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आंतरिक सुरक्षा के प्रमुख कानून
6.1 UAPA (गैरकानूनी गतिविधियाँ निवारण अधिनियम)
गैरकानूनी गतिविधियाँ (निवारण) अधिनियम, 1967 भारत का प्राथमिक आतंकवाद-रोधी और अलगाववाद-रोधी कानून है। मुख्य प्रावधान:
- धारा 15: आतंकवादी कार्य की परिभाषा — भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा, या आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालने या जनता में आतंक फैलाने के उद्देश्य से हिंसा/संपत्ति नुकसान
- धारा 16–18: आतंकवादी कार्य करने/सुगम बनाने/षड्यंत्र करने के अपराध — आजीवन कारावास या मृत्युदंड (जहाँ कार्यों से मृत्यु हो)
- धारा 35–36: संगठनों को आतंकवादी संगठन (अनुसूची IV) घोषित करने की शक्ति
- 2019 संशोधन — धारा 35(1)(a): व्यक्तियों को आतंकवादी (प्रथम अनुसूची) घोषित करने की शक्ति — बिना मुकदमे के
UAPA के तहत प्रमुख नामित संगठन
लश्कर-ए-तोइबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन, अल-कायदा, ISIS, SIMI (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया), CPI (माओवादी), ULFA (I), NSCN (K-YA), बब्बर खालसा इंटरनेशनल।
विवाद
- UAPA के तहत ज़मानत लगभग असंभव है (SC ने NIA बनाम जाहूर अहमद शाह वटाली (2019) में माना कि ज़मानत तब तक न दी जाए जब तक न्यायालय संतुष्ट न हो कि आरोप प्रथम दृष्टया सत्य नहीं)
- 2019 व्यक्तिगत नामित प्रावधान मसूद अज़हर, हाफिज सईद के विरुद्ध उपयोग किया गया (अंतर्राष्ट्रीय नामांकन) लेकिन आलोचकों का कहना है कि इसका देश में दुरुपयोग हो सकता है
- नागरिक समाज कार्यकर्ताओं के विरुद्ध UAPA मामले (भीमा कोरेगाँव केस, हाथरस केस) — सर्वोच्च न्यायालय की जाँच
6.2 अन्य प्रमुख आंतरिक सुरक्षा कानून
| कानून | वर्ष | उद्देश्य |
|---|---|---|
| AFSPA (सशस्त्र बल विशेष शक्तियाँ अधिनियम) | 1958 | अशांत क्षेत्रों में सेना/CAPFs को विशेष शक्तियाँ |
| NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) | 1980 | सुरक्षा कारणों से निवारक निरोध — 12 माह तक |
| MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) | 1999 | संगठित अपराध नियंत्रण (महाराष्ट्र + कुछ अन्य राज्य) |
| NIA अधिनियम | 2008 | NIA की स्थापना और शक्तियाँ |
| IT अधिनियम 2000 (धारा 66F) | 2008 | साइबर आतंकवाद (2008 संशोधन द्वारा जोड़ा गया) |
| आपदा प्रबंधन अधिनियम | 2005 | NDMA, NDRF की स्थापना |
| विस्फोटक पदार्थ अधिनियम | 1908 | IED से संबंधित अपराध (NIA जाँच करती है) |
