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राजव्यवस्था, शासन एवं समसामयिकी

संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

आंतरिक सुरक्षा: खतरे, बल, एजेंसियाँ, चुनौतियाँ

पेपर III · इकाई 1 अनुभाग 11 / 13 0 PYQ 27 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

संभावित प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्रश्न 1 (5 अंक — 50 शब्द): NIA क्या है? इसकी स्थापना और प्रमुख शक्तियाँ बताइए।

आदर्श उत्तर:

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की स्थापना 26/11 मुंबई हमलों के बाद NIA अधिनियम, 2008 के तहत गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत की केंद्रीय आतंकवाद-रोधी जाँच संस्था के रूप में हुई। प्रमुख शक्तियाँ: (1) अखिल-भारतीय क्षेत्राधिकार — राज्य की सहमति के बिना किसी भी राज्य में अनुसूचित अपराधों (UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम आदि) की जाँच; (2) पूर्व अनुमति के बिना संपत्ति कुर्की; (3) विशेष NIA न्यायालयों में अभियोजन — 95%+ दोषसिद्धि दर। NIA ने 600+ मामले पंजीकृत किए और UAPA के तहत 1,000+ व्यक्तियों को नामित किया।


प्रश्न 2 (5 अंक — 50 शब्द): भारत में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) पर टिप्पणी लिखिए। इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?

आदर्श उत्तर:

वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) 1967 के नक्सलबाड़ी किसान विद्रोह (पश्चिम बंगाल; चारू मजूमदार नेतृत्व) से उत्पन्न हुआ। CPI (माओवादी), 2004 में गठित, "अर्ध-सामंती" भारतीय राज्य के हिंसक उखाड़ की विचारधारा वाला प्राथमिक सशस्त्र समूह है। चरम (2009–10) पर LWE ने 10 राज्यों के 106 जिले प्रभावित किए। 2025 तक, प्रभावित जिले ~18–20 (90% गिरावट) तक कम हो गए — SAMADHAN नीति, CRPF कोबरा, बेहतर सड़क संपर्क, और वन अधिकार अधिनियम क्रियान्वयन से।


प्रश्न 3 (5 अंक — 50 शब्द): UAPA क्या है? 2019 संशोधन का महत्त्व बताइए।

आदर्श उत्तर:

गैरकानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम (UAPA), 1967 भारत का प्राथमिक आतंकवाद-रोधी कानून है, जो आतंकवाद, अलगाववाद और आतंकी गतिविधियों की जाँच और अभियोजन की अनुमति देता है। UAPA के तहत अपराधों में आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक की सज़ा है। 2019 संशोधन ने एक महत्त्वपूर्ण शक्ति जोड़ी: केंद्र सरकार व्यक्तियों को (केवल संगठनों के नहीं) दोषसिद्धि के बिना प्रथम अनुसूची के तहत आतंकवादी घोषित कर सकती है। आलोचकों का तर्क है कि इससे असहमति दब सकती है; समर्थकों का कहना है कि इससे वित्त-प्रदाताओं और भर्तीकर्ताओं पर नज़र रखने में मदद मिलती है जो संगठनात्मक नामांकन से बच जाते हैं।


प्रश्न 4 (10 अंक — 150 शब्द): भारत की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और उन्हें संबोधित करने के संस्थागत तंत्रों की विवेचना कीजिए।

आदर्श उत्तर:

भारत बहुआयामी आंतरिक सुरक्षा चुनौती का सामना करता है जिसके लिए स्तरित संस्थागत प्रतिक्रियाएँ आवश्यक हैं:

वामपंथी उग्रवाद (LWE): एक समय 106 जिले (2009–10) प्रभावित; 2025 तक SAMADHAN नीति से ~18–20 जिलों तक कम — CRPF कोबरा (विशेष जंगल युद्ध इकाइयाँ), NDRF आपदा प्रतिक्रिया, बुनियादी ढाँचा विस्तार (PM ग्राम सड़क योजना), वन अधिकार अधिनियम (2006), और आत्मसमर्पण-पुनर्वास योजनाएँ।

पूर्वोत्तर विद्रोह: ऐतिहासिक रूप से 220+ सशस्त्र समूह; AFSPA (विशेष शक्तियाँ), शांति वार्ता (नागा ढाँचागत समझौता 2015), और विकास हस्तक्षेप के माध्यम से प्रबंधन। ब्रू-रियांग समझौता (2020) ने 37,000 शरणार्थियों को स्थायी रूप से पुनर्वास किया। मणिपुर जातीय संकट (2023) — मेईतेई-कुकी-ज़ो संघर्ष में 200+ मारे गए — लगातार चुनौती दर्शाता है।

J&K आतंकवाद: अनुच्छेद 370 उन्मूलन (2019) के बाद आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी। लेकिन हाइब्रिड आतंकवाद (स्थानीय नागरिक भर्ती) और सीमापार अवसंरचना जारी। ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) — पहलगाम हमले (26 मारे गए) के बाद 9 पाकिस्तानी आतंकी शिविरों पर सटीक हमले — 2019 बालाकोट हमलों के बाद भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण आतंकवाद-रोधी कार्रवाई।

साइबर खतरे: AIIMS दिल्ली रैनसमवेयर (2022 — 5 दिन सर्वर ठप) और पावर ग्रिड में चीनी APT घुसपैठ महत्त्वपूर्ण अवसंरचना की कमज़ोरी दर्शाते हैं। CERT-In (6-घंटे रिपोर्टिंग आदेश) और NCIIPC (महत्त्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा) प्राथमिक एजेंसियाँ हैं।

संस्थागत तंत्र: NIA (केंद्रीय जाँच एजेंसी — NIA अधिनियम 2008), CAPFs (CRPF 3.25 लाख, BSF 2.65 लाख), IB के नेतृत्व में बहु-एजेंसी केंद्र (MAC), NSG हब (26/11 के बाद 5 शहर), और UAPA प्राथमिक कानूनी ढाँचे के रूप में।

चुनौती: पुलिस अधिनियम 1861 (औपनिवेशिक) अभी भी राज्य पुलिस को नियंत्रित करता है; पुलिस सुधारों पर प्रकाश सिंह SC निर्देश (2006) अधूरे लागू।


प्रश्न 5 (5 अंक — 50 शब्द): ऑपरेशन सिंदूर क्या है? भारत की आतंकवाद-रोधी नीति के लिए इसका महत्त्व बताइए।

आदर्श उत्तर:

ऑपरेशन सिंदूर (7 मई 2025) भारत का सटीक सैन्य अभियान था जिसने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी अवसंरचना स्थलों को लक्षित किया — JeM मुख्यालय (बहावलपुर) और LeT सुविधा (मुजफ्फराबाद के पास) सहित — पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल 2025) के जवाब में जिसमें 26 पर्यटक मारे गए। भारतीय वायुसेना और थलसेना द्वारा सटीक-निर्देशित गोलाबारी से संचालित, पाकिस्तानी सैन्य लक्ष्यों से बचते हुए। महत्त्व: भारत की सक्रिय आतंकवाद-रोधी नीति दर्शाता है — आतंकवादियों को सीमाओं की परवाह किए बिना परिणाम भोगने होंगे; 2019 बालाकोट हमलों के बाद दूसरा बड़ा सीमापार अभियान।


प्रश्न 6 (5 अंक — 50 शब्द): CRPF, BSF, और NSG में अंतर बताइए — उनकी भूमिका और तैनाती।

आदर्श उत्तर:

CRPF (1939 स्था.): भारत का सबसे बड़ा CAPF (~3.25 लाख); आंतरिक सुरक्षा — LWE क्षेत्र (कोबरा), J&K (आतंकवाद-विरोधी), चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात। BSF (1965 स्था.): भारत-पाकिस्तान (3,323 किमी) और भारत-बांग्लादेश (4,156 किमी) सीमाओं की रक्षा; घुसपैठ-रोधी और तस्करी-रोधी; J&K में आतंकवाद-विरोधी में भी। NSG (1984 स्था.): अभिजात ब्लैक कैट कमांडो; विशेष शहरी आतंकवाद-रोधी, विमान-अपहरण विरोधी, VIP सुरक्षा; त्वरित तैनाती के लिए 5 शहरों में NSG हब।