सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन
सरकारिया एवं पंछी आयोग
6.1 Sarkaria Commission (1983–1987)
अध्यक्ष: Justice R.S. Sarkaria
गठन: Rajiv Gandhi सरकार द्वारा
संदर्भ की शर्तें: 1950 के बाद के अनुभव के आलोक में Centre-राज्य संबंधों की जाँच और समीक्षा
प्रमुख सिफारिशें:
| क्षेत्र | सिफारिश |
|---|---|
| Article 356 | अंतिम उपाय के रूप में उपयोग किया जाए; Bommai-प्रकार के उपायों का सख्त पालन; राज्यपाल की रिपोर्ट एकमात्र आधार न हो |
| राज्यपाल की नियुक्ति | राज्य के बाहर का प्रतिष्ठित व्यक्ति हो; हाल का सक्रिय राजनेता न हो; CM से परामर्श किया जाए |
| राज्यपाल का आचरण | निर्वाचित सरकार के हितों के विरुद्ध कार्य न करे; विधेयकों का आरक्षण सीमित उपयोग में हो |
| अंतर्राज्य परिषद | कार्यात्मक बनाई जाए और नियमित बैठकें हों |
| अखिल भारतीय सेवाएँ | बनाए रखी जाएँ और संभवतः विस्तारित की जाएँ |
| Concurrent List पर कानून | Centre, Concurrent List विषयों पर कानून बनाने से पहले राज्यों से परामर्श करे |
| Planning Commission | राज्यों के साथ अधिक सहयोगी रूप से कार्य करे |
6.2 Punchhi Commission (2007–2010)
अध्यक्ष: Justice M.M. Punchhi (पूर्व CJI)
गठन: UPA सरकार (PM Manmohan Singh) द्वारा
फोकस: गठबंधन युग के बाद Centre-राज्य तनाव; आतंकवाद; आपदा प्रबंधन; राज्यपाल की भूमिका
प्रमुख सिफारिशें:
| क्षेत्र | सिफारिश |
|---|---|
| Article 356 | "अंतिम उपाय"; बर्खास्तगी से पहले Floor Test अनिवार्य; "संवैधानिक विफलता" को सटीक रूप से परिभाषित करें |
| राज्यपाल | राज्यपाल नियुक्त करने से पहले CM से परामर्श लिया जाए; राज्यपाल का निश्चित कार्यकाल हो; महाभियोग-जैसी प्रक्रिया से ही हटाया जाए |
| अंतर्राज्य परिषद | संवैधानिक दर्जा दिया जाए; अनिवार्य बैठकें; समर्पित सचिवालय |
| Concurrent List | Centre, Concurrent विषयों पर केवल ढाँचागत कानून बनाए; राज्य विवरण भरें |
| प्राकृतिक संसाधन | राज्यों से निकाले जाने वाले खनिजों पर रॉयल्टी राज्यों के पक्ष में युक्तिसंगत बनाई जाए |
| आपदा प्रबंधन | राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत स्थापित किया जाए; आपदा प्रबंधन के लिए अलग निधि |
| वित्त | उपकर और अधिभार को धीरे-धीरे विभाज्य पूल में शामिल किया जाए |
