेर; जवाबदेह अधिकारियों का स्थानांतरण।
  5. भौगोलिक बाधाएं: मरुभूमि और जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और भाषा बाधाएं।

समाधान: सरलीकृत नामांकन (वैकल्पिक दस्तावेज़); रिक्तियों की मिशन-मोड भर्ती; जन सूचना पोर्टल का वास्तविक-समय विस्तार; FRBM अनुपालन; GP-स्तर पर योजना प्रबंधन का विकेंद्रीकरण।


प्र4 (10 अंक — 150 शब्द): शासन नवाचारों — RTI, सामाजिक अंकेक्षण और जन सूचना — में राजस्थान की अग्रणी भूमिका का मूल्यांकन करें।

उत्तर (HI): राजस्थान भारतीय शासन सुधार इतिहास में अनूठा स्थान रखता है जहाँ जमीनी नागरिक समाज आंदोलनों ने राष्ट्रीय नीति नवाचार उत्पन्न किए।

RTI: MKSS (मज़दूर किसान शक्ति संगठन), जो अरुणा रॉय व निखिल डे ने भीम (राजसमंद) में 1990 में स्थापित किया, ने जनसुनवाई के माध्यम से सरकारी व्यय रिकॉर्ड की सार्वजनिक जांच शुरू की। 1996 में भारत का पहला राज्य RTI कानून; 2005 के राष्ट्रीय RTI Act की प्रेरणा।

सामाजिक अंकेक्षण: MKSS ने MGNREGS कार्यों के स्वतंत्र सामुदायिक सत्यापन का मॉडल विकसित किया; राजस्थान के SAU राष्ट्रीय ढांचे का आधार बने।

जन सूचना पोर्टल (2019): RTI के प्रतिक्रियात्मक मॉडल को "प्रोएक्टिव डिस्क्लोजर" में बदला; 100+ योजनाओं का स्वतः प्रकाशन; अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता।

सीमाएं: नवाचार लक्षणों को उजागर करते हैं, कारणों का उन्मूलन नहीं; राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भरता बनी रहती है।

निष्कर्ष: राजस्थान साबित करता है कि नागरिक समाज दबाव और उत्तरदायी सरकार विश्व-स्तरीय शासन नवाचार उत्पन्न कर सकते हैं। चुनौती यह है कि इन नवाचारों को प्रदर्शन तंत्र से नियमित शासन संस्कृति में बदला जाए।