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भारत निर्वाचन आयोग
3.1 संवैधानिक और कानूनी स्थिति
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) संविधान के Article 324 के तहत स्थापित है:
"इस संविधान के तहत संसद और प्रत्येक राज्य के विधानमंडल के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी का तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों पर चुनावों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण एक आयोग (इस संविधान में निर्वाचन आयोग के रूप में उल्लिखित) में निहित होगा।"
संरचना: मूलतः एकल सदस्यीय आयोग के रूप में परिकल्पित। 1989 में 3 सदस्यों (CEC + 2 ECs) तक विस्तारित; यह संरचना तब से अपरिवर्तित है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम 2023 ने केवल नियुक्ति प्रक्रिया बदली — संरचना नहीं।
कार्यकाल की सुरक्षा और हटाने की प्रक्रिया:
- CEC को केवल राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की समान प्रक्रिया से हटाया जा सकता है — प्रत्येक सदन द्वारा कुल सदस्यता के बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले 2/3 सदस्यों के समर्थन से पारित संबोधन
- EC को CEC की सिफारिश पर हटाया जा सकता है
बजट: भारत के समेकित निधि से आहरित — SC की तरह — सरकारी नियंत्रण से वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हुए।
3.2 शक्तियाँ और कार्य
मतदाता सूचियों की तैयारी: ECI मतदाता सूची के आवधिक पुनरीक्षण का अधीक्षण करती है। 18 वर्ष की आयु में मतदाता पंजीकरण अनिवार्य है। प्रवासी भारतीय अपने मूल निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
चुनाव कार्यक्रम: ECI चुनाव तिथियाँ, चरण और MCC आवेदन तिथियाँ घोषित करती है। यह मतदान केंद्रों की स्थानीयता निर्धारित करती है।
आदर्श आचार संहिता (MCC) — चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से मतगणना तक लागू। प्रमुख प्रतिबंध:
- सरकार द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने वाली नई नीतिगत घोषणाएँ नहीं
- प्रचार उद्देश्यों के लिए सरकारी वाहन, विमान या तंत्र का उपयोग नहीं
- प्रचार बैठकों के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक
- भुगतान किए गए राजनीतिक विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन आवश्यक
उम्मीदवार पंजीकरण: दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने, सुरक्षा जमा राशि (LS सामान्य के लिए ₹25,000; SC/ST के लिए ₹12,500) का भुगतान करने और संपत्ति, देनदारियों, आपराधिक मामलों तथा शैक्षिक योग्यता का खुलासा करने वाले शपथ-पत्र जमा करने होते हैं।
पर्यवेक्षक तैनाती: ECI सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सामान्य पर्यवेक्षक, पुलिस पर्यवेक्षक और व्यय पर्यवेक्षक तैनात करती है।
मतगणना और घोषणा: ECI रिटर्निंग ऑफिसर स्तर पर मतगणना का अधीक्षण करती है; परिणाम ECI वेबसाइट पर वास्तविक समय में घोषित किए जाते हैं।
3.3 स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की ECI की शक्तियाँ
Article 324 के तहत ECI के पास पूर्ण शक्तियाँ हैं — स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की शक्ति। सर्वोच्च न्यायालय ने इन शक्तियों को लगातार बरकरार रखा है:
- मोहिंदर सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (1978): ECI के पास चुनाव स्थगित करने, पुनर्मतदान का आदेश देने और अधिकारियों को स्थानांतरित करने सहित व्यापक शक्तियाँ हैं
- ECI नियमित रूप से चुनाव से पहले राज्यों में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थानांतरित करती है ताकि प्रशासन के पक्षपातपूर्ण उपयोग को रोका जा सके
- ECI MCC उल्लंघनों के लिए दलों और उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर सकती है, जिसमें मान्यता वापस लेना भी शामिल है
