सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
ई-कोर्ट एवं तकनीकी रूपांतरण
6.1 ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना — तीन चरण
सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति (एक सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में) राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के अंतर्गत भारत के न्यायालय कम्प्यूटरीकरण को संचालित करती है।
| चरण | अवधि | बजट | मुख्य उपलब्धियाँ |
|---|---|---|---|
| चरण I | 2007–2015 | ₹442 करोड़ | 14,249 जिला/अधीनस्थ न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण; 2,500+ न्यायालयों के लिए WAN कनेक्टिविटी |
| चरण II | 2015–2023 | ₹1,670 करोड़ | राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (NJDG); केस मैनेजमेंट सिस्टम; ई-फाइलिंग; वादकारी SMS अलर्ट; इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रियाओं की राष्ट्रीय सेवा और ट्रैकिंग (NSTEP) |
| चरण III | 2023–2027 | ₹7,210 करोड़ | डिजिटल कोर्ट, वर्चुअल सुनवाई अवसंरचना, ICJS (अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली), केस प्रबंधन के लिए AI, कागज़रहित न्यायालय |
6.2 मुख्य ई-कोर्ट अवसंरचना
राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (NJDG):
- सभी न्यायालयों में दर्ज, निर्णीत और लंबित मामलों का वास्तविक समय डेटा
- 18,735+ न्यायालय प्रतिष्ठान शामिल
- नागरिक ऑनलाइन केस स्थिति, तारीखें और निर्णय ट्रैक कर सकते हैं
- 2025 तक: ~4.4 करोड़ मामले जिला न्यायालयों में NJDG पर दृश्यमान
eCourts Services ऐप:
- वादकारियों के लिए केस स्थिति, आदेश और कारण-सूची तक पहुँच हेतु मोबाइल ऐप
- 14 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध
- 1+ करोड़ डाउनलोड
FASTER (Fast and Secured Transmission of Electronic Records):
- सर्वोच्च न्यायालय को जमानत आदेश, स्थगन आदेश और अन्य समय-संवेदनशील आदेश जेलों और पुलिस को डिजिटल रूप से मिनटों में प्रेषित करने में सक्षम बनाता है
- 2021 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक पटना उच्च न्यायालय मामले के बाद शुरू हुआ जहाँ जमानत के बाद संचार में देरी से एक व्यक्ति 2 महीने जेल में रहा
वर्चुअल कोर्ट:
- COVID-19 (मार्च 2020) के दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रारंभ
- यातायात चालान के लिए 24 नामित वर्चुअल कोर्ट इकाइयाँ संचालित
- सभी प्रमुख उच्च न्यायालयों में हाइब्रिड सुनवाई अवसंरचना
- 2025 तक 24+ लाख मामले वर्चुअल/हाइब्रिड माध्यम से सुने गए
ICJS (अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली):
- पुलिस (CCTNS), न्यायालय (eCourts), जेल (ePrisons), अभियोजन और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को जोड़ता है
- ई-कोर्ट चरण III की प्राथमिकता — आपराधिक न्याय श्रृंखला में स्वचालित सूचना प्रवाह सक्षम करता है
