सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
मुख्य बिंदु
प्रथम विधानसभा चुनाव (1952)
- राजस्थान में 1952 में 160 सीटों के साथ प्रथम विधानसभा चुनाव हुआ
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 82 सीटें जीतीं
- जय नारायण व्यास प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री बने
वर्तमान सीट संरचना
- राजस्थान विधानसभा में 200 सीटें हैं; लोकसभा: 25 सीटें; राज्यसभा: 10 सीटें
- 200 विधानसभा सीटों में से 34 SC के लिए और 25 ST समुदायों के लिए आरक्षित हैं
सत्ता-विरोधी प्रवृत्ति
- भारत में अनूठी — 1993 के बाद से प्रत्येक विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल को बिना किसी अपवाद के सत्ता से बाहर कर दिया गया है
- कांग्रेस और BJP दोनों बिना अपवाद हारे हैं
- 2023 चुनाव ने इस प्रवृत्ति की पुष्टि की
2023 विधानसभा चुनाव परिणाम
- BJP ने 115 सीटें जीतीं; कांग्रेस 69 सीटें; BSP 2; निर्दलीय 6; अन्य 8
- कुल मतदान प्रतिशत: 74.13%
- भजनलाल शर्मा 15 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद पर शपथ ग्रहण किए
महिला राजनीतिक भागीदारी
- 2023 चुनाव: 200 में से केवल 24 महिला विधायक (12%) — राष्ट्रीय औसत से कम
- महिला मतदान प्रतिशत (74.28%) ने पुरुषों (73.98%) को पहली बार 2023 में पीछे छोड़ा
जनजातीय (ST) राजनीतिक प्रतिनिधित्व
- राजस्थान में 25 आरक्षित ST सीटें हैं
- भील, मीणा, गरासिया समुदाय उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही और राजसमंद में केंद्रित हैं
- किरोड़ी लाल मीणा एक प्रमुख जनजातीय नेता हैं (BJP)
जाति और चुनावी व्यवहार
- राजपूत, जाट, गुज्जर, OBC, ब्राह्मण और मीणा समुदायों के अलग-अलग चुनावी जुड़ाव हैं
- 2023 में, गुज्जर समुदाय (पारंपरिक रूप से कांग्रेस-समर्थक) में आंतरिक विभाजन देखा गया
- राजपूत समुदाय मुख्यतः BJP के साथ रहा
मतदान प्रतिशत की प्रवृत्ति
- मतदान 1952 में 44.5% से बढ़कर 2023 में 74.1% हो गया
- जनजातीय जिले (बांसवाड़ा, डूंगरपुर) आमतौर पर राज्य औसत से अधिक रहते हैं
1990 के बाद के मुख्यमंत्री
- भैरोंसिंह शेखावत (BJP): 1990–92, 1993–98; उपराष्ट्रपति 2002–07
- अशोक गहलोत (कांग्रेस): 1998–2003, 2008–13, 2018–23
- वसुंधरा राजे (BJP): 2003–08, 2013–18
- भजनलाल शर्मा (BJP): दिसंबर 2023–वर्तमान
NOTA का उपयोग
- 2023 में NOTA को 3.01 लाख मत (0.53%) प्राप्त हुए
- कर्णपुर निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक NOTA मत
- यह सीमांत किंतु बढ़ती विरोध-मतदान प्रवृत्ति का संकेत है
EVM उपयोग और चुनाव सुधार
- राजस्थान ने 2003 चुनावों से EVMs पूर्णतः अपनाई
- VVPAT (मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट पर्ची) 2018 में प्रस्तुत किया गया
- 2023 में चुनिंदा बूथों पर बायोमेट्रिक मतदाता सत्यापन पायलट चलाए गए
राजनीतिक नेतृत्व की शैलियाँ
- सामंती-परंपरागत (रियासत काल)
- करिश्माई नेतृत्व — भैरोंसिंह शेखावत
- तकनीकी-लोकलुभावन — अशोक गहलोत
- संगठनात्मक-कैडर — भजनलाल शर्मा (RSS-BJP कैडर धारा से प्रथम बार CM)
पंचायती राज चुनाव और स्थानीय भागीदारी
- 2020 पंचायती राज चुनावों में 50% आरक्षण के कारण महिलाओं ने कुल पंचायत सीटों का 52.8% जीता
- SC/ST समुदायों को भी जमीनी स्तर पर बढ़ा हुआ प्रतिनिधित्व मिला
