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राजव्यवस्था, शासन एवं समसामयिकी

वामपंथी उग्रवाद / नक्सलवाद

आंतरिक सुरक्षा: खतरे, बल, एजेंसियाँ, चुनौतियाँ

पेपर III · इकाई 1 अनुभाग 3 / 13 0 PYQ 27 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

वामपंथी उग्रवाद / नक्सलवाद

2.1 उत्पत्ति और विचारधारा

नक्सलवाद का नाम नक्सलबाड़ी गाँव (दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल) से पड़ा, जहाँ 1967 में चारू मजूमदार और कानू सान्याल के नेतृत्व में ज़मींदारी उत्पीड़न के विरुद्ध किसान विद्रोह हुआ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [CPI-ML] 1969 में गठित हुई, जो माओ जेदोंग के सशस्त्र किसान क्रांति के मॉडल का समर्थन करती थी।

दशकों में आंदोलन विखंडित और पुनर्एकीकृत होता रहा। CPI (माओवादी) — 2004 में CPI-ML (पीपुल्स वार) और माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर (MCC) के विलय से गठित — प्रमुख सशस्त्र नक्सल संगठन बना। इसमें राजनीतिक विंग, सैन्य विंग (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी — PLGA) और जन मोर्चा है।

वैचारिक आधार

  • "अर्ध-औपनिवेशिक, अर्ध-सामंती" भारतीय राज्य को निशाना बनाने वाली मार्क्सवादी-लेनिनवादी-माओवादी विचारधारा
  • "नई जनवादी क्रांति" के लिए हिंसक तरीकों की पक्षधर; संसदीय लोकतंत्र को "जन युद्ध" द्वारा उखाड़ फेंकने का एक दिखावा मानती है

सामाजिक आधार

  • वन-निवासी जनजातीय समुदाय (आदिवासी) जो खनन और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं से भूमि अलगाव और विस्थापन का सामना कर रहे हैं
  • औपनिवेशिक वन कानूनों के तहत वन अधिकारों से वंचित
  • शिकारी महाजनी और श्रम शोषण का अनुभव

2.2 भौगोलिक विस्तार और गिरावट

चरम पर रेड कॉरिडोर (2009–2010):

  • प्रभावित जिले: 10 राज्यों में 106
  • हिंसा की घटनाएँ: प्रति वर्ष 1,226 (2010)
  • सर्वाधिक प्रभावित राज्य: छत्तीसगढ़ (बस्तर क्षेत्र), झारखंड, ओडिशा (मलकानगिरि, कोरापुट), आंध्र प्रदेश (नल्लामाला वन), महाराष्ट्र (गड़चिरोली), बिहार, पश्चिम बंगाल

2025 की स्थिति:

  • प्रभावित जिले: 18–20 (106 से — 80% से अधिक कमी)
  • हिंसा की घटनाएँ: ~200 प्रति वर्ष
  • शेष मुख्य क्षेत्र: छत्तीसगढ़ (बस्तर — दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर)

गिरावट के कारण

  1. सुरक्षा अभियान: CRPF कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन), ग्रेहाउंड (आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष इकाई), और डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड ने सामरिक क्षमता बढ़ाई
  2. आत्मसमर्पण और पुनर्वास: SAMADHAN नीति; राज्य पुनर्वास योजनाएँ; आर्थिक प्रोत्साहन
  3. विकास: सड़क संपर्क (LWE क्षेत्रों में PM ग्राम सड़क योजना), बैंकिंग, शिक्षा
  4. जनजातीय अधिकार: वन अधिकार अधिनियम 2006, PESA 1996 क्रियान्वयन जनजातियों को औपचारिक भूमि अधिकार देते हैं
  5. आंतरिक संघर्ष: वैचारिक विभाजन, नेतृत्व उन्मूलन ने संगठनात्मक क्षमता घटाई

मुख्य सरकारी नीति: SAMADHAN सिद्धांत (स्मार्ट नेतृत्व, आक्रामक रणनीति, प्रेरणा और प्रशिक्षण, कार्ययोग्य खुफिया, डैशबोर्ड-आधारित KPIs, प्रौद्योगिकी का उपयोग, प्रत्येक मोर्चे के लिए कार्य योजना, वित्तपोषण तक पहुँच नहीं):